78 बच्चों को लगा एंटी-रेबीज इंजेक्शन, मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल

 बलौदाबाजार। मिडिल स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से 78 बच्चों को स्वास्थ्य विभाग ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है. वहीं घटना से आक्रोशित पालकों ने मिड डे मिल भोजन परोसने वाले समूह को हटाने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पूरे घटनाक्रम को लेकर कसडोल विधायक संदीप साहू मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.  इस शहर की प्रथम नागरिक का हुआ फेसबुक आईडी हैक, परिचितों के फोन आने के बाद हुआ खुलासा, दर्ज कराई शिकायत… घटना बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम लछनपुर स्थित मिडिल स्कूल में पिछले सोमवार की है. स्कूल में मध्याह्न भोजन के लिए बनाए गए सब्जी को एक घुमंतु कुत्ता जूठा कर गया था. इसे देखकर कुछ बच्चों ने शिक्षकों को सूचित किया. शिक्षकों ने रसोइया समूह की महिलाओं को जूठी सब्जी बच्चों को न परोसने का निर्देश दिया, लेकिन फिर भी महिलाओं ने सब्जी जूठी होने से इंकार करते हुए जबरदस्ती 84 बच्चों को वही सब्जी परोस दी. बच्चों ने जब घर जाकर यह बात अभिभावकों को बताई, तो ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और शाला समिति के अध्यक्ष झालेंद्र साहू से इसकी शिकायत की. स्कूल प्रशासन ने बताया कि उन्होंने रसोइयों को जूठा खाना न परोसने के लिए मना किया था, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया. इसके बाद अभिभावक बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर वीणा वर्मा ने 78 बच्चों को एंटी-रेबीज का टीका लगाया. विधायक संदीप साहू ने सीएम को लिखा पत्र इस मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक संदीप साहू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. प्रशासन ने शुरू की घटना की जांच घटना के सामने आने के बाद कलेक्टर दीपक सोनी ने इसे गंभीरता से लेते हुए पलारी एसडीएम दीपक निकुंज को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. एसडीएम ने मामले की जांच शुरू करते हुए बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और शाला समिति के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं. हालांकि, रