✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 8 जून। जिले में आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराने तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री संबंधी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया। यह अभियान नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन नवा रायपुर तथा कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में 4 से 6 जून तक संचालित किया गया।
अभियान के पहले दिन जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स, कॉस्मेटिक दुकानों और श्रृंगार सामग्री विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कॉस्मेटिक उत्पादों के उचित तापमान पर भंडारण, गुणवत्ता मानकों के पालन तथा सामग्री की वैध बिल के माध्यम से खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
दूसरे दिन टीम ने शासकीय चिकित्सालयों में स्थानीय स्तर पर खरीदी जाने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय दस्तावेजों और उनके रखरखाव का निरीक्षण किया। शासकीय चिकित्सालय केंद्रीय भंडार, अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दीपका तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई बाजार में फार्मासिस्टों और स्टोर प्रभारियों को केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से गुणवत्तायुक्त दवाएं खरीदने तथा निर्धारित तापमान पर उनका सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के तीसरे दिन पशु उपचार में उपयोग होने वाली औषधियों की बिक्री और गुणवत्ता की जांच की गई। पेट शॉप, पशु चारा दुकानों और वेटनरी मेडिकल स्टोर्स संचालकों को बिना औषधि अनुज्ञप्ति के पशु दवाओं की बिक्री नहीं करने तथा केवल पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही दवाओं का विक्रय करने की हिदायत दी गई। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम में सहायक औषधि नियंत्रक महेन्द्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, ऋषि साहू एवं वीरेन्द्र भगत शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पशु औषधियों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, स्थानीय स्तर पर खरीदी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों तक सुरक्षित, मानक अनुरूप और गुणवत्तायुक्त औषधियां पहुंचाना है। इसके साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री संबंधी कानूनों के प्रभावी पालन को भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
