कोरबी–सरमा जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 

15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, भारी वाहनों की आवाजाही से बदहाल हुई सड़क, आमजन का चलना हुआ मुश्किल

 

सुशील जायसवाल

कोरबा/कोरबी चोटिया।

 

पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कोरबी से रानी अटारी मार्ग के ,सरमा, से कोरबी तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने और लगातार बढ़ती परेशानियों से तंग आकर ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी-उपरोड़ा मनोज कुमार बंजारे,को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा है। प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क जगह-जगह उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

कोयला परिवहन और भारी वाहनों ने बिगाड़ी सड़क की हालत

 

ज्ञापन में बताया गया है कि इस मार्ग से कोयला परिवहन करने वाले भारी ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। अत्यधिक भार वाले वाहनों के कारण सड़क की सतह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को सड़क का वास्तविक स्वरूप दिखाई नहीं देता और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

 

क्षतिग्रस्त पुलिया बनी खतरे की वजह

 

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के साथ-साथ इस मार्ग की कई पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पुलियों के टूटने और किनारों के कमजोर होने के कारण बड़े वाहनों के साथ-साथ छोटे वाहन चालकों को भी भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में पानी का तेज बहाव पुलियों के ऊपर से गुजरता है, जिससे आवागमन और भी अधिक कठिन एवं जोखिमपूर्ण हो जाता है।

 

एम्बुलेंस और मरीजों को हो रही सबसे अधिक परेशानी

 

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क का सबसे अधिक असर बीमार और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस को जर्जर सड़क पर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार गहरे गड्ढों के कारण एम्बुलेंस की गति बेहद धीमी हो जाती है, जिससे गंभीर मरीजों का समय पर उपचार प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस सड़क की बदहाली से प्रभावित हो रही हैं।

 

यात्री बसें हुई बंद और दोपहिया वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

 

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण यात्रियों से भरी बसें बंद हो रही है और कोयला लोड वाहनों के पलटने का खतरा हमेशा बना रहता है। वहीं दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई लोग इस मार्ग पर चोटिल भी हो चुके हैं। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहन चलाना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।

 

स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा असर

 

कोरबी एवं आसपास के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से स्कूल और कॉलेज आते-जाते हैं। जर्जर सड़क के कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से विद्यार्थियों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार स्कूल पहुंचने में देरी होती है और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

 

ग्रामीणों में बढ़ता जा रहा आक्रोश

 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। लगातार अनदेखी के कारण लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में जनहित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

 

15 दिन की मोहलत, फिर होगा आंदोलन

 

ग्रामीणों ने ज्ञापन में प्रशासन को 15 दिनों का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि के भीतर सड़क मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए। यदि निर्धारित समय में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम जैसे कदम उठाने के लिए विवश होंगे।

 

जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आम जनता की सुरक्षा, विद्यार्थियों की सुविधा, मरीजों की जीवन रक्षा और क्षेत्र के सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए कोरबी–सरमा सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यह केवल सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

 

ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जनपद सदस्य दिपक कुमार. उदय, अश्वनी जायसवाल, अतुल जायसवाल, श्रीकांत जायसवाल, राजेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत में अब और विलंब क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा।