शासन से वार्ता विफल — सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन और उग्र होगा
धान खरीदी ऑपरेटर संघ और सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ की हड़ताल 12वें दिन भी जारी, कर्मचारियों में उबाल — शासन के रवैए से नाराज कर्मचारी, हड़ताल पर अडिग बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ की चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 12वें दिन भी जारी रही। प्रदेशभर के कर्मचारी शासन के उदासीन रवैए से नाराज हैं और साफ कहा है कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। — प्रेस क्लब में फूटा कर्मचारियों का आक्रोश गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन केवल आश्वासन दे रहा है, मगर जमीनी स्तर पर कोई पहल नहीं दिख रही। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों और 2739 उपार्जन केंद्रों में करीब 15 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जो हर साल लाखों किसानों को धान खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। फिर भी वर्षों से इन्हें नियमित वेतन, स्थायी नियुक्ति और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। — धान खरीदी ऑपरेटर संघ और सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ की हड़ताल 12वें दिन भी जारी, कर्मचारियों में उबाल — शासन के रवैए से नाराज कर्मचारी, हड़ताल पर अडिग बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ की चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 12वें दिन भी जारी रही। प्रदेशभर के कर्मचारी शासन के उदासीन रवैए से नाराज हैं और साफ कहा है कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। — प्रेस क्लब में फूटा कर्मचारियों का आक्रोश गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन केवल आश्वासन दे रहा है, मगर जमीनी स्तर पर कोई पहल नहीं दिख रही। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों और 2739 उपार्जन केंद्रों में करीब 15 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जो हर साल लाखों किसानों को धान खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। फिर भी वर्षों से इन्हें नियमित वेतन, स्थायी नियुक्ति और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। — चार सूत्रीय मांगें जिन पर टकराव जारी 1️⃣ वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान धान खरीदी में हुई सुखत राशि का तत्काल भुगतान। 2️⃣ परिवहन के बाद संपूर्ण सुखत राशि समितियों को दी जाए ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। 3️⃣ आउटसोर्सिंग प्रणाली समाप्त कर ऑपरेटरों का नियमितीकरण किया जाए। 4️⃣ मध्यप्रदेश की तर्ज पर ₹3 लाख वार्षिक प्रबंधकीय अनुदान और वेतनमान प्रदान किया जाए। — “किसानों की सेवा करने वालों को ही नजरअंदाज किया जा रहा” महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन किसान हितैषी नीतियों की बात तो करता है, लेकिन जो कर्मचारी किसानों को सुविधा देते हैं, वही उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव स्तर की बैठकों में आश्वासन तो मिला, पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। > “अब कर्मचारी सिर्फ लिखित आदेश चाहते हैं, खोखले वादे नहीं,” — महासंघ के नेताओं ने कहा। — धान खरीदी कार्य ठप पड़ने की चेतावनी महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर शासन ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला, तो आगामी धान खरीदी कार्य पूरी तरह ठप हो जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि अब उनकी हड़ताल सिर्फ अधिकार की लड़ाई नहीं, बल्कि सम्मान का आंदोलन बन चुकी है। — प्रदेशभर से मिल रहा समर्थन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आंदोलन को अब प्रदेशव्यापी समर्थन मिल रहा है। ग्रामीण समितियों और किसान संगठनों ने भी कर्मचारियों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए समर्थन का ऐलान किया है। संघ का कहना है कि यदि शासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह हड़ताल राज्यव्यापी जनआंदोलन का रूप ले लेगी। — कर्मचारियों ने दी अंतिम चेतावनी महासंघ और संघ के पदाधिकारियों — एकलव्य चंद्रा, रूद्रदत्त तिवारी, भोलाराम यादव, कमलकांत पाटनवार, विद्याशंकर यादव और मीनाक्षी यादव — ने एक स्वर में कहा कि > “हम किसानों की सेवा करते हैं, लेकिन शासन हमें केवल आश्वासन दे रहा है। अब अगर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो हम धान खरीदी कार्य से पूरी तरह अलग होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।” चार सूत्रीय मांगें जिन पर टकराव जारी 1️⃣ वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान धान खरीदी में हुई सुखत राशि का तत्काल भुगतान। 2️⃣ परिवहन के बाद संपूर्ण सुखत राशि समितियों को दी जाए ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। 3️⃣ आउटसोर्सिंग प्रणाली समाप्त कर ऑपरेटरों का नियमितीकरण किया जाए। 4️⃣ मध्यप्रदेश की तर्ज पर ₹3 लाख वार्षिक प्रबंधकीय अनुदान और वेतनमान प्रदान किया जाए। — “किसानों की सेवा करने वालों…
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति ईडी ने कुर्क की
