
✍️ भागीरथी यादव
6 से 9 नवम्बर तक होगा आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले — पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई दिशा
जशपुर
छत्तीसगढ़ का हरियाली और पर्वतीय सौंदर्य से भरपूर जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक यहां आयोजित होने वाला ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ प्रदेश और देशभर से आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अनूठा संगम प्रदान करेगा।

🌿 प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव
चार दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल जशपुर की वादियों, झरनों और हरे-भरे जंगलों को उत्साह और उमंग से भर देगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकपर्वों और रोमांचक खेलों का आनंद लेंगे।
🎈 हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच
फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की खूबसूरती को नई ऊँचाई से देख सकेंगे।
🚤 कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से एडवेंचर का अनुभव
एडवेंचर प्रेमियों के लिए कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। झरनों के बीच कयाकिंग और जंगलों में एटीवी चलाने का अनुभव आगंतुकों को रोमांच से भर देगा।
🌲 फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव
प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने जंगलों में पक्षियों की चहचहाहट और फूलों की खुशबू के बीच चलना पर्यटकों को जशपुर की जैव विविधता से जोड़ेगा।
🌌 रात्रि में स्टार गेज़िंग और बोनफायर नाइट्स
रात में खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स होंगे, जहाँ पर्यटक तारों की अद्भुत छटा निहार सकेंगे। हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और गीतों की धुनों से वातावरण जीवंत रहेगा।
🍲 स्थानीय व्यंजन और लोककला प्रदर्शनी
स्थानीय व्यंजनों के विशेष स्टॉल और हस्तशिल्प, लोककला एवं आदिवासी परिधान की प्रदर्शनी इस आयोजन को सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाएगी।
🌐 डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पहचान
देशभर के एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर और ट्रैवल ब्लॉगर इस आयोजन में शामिल होंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और मजबूत होगी।
💬 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का वक्तव्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा —
> “हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा।”
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोलते हैं और छत्तीसगढ़ को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में आगे बढ़ाते हैं।







