23 जुलाई को पूरे प्रदेश में कांग्रेस का एकदिवसीय ब्लॉक स्तरीय विरोध-प्रदर्शन

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर सभी जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस समितियों को आंदोलन सफल बनाने के निर्देश, छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उठेगी आवाज

 

कोरबा पोड़ी उपरोड़ा।

 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर में 23 जुलाई 2026 को एकदिवसीय ब्लॉक स्तरीय विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस समितियों को इस आंदोलन को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

कांग्रेस संगठन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि हाल ही में नई दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस नेताओं, सांसदों, छात्र संगठनों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में एक साथ विरोध-प्रदर्शन कर केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।

 

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई का विरोध

 

जारी निर्देश में कहा गया है कि नई दिल्ली में हुए घटनाक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं तथा छात्र संगठनों के खिलाफ की गई कार्रवाई की कांग्रेस कड़ी निंदा करती है। पार्टी का कहना है कि ये सभी छात्र-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया।

 

कांग्रेस का आरोप है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है।

 

ब्लॉक स्तर पर होगा व्यापक प्रदर्शन

 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस समितियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करें। आंदोलन में कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठों, विभागों, मोर्चा संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

 

इसके साथ ही छात्रों, युवाओं, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है, ताकि आंदोलन को जनसमर्थन मिल सके।

 

इन प्रमुख मांगों को लेकर होगा आंदोलन

 

प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी निर्देश में विरोध-प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मांगों को उठाने की बात कही गई है—

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग।

 

परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं एवं व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में तत्काल चर्चा कर दोषियों पर कार्रवाई।

 

नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर एवं आपराधिक मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग।

 

 

कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

 

शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलन के निर्देश

 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाए। साथ ही आंदोलन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, मीडिया कवरेज सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।

 

निर्देश में कहा गया है कि कांग्रेस का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना तथा छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों की आवाज बुलंद करना है।

 

छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी

 

कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार इन गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। ऐसे में 23 जुलाई का विरोध-प्रदर्शन छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन होगा।

 

प्रदेशभर में रहेगा आंदोलन का व्यापक असर

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश कांग्रेस द्वारा एक साथ सभी ब्लॉकों में आयोजित किया जा रहा यह विरोध-प्रदर्शन संगठन की शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ छात्र एवं युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास है। कोरबा सहित प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक मुख्यालयों पर एकत्र होकर ज्ञापन सौंपेंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

 

23 जुलाई को होने वाले इस एकदिवसीय आंदोलन को लेकर कांग्रेस संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी जिला एवं ब्लॉक इकाइयों को कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।