✍️ भागीरथी यादव धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई, ईडी ने बताया — चैतन्य बघेल थे शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर — ईडी की बड़ी कार्रवाई, राज्य की राजनीति में हलचल छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की इस कार्रवाई से राज्य की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। — 364 प्लॉट और बैंक खातों पर लगी रोक ईडी ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य की 364 आवासीय और कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.24 करोड़ की चल संपत्तियां बैंक खातों और सावधि जमा के रूप में जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई उन संपत्तियों पर केंद्रित है, जिन्हें ईडी ने “अपराध से अर्जित आय (POC)” बताया है। — 2500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी है जांच ईडी के मुताबिक, यह कुर्की छत्तीसगढ़ में चल रहे कथित 2500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने कहा कि अपराध की इस आय को विभिन्न माध्यमों से रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया गया था। — ईडी का दावा — चैतन्य बघेल थे शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर ईडी की जांच में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर कार्यरत थे। पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र होने के कारण उन्हें “अंतिम नियंत्रक और निर्णयकर्ता” की भूमिका दी गई थी। एजेंसी के अनुसार, शराब कारोबार से जुटाए गए अवैध धन के संग्रह, चैनलाइजेशन और वितरण से जुड़े प्रमुख फैसले चैतन्य बघेल के निर्देश पर लिए जाते थे। — रियल एस्टेट में लगाया गया अवैध धन ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, चैतन्य बघेल ने कथित रूप से शराब घोटाले से प्राप्त अवैध धन को अपने रियल एस्टेट कारोबार “मेसर्स बघेल डेवलपर्स” के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की। उन्होंने इस राशि का उपयोग “विट्ठल ग्रीन” नामक रियल एस्टेट परियोजना में किया। ईडी ने बताया कि इस तरह घोटाले से कमाई गई रकम को वैध निवेश के रूप में पेश किया गया। — 18 जुलाई 2025 को हुई गिरफ्तारी, अब न्यायिक हिरासत में ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। — पूर्व आबकारी मंत्री और अन्य अफसर भी गिरफ्तार इस घोटाले में पहले भी कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं। ईडी ने अब तक पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री और विधायक) को गिरफ्तार किया है। ईडी ने कहा कि चैतन्य बघेल की संपत्ति की यह कुर्की, पहले से कुर्क की गई ₹215 करोड़ की अचल संपत्तियों का हिस्सा है। — ईडी ने कहा — जांच जारी रहेगी ईडी ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में जांच अभी जारी है। एजेंसी ने कहा कि और भी संपत्तियां व व्यक्तियों की भूमिका सामने आ सकती है।
पुराना बस स्टैंड बना नशे का गढ़: अवैध चखना दुकानों का बोलबाला, पुलिस-आबकारी पर उठे गंभीर सवाल
बिलासपुर का पुराना बस स्टैंड नशे के शिकंजे में अवैध चखना दुकानों का साम्राज्य, आबकारी और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल रौनक से बर्बादी तक – एक इलाका जो पहचान खो बैठा बिलासपुर का पुराना बस स्टैंड कभी यात्रियों और दुकानदारों की रौनक से भरा इलाका था। लेकिन आज यही इलाका नशे, अवैध बिक्री और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का अड्डा बन गया है। शाम ढलते ही यहां हुड़दंगियों और नशेड़ियों का कब्जा हो जाता है। कानून की अनदेखी, खुलेआम चल रहा धंधा आबकारी अधिनियम के मुताबिक, किसी भी शराब दुकान से 50 मीटर की दूरी में चखना दुकान या शराब सेवन स्थल चलाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पुराने बस स्टैंड में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़क किनारे अवैध चखना दुकाने दिन-रात खुली रहती हैं और शराबियों को खुली छूट मिली हुई है। — नशे का कारोबार बेखौफ, पुलिस-आबकारी पर सवाल स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत के बिना यह कारोबार चल ही नहीं सकता। शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों में नाराजगी है। एक नागरिक ने कहा — > “यहां हर शाम कानून का मखौल उड़ता है, और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।”
कोरबा में रफ्तार बनी खतरा: डॉक्टर की कार ने मचाई तबाही, बड़ा हादसा टला
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रजगामार रोड पर शुक्रवार शाम रफ्तार ने फिर कहर बरपाया। चावल गोदाम तिराहे के पास एक तेज रफ्तार कार ने पहले एक इलेक्ट्रिक ऑटो को टक्कर मारी और फिर सामने खड़ी कार से जा भिड़ी। हादसा इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद राहगीर बाल-बाल बच गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सीजी 12 बीजी 3303 नंबर की कार को एक डॉक्टर चला रहा था। बताया गया कि डॉक्टर ने दो बाइक सवारों को टक्कर से बचाने की कोशिश में अचानक दिशा बदली, जिससे वाहन का नियंत्रण खो बैठा और लगातार दो टक्करों के बाद कार सड़क किनारे जा रुकी। स्थानीय होटल संचालक लूतन वर्मा ने बताया कि यह तिराहा अब दुर्घटनाओं का गढ़ बन गया है। हाल ही में इसी जगह बस की टक्कर से एक युवक की मौत हो चुकी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चावल गोदाम तिराहे पर स्पीड ब्रेकर, सिग्नल और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
गुरुग्राम में 11वीं के छात्र ने क्लासमेट को मारी गोली, दो महीने पुरानी रंजिश बनी वजह
