
बिलासपुर/बेलगहना :- आमामुड़ा के धोबघाट इलाके में अरपा नदी की रेत का अवैध दोहन बेकाबू हो गया है। दिन-रात ट्रैक्टर और भारी वाहन फॉरेस्ट लैंड से रेत निकाल रहे हैं, जबकि वन विभाग की अनुपस्थिति और निष्क्रियता ने ग्रामीणों में गुस्सा भर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि रतनपुर रेंज के अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के कारण खनन माफियाओं के हौसले बढ़े हुए हैं। पिछले वर्ष जब्त किए गए हाईवा, ट्रैक्टर व पोकलेन कुछ ही दिनों में छोड़ दिए गए, जिससे माफिया फिर सक्रिय हो गए।

अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, आसपास के वन क्षेत्रों पर खतरा मंडरा रहा है और भारी वाहनों से उड़ती धूल ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक घेराव के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि अरपा नदी और पर्यावरण संरक्षण का गंभीर प्रश्न है, जिसे अनदेखा करना भविष्य के लिए भारी नुकसान साबित होगा।






