वार्ड क्रमांक 13 झूलेलाल वार्ड में सीसी रोड सहित 6 निर्माण कार्यों का शुभारंभ
वार्ड क्रमांक 13 झूलेलाल वार्ड में सीसी रोड सहित 6 निर्माण कार्यों का शुभारंभ तिल्दा-नेवरा। नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा के वार्ड क्रमांक 13 झूलेलाल वार्ड में सोमवार को एक साथ लगभग 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड सहित कुल 6 विकास कार्यों का भूमि पूजन विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष व वार्ड की पार्षद श्रीमती पलक विकास सुखवानी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा ने कहा— “तिल्दा-नेवरा नगर में विकास की कमी नहीं आने दूंगी। हर वार्ड में आवश्यकतानुसार कार्य कराए जा रहे हैं। शहर की प्रगति और जनता की सुविधा हमारी प्राथमिकता है।” वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पलक विकास सुखवानी ने कहा— “वार्ड क्रमांक 13 मेरा स्वयं का वार्ड है। यहाँ के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। सड़क निर्माण शुरू होने से आवागमन में हो रही वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा।” कार्यक्रम में उपस्थित: पार्षद ईश्वर यदु, पार्षद धर्मेंद्र डेहरिया, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी, राम पंजवानी, राजेश सेतपाल, मोतीराम ज्ञानचंदानी, सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। नगर पालिका के CMO, इंजीनियर, एवं कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे वार्ड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
🏗️ तिल्दा-नेवरा: झूलेलाल वार्ड (वार्ड 13) में ₹30 लाख के 6 विकास कार्यों का शुभारंभ तिल्दा-नेवरा।
यहाँ आपकी दी गई जानकारी पर आधारित सीधी-सादी खबर है: 🏗️ तिल्दा-नेवरा: झूलेलाल वार्ड (वार्ड 13) में ₹30 लाख के 6 विकास कार्यों का शुभारंभ तिल्दा-नेवरा। नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा के वार्ड क्रमांक 13 (झूलेलाल वार्ड) में सोमवार को एक साथ लगभग 30 लाख रुपये की लागत के छह विकास कार्यों का विधिवत भूमि पूजन किया गया। इन कार्यों में सीसी रोड का निर्माण भी शामिल है। मुख्य अतिथि और उद्घाटन विकास कार्यों के शुभारंभ के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा और नगर पालिका उपाध्यक्ष व इसी वार्ड की पार्षद श्रीमती पलक विकास सुखवानी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। नेताओं के वक्तव्य * नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा ने कहा कि वे तिल्दा-नेवरा नगर में विकास की कोई कमी नहीं आने देंगी और हर वार्ड में आवश्यकतानुसार कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने शहर की प्रगति और जनता की सुविधा को अपनी प्राथमिकता बताया। * नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पलक विकास सुखवानी ने इसे अपना स्वयं का वार्ड बताते हुए कहा कि यहाँ के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि सड़क निर्माण शुरू होने से आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा। उपस्थिति इस अवसर पर पार्षद ईश्वर यदु और धर्मेंद्र डेहरिया, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी, राम पंजवानी, राजेश सेतपाल, मोतीराम ज्ञानचंदानी सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। नगर पालिका के CMO, इंजीनियर, एवं कर्मचारीगण भी इस दौरान मौजूद रहे। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे वार्ड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस खबर को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उपयुक्त रूप में संक्षिप्त कर दूँ?