✍️ भागीरथी यादव गुरुग्राम – सेक्टर-48 में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने क्लासमेट को घर बुलाकर गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से वारदात को अंजाम दिया। घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब तीनों सहपाठी आरोपी के किराए के फ्लैट में मौजूद थे। किसी बात पर कहासुनी के बाद आरोपी ने गोली चला दी, जो छात्र की गर्दन में लगी। घायल को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 70 कारतूस बरामद किए हैं तथा दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच करीब दो महीने पहले झगड़ा हुआ था, जिससे आरोपी नाराज़ था और बदला लेना चाहता था। आरोपी के पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं और हथियार उन्हीं का लाइसेंसी पिस्तौल बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल छात्र की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा: एनएएसी का कारण बताओ नोटिस, ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली | 13 नवंबर 2025: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच अब शिक्षा संस्थानों तक पहुँच गई है। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब दोहरी कार्रवाई की तलवार लटक रही है — 👉नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता दावे पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है, और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है। NAAC ने लगाया “जनता को गुमराह करने” का आरोप एनएएसी के निदेशक गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर एनएएसी मान्यता का झूठा दावा किया है। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर यह उल्लेख किया गया था कि उसके तीन कॉलेज — अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (1997 से, A ग्रेड) ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (2008 से) अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (2006 से, A ग्रेड) — एनएएसी से मान्यता प्राप्त हैं। लेकिन एनएएसी ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग स्कूल को 2013–2018 तक (CGPA 3.08) और एजुकेशन स्कूल को 2011–2016 तक (CGPA 3.16) ही ‘A’ ग्रेड दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है। नोटिस में कहा गया है कि यह दावा छात्रों, अभिभावकों और जनता को गुमराह करने वाला है। एनएएसी ने यूनिवर्सिटी से 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है और तब तक वेबसाइट से एनएएसी का उल्लेख हटाने का आदेश दिया है। नोटिस जारी होते ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन हो गई। ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट, तीन डॉक्टरों के लेन-देन पर नजर ब्लास्ट केस में आरोपी डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के वित्तीय ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये इकट्ठा किए और 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइज़र खरीदा, जिसका उपयोग IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में किया गया। ईडी अब यूनिवर्सिटी की फंडिंग, विदेशी लेन-देन और ट्रस्ट अकाउंट्स का फॉरेंसिक ऑडिट करेगी। यूनिवर्सिटी का जवाब — “हमारा ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं” बढ़ते विवाद पर अल फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि “हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है। जिस तरह से हमारी यूनिवर्सिटी का नाम जोड़ा जा रहा है, उससे संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।” यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि “कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमारे खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सत्यता नहीं है।” ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से किया इनकार अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने ईडी को दिए अपने प्रारंभिक जवाब में विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, हालांकि उसने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल खुलासे के बाद से यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की गहन पड़ताल जारी है।
अवैध धान परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: तीन पिकअप जब्त, 200 बोरी धान बरामद
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर, 13 नवंबर 2025: जिले में अवैध धान परिवहन पर नकेल कसते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से धान लाने वाले तीन पिकअप वाहनों को पकड़कर लगभग 200 बोरी धान जब्त किया गया है। वाहनों के चालकों से पूछताछ के दौरान किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। संयुक्त टीम की रातभर की कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वाड्रफनगर, श्री नीर निधि नंदेहा ने बताया कि विगत रात्रि संयुक्त टीम द्वारा गश्त के दौरान तीन पिकअप वाहन संदिग्ध स्थिति में पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धान को उत्तर प्रदेश से बलरामपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों या सहकारी समितियों में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था। कानूनी कार्रवाई दर्ज मामले में राजस्व, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासन ने सभी जब्त वाहनों को थाने में सुपुर्द कर दिया है। प्रशासन की सख्त चेतावनी एसडीएम श्री नंदेहा ने कहा कि धान खरीदी सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले में निगरानी और सघन जांच की कार्रवाई और अधिक तेज़ कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “राज्य में अन्य प्रदेशों से अवैध धान की आवाजाही और बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण रखा जाएगा। जो भी व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: 6 नक्सली ढेर, ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना मारा गया — लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक वार
