
✍️ भागीरथी यादव
कोंटा – विकासखंड के मरईगुड़ा वन गांव में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेजी और घरों में रखे सिलेंडरों के फटने की आशंका से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण स्थिति जल्द ही काबू में आ गई और एक बड़ी जनहानि टल गई।

कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम सुभाष शुक्ला के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन टीम ने तुरंत तेलंगाना के भद्राचलम से फायर ब्रिगेड की सहायता बुलाने का निर्णय लिया, जो इस घटना में बेहद निर्णायक साबित हुआ।
तहसीलदार ने मौके पर संभाला मोर्चा
तहसीलदार कोंटा गिरीश निंबालकर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। फायर ब्रिगेड के समय पर पहुंचने और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
मानवीयता के साथ शुरू हुआ राहत कार्य
गनीमत रही कि इस भीषण आग में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित तीनों परिवारों को खाद्यान्न और जरूरी सामग्री वितरित की। साथ ही सुरक्षित अस्थायी आवास की व्यवस्था भी कराई गई।
तत्काल आर्थिक मदद
जिला प्रशासन ने मानवीय आधार पर प्रभावित प्रत्येक परिवार को ₹10,000 की तत्काल सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की।
आगे की प्रक्रिया शुरू
घटना स्थल पर ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है, ताकि नियमानुसार सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ित परिवारों को शीघ्र ही स्थायी राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
मरईगुड़ा में प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए राहत और भरोसे का संदेश दिया है।