एसईसीएल सुभाष ब्लॉक कॉलोनी में अतिक्रमण का मामला गरमाया — सड़क पर बन रहा शेड बना सुरक्षा के लिए खतरा
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। एसईसीएल सुभाष ब्लॉक कॉलोनी के अंदर मेन रोड पर अतिक्रमण कर कार पार्किंग के लिए शेड निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। कॉलोनी की मुख्य सड़क पर इस तरह से किया जा रहा निर्माण न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। रहवासियों के अनुसार, जिस स्थान पर यह शेड बनाया जा रहा है, वहां से रोजाना बड़ी संख्या में बाइक, कार और अन्य वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के दोनों ओर जगह कम हो जाने से आने-जाने वालों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी के अंदर सड़क पर किसी भी तरह का स्थायी निर्माण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करेगा, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से इस पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान लेने और शेड निर्माण कार्य को रोकने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कब तक कार्रवाई करते हैं और कॉलोनीवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक संपन्न — कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में दिए गए आवश्यक निर्देश
✍️ भागीरथी यादव डोंगरगढ़। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डॉ. नवरतन ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड एवं वयवंदन कार्ड शिविर लगाकर शत-प्रतिशत बनाए जाएं। मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर प्रत्येक सप्ताह फोन के माध्यम से स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जाए। साथ ही प्रसव के 15 दिन पूर्व मितानिनों को प्रतिदिन भ्रमण कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने एएनसी-1 एवं एएनसी-4 पंजीयन में अंतर कम करने, सभी एएनसी शत-प्रतिशत करने, आयरन की गोली वितरण और संस्थागत प्रसव में वृद्धि के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव कम होने पर बागरेकसा, करमतरा एवं बुचाटोला के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सभी नवजात शिशुओं को बीसीजी से लेकर एमआर-1 तक सभी टीके समय पर लगाने, छूटे हुए बच्चों की ड्यू लिस्ट बनाकर समिति से साझा करने तथा युविन पोर्टल पर ऑनलाइन डाटा एंट्री और भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि सभी स्वास्थ्य कर्मी आधार-आधारित ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करें। इस प्रणाली में शत-प्रतिशत उपस्थिति नहीं होने पर नवंबर माह का वेतन रोके जाने की चेतावनी दी गई। समीक्षा के दौरान क्षय नियंत्रण, कुष्ठ नियंत्रण और परिवार नियोजन कार्यक्रमों में प्रगति लाने पर जोर दिया गया। डोंगरगढ़ एनआरसी की बेड ऑक्यूपेंसी दर 100 प्रतिशत करने, मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी में कम से कम 2–3 प्रतिशत जांच एवं काउंसलिंग सुनिश्चित करने, तथा एनसीडी कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जांच सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में करने निर्देशित किया गया। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत विप्स की गोली का नियमित वितरण एवं निगरानी के निर्देश भी दिए गए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। बैठक में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.एल. तुलावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) श्री संदीप ताम्रकार, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री पूजा मेश्राम सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जिला सलाहकार, खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, डाटा मैनेजर, सेक्टर सुपरवाइजर एवं मितानिन समन्वयक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
राज्योत्सव में नाबार्ड सहायतित समूहों की रौनक, परंपरा और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम
✍️ भागीरथी यादव नवा रायपुर। नवा रायपुर में जारी पांच दिवसीय राज्योत्सव में इस वर्ष परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का शानदार संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों ने अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और नवाचार से लोगों का दिल जीत लिया है। राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह ने अपने कलात्मक हुनर और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। समूह की महिलाएं मिट्टी, बांस और वस्त्र कला के क्षेत्र में विशेष पहचान बना रही हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए झूमर, दिया स्टैंड, फूलदानी, लैम्प, हैंगर, कुर्ती ड्रेस और ज्वेलरी जैसे उत्पाद स्टॉल पर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नाबार्ड के सहयोग से संचालित अन्य समूहों ने भी अपने हुनर की झलक प्रस्तुत की। बांस कला से बने टी-ट्रे, सजावटी वस्तुएं, कपड़ों पर हेंड प्रिंटिंग, गोदना आर्ट, कोसा सिल्क, खादी सिल्क और कॉटन पर पारंपरिक लोककला डिज़ाइनिंग ने आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में नाबार्ड की भूमिका सराहनीय रही है। संस्था न केवल स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि विपणन और पैकेजिंग जैसे आधुनिक कौशल भी सिखा रही है। इन प्रशिक्षणों से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान दे रही हैं। राज्योत्सव में जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट, शबरी मार्ट, बांस हस्तशिल्प, कोसा सिल्क और खादी कला प्रदर्शनी जैसे स्टॉलों ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। इन स्टॉलों पर परंपरा, पर्यावरण और उद्यमशीलता का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। राज्य में नाबार्ड द्वारा कृषि, ग्रामीण उद्यम, बांस मिशन, महिला आजीविका कार्यक्रम, किसान क्लब और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों से हजारों महिलाएं और युवा आत्मनिर्भर बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