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 13 नवंबर 2025: बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज सुबह छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF)** की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है।** मुठभेड़ के दौरान 6 माओवादी मारे गए, जिनमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है — जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा और माओवादी गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा था। 🔥 जंगल में घंटों चली मुठभेड़, भारी मात्रा में हथियार बरामद सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बलों को माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जंगल के भीतर हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। घटनास्थल से राइफल, गोला-बारूद और माओवादी साहित्य भी बरामद हुआ है। 🪖 मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा — “लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में निर्णायक कदम” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि, “यह उपलब्धि पुलिस बलों के साहस, सटीक रणनीति और उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी। 📍 बीजापुर में अभियान जारी सुरक्षाबलों ने आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है। संभावना है कि मुठभेड़ स्थल से और भी नक्सली दस्तावेज़, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण बरामद हों। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन अभी जारी है और क्षेत्र को पूरी तरह सर्च किया जा रहा है।
🌾 ग्राम पचरा में 53 हाथियों का कहर: रात में जंगल, दिन में खेतों पर धावा — एक हफ्ते से दहशत में ग्रामीण
✍️ भागीरथी यादव ग्राम पचरा, कोरबा (छत्तीसगढ़), 13 नवंबर 2025: कोरबा जिले के ग्राम पचरा और आसपास के इलाकों में इन दिनों 53 हाथियों का झुंड कहर बरपा रहा है। दिन के समय ये हाथी जंगलों में विश्राम करते हैं, लेकिन रात होते ही खेतों में उतरकर पककर तैयार धान की फसलों को चट कर रहे हैं। लगातार एक सप्ताह से जारी इस उत्पात ने ग्रामीणों को भय और नुकसान दोनों में झोंक दिया है। 🌾 “सुबह की पहली किरण के साथ खेतों पर हमला” ग्रामीणों ने बताया कि सुबह होते ही हाथियों का पूरा झुंड खेतों की ओर बढ़ जाता है। कुछ फसलों को रौंद देते हैं, तो कुछ उसे पूरी तरह खा जाते हैं। ग्राम पचरा के किसान रामलाल साहू ने बताया, “हम पूरी रात जागते हैं, ढोल-थाली बजाते हैं, लेकिन झुंड बार-बार लौट आता है। अब हमारी फसल आधी से ज़्यादा खत्म हो चुकी है।” 😟 ग्रामीणों में डर और प्रशासन से गुहार गांव में अब यह डर गहराता जा रहा है कि हाथियों का यह झुंड कहीं रिहायशी इलाकों में न घुस जाए और जान-माल की हानि न हो जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत, सुरक्षा व्यवस्था और मुआवज़े की मांग की है। 🌿 वन विभाग अलर्ट पर, निगरानी जारी वन विभाग की टीम ने बताया कि झुंड का मूवमेंट लगातार ट्रैक किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, हाथियों को उकसाएँ नहीं और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।
विहिप नेता प्रिंस गौड़ प्रकरण: पीलीभीत की ADM ऋतु पूनिया हटाई गईं, शासन ने लखनऊ मुख्यालय से जोड़ा
✍️ भागीरथी यादव पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पीलीभीत की ADM (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें देर रात आदेश जारी कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह प्रसून द्विवेदी को नया ADM (वित्त एवं राजस्व) नियुक्त किया गया है। प्रसून द्विवेदी अब तक मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में तैनात थे। यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब विहिप (VHP) संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी को लेकर संघ परिवार और हिंदू संगठनों में भारी नाराज़गी फैल गई थी। — 🔹 पृष्ठभूमि: मजार निर्माण को लेकर हुआ था विवाद विहिप नेता प्रिंस गौड़ ने कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में निर्माणाधीन मजार का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ADM ऋतु पूनिया कॉलोनाइजर को संरक्षण दे रही थीं। इस मामले की शिकायत प्रिंस ने बरेली मंडलायुक्त से की थी और ADM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसी विवाद के बाद ADM ऋतु पूनिया ने प्रिंस गौड़ पर रंगदारी मांगने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने 8 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। — 🔹 हिंदू संगठनों का विरोध और शासन की सख्ती प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी के बाद विहिप, बजरंग दल और संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और ADM पर कार्रवाई की मांग की गई। इसी विरोध के बीच शासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए ADM ऋतु पूनिया को हटा दिया। — 🔹 ADM ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया झूठा ADM ऋतु पूनिया ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि, > “मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। न तो धारा 80 और न ही स्टांप शुल्क मेरे अधिकार क्षेत्र में आते हैं। प्रिंस गौड़ ने धमकी दी, मेरी छवि खराब करने की कोशिश की।” उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें गिरोह से हमले का डर है और प्रशासन को सुरक्षा की मांग की थी। — 🔹 अब नए ADM बने प्रसून द्विवेदी ADM ऋतु पूनिया की जगह प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया ADM (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वे इससे पहले मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में OSD के रूप में कार्यरत थे। — इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच टकराव का माहौल पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन की इस कार्रवाई के बाद विवाद शांत होता है या नया मोड़ लेता है।
