इसरो ने रचा इतिहास, भारतीय नौसेना का सबसे उन्नत संचार उपग्रह जीसैट-7आर सफलतापूर्वक लॉन्च
✍️ भागीरथी यादव श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-7आर (सीएमएस-03) को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर देश की अंतरिक्ष तकनीक में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह उपग्रह भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत और शक्तिशाली संचार प्लेटफॉर्म है, जो नौसेना की अंतरिक्ष-आधारित संचार प्रणाली और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह उपग्रह पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है तथा इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। लगभग 4,400 किलोग्राम भार वाला यह भारत का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह है। इसमें कई उन्नत तकनीकी घटक शामिल हैं, जिन्हें विशेष रूप से भारतीय नौसेना की परिचालन और सामरिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। हिंद महासागर क्षेत्र में मिलेगा व्यापक संचार कवरेज जीसैट-7आर उपग्रह हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक और बेहतर दूरसंचार कवरेज प्रदान करेगा। इसके पेलोड में लगाए गए उन्नत ट्रांसपोंडर विभिन्न संचार बैंडों पर ध्वनि, डेटा और वीडियो लिंक को सपोर्ट करने में सक्षम हैं। उच्च क्षमता वाली बैंडविड्थ के साथ यह उपग्रह भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और संचालन केंद्रों के बीच सुरक्षित, निर्बाध और वास्तविक समय संचार सुनिश्चित करेगा। इसके परिणामस्वरूप नौसेना की सैन्य और सामरिक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम इसरो ने मिशन की सफलता की जानकारी देते हुए कहा, > “सीएमएस-03 सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ।” जटिल वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच जीसैट-7आर को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह मिशन इस बात का प्रतीक है कि भारत अपनी उन्नत तकनीक का उपयोग कर राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने में सक्षम है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी बधाई केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसरो की टीम को बधाई देते हुए कहा, > “भारत का ‘बाहुबली’ रॉकेट एलवीएम3-एम5, सीएमएस-03 उपग्रह के साथ आसमान में उड़ान भर रहा है। यह अब तक का सबसे भारी उपग्रह है जिसे भारतीय धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में भेजा गया है। इसरो एक के बाद एक सफलता के नए अध्याय लिख रहा है।” उन्होंने इस मिशन की सफलता का श्रेय इसरो की मेहनती टीम को देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के लिए भी धन्यवाद दिया। इसरो का यह सफल प्रक्षेपण न केवल भारत की अंतरिक्ष शक्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश की सामरिक और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण अफ्रीका को हराकर जीता विश्व कप
✍️ भागीरथी यादव मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने न केवल टीम को चैंपियन बनाया, बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे अधिक उम्र की कप्तान बन गई हैं। हरमनप्रीत ने यह उपलब्धि 36 वर्ष 239 दिन की उम्र में हासिल की। टूर्नामेंट के दौरान हरमनप्रीत का बल्ला भी जमकर चला। उन्होंने 9 मैचों की 8 पारियों में 32.50 की औसत से 260 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 89.04 रहा। साथ ही, उन्होंने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज खिलाड़ी बेलिंडा क्लार्क को भी पीछे छोड़ दिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 87, दीप्ति शर्मा ने 58 और स्मृति मंधाना ने 45 रनों की शानदार पारी खेली। भारत की सलामी जोड़ी ने 100 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट चटकाए, जबकि शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से लौरा वोल्वार्ड्ट ने सर्वाधिक 101 रन बनाए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सकीं। फाइनल के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, > “यह जीत पूरे टीम प्रयास का नतीजा है। बीसीसीआई और सहयोगी स्टाफ ने हम पर भरोसा बनाए रखा। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हम हर दिन बेहतर बनने की कोशिश जारी रखेंगे।” वहीं, आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने इस ऐतिहासिक जीत की तुलना 1983 में भारतीय पुरुष टीम की विश्व कप जीत से की। उन्होंने कहा, > “भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह एक यादगार दिन है। 1983 में पुरुष टीम ने जो किया था, उसे आज महिलाओं ने दोहराया है। यह जीत देश में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी।” भारत की यह ऐतिहासिक जीत न केवल क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी, बल्कि देशभर में महिला क्रिकेट को नई पहचान और प्रेरणा भी देगी।
सक्ति में पत्रकार के घर पर देर रात पथराव, पुलिस ने शुरू की जांच
✍️ भागीरथी यादव सक्ति, 2 नवम्बर 2025 सक्ति नगर के वार्ड क्रमांक 1 में शनिवार देर रात एक स्थानीय पत्रकार के घर पर अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी कार पर भी पत्थर फेंककर उसके शीशे तोड़ दिए, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा है। अचानक हुए इस हमले से पत्रकार और उनके परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही सक्ति थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू की। पीड़ित पत्रकार के मुताबिक, हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि घटना में शामिल लोगों का सुराग मिल सके। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जल्द ही पथराव करने वालों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से स्थानीय पत्रकार समुदाय में आक्रोश है और उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
कुनकुरी का मयाली नेचर कैम्प बना नया एडवेंचर डेस्टिनेशन, पर्यटकों के लिए खुला रोमांच का खज़ाना
✍️ भागीरथी यादव जशपुरनगर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जशपुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आगामी 6 से 9 नवम्बर तक “जशपुर जम्बुरी” का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में कुनकुरी क्षेत्र का मयाली नेचर कैम्प इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का नया केंद्र बनकर उभरा है। हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित मयाली जलाशय अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल नहीं, बल्कि जल क्रीड़ाओं का नया एडवेंचर जोन बन चुका है। यहां आने वाले पर्यटक स्पीड बोटिंग, कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग और बाउंस बोट जैसी गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं। सुबह के समय झील पर दौड़ती स्पीड बोट्स और शाम को पानी पर झिलमिलाती रोशनी, मयाली कैम्प को एक अलग ही आकर्षण प्रदान करती हैं। कयाकिंग और एक्वा साइक्लिंग युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही हैं, जबकि बाउंस बोट राइड बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन का नया साधन बनी है। प्रत्येक गतिविधि को प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में और पूर्ण सुरक्षा मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। इस पहल में स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिले हैं। वे प्रशिक्षित गाइड और सहायक स्टाफ के रूप में योगदान दे रहे हैं, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का लक्ष्य मयाली नेचर कैम्प को छत्तीसगढ़ के प्रमुख इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। यहाँ प्रकृति की शांति, पानी का रोमांच और स्थानीय संस्कृति का संगम पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रस्तुत कर रहा है। अब मयाली नेचर कैम्प केवल एक पिकनिक स्थल नहीं, बल्कि “अनुभव का ठिकाना” बन चुका है — जहाँ हर आगंतुक रोमांच, सुकून और सौंदर्य का अनोखा मेल महसूस करता है।
पशु उपचार, टीकाकरण, गर्भाधान एवं मछली पालन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश
✍️ भागीरथी यादव गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में पशुधन विकास विभाग एवं मछली पालन विभाग के जिला और मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत पशु संगणना के अनुसार जिले को मिले लक्ष्यों के मुकाबले प्राप्त उपलब्धियों की विकासखण्डवार जानकारी ली। समीक्षा के दौरान संभाग स्तर पर जीपीएम जिले का प्रदर्शन अन्य जिलों की तुलना में कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक माह की कार्ययोजना तैयार कर पशु उपचार, बधियाकरण, नमूना जांच, टीकाकरण, गर्भाधान तथा मछली पालन गतिविधियों में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किए गए कार्यों की जानकारी विभागीय पोर्टल में समय पर दर्ज करने को कहा। कलेक्टर ने जिले में संचालित पशु औषधालयों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औषधालय नियमित रूप से खुले रहें तथा उनके खुलने और बंद होने के समय की जानकारी हेतु परिसर में स्पष्ट बोर्ड प्रदर्शित किया जाए। बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, झींगा पालन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों, स्वसहायता समूहों और मछुआरा समितियों को नियमों के अनुरूप तालाब आबंटन करने कहा। इसके लिए जनपद सीईओ के समन्वय से तालाब आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु सहायक संचालक मछली पालन को निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो शासन को प्रस्ताव भेजकर संशोधित लक्ष्य प्राप्त किया जाए। केसीसी योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए प्रकरणों का सतत फॉलोअप करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. वी. के. पटेल, सहायक संचालक मछली पालन देवेन्द्र वर्मा सहित दोनों विभागों के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।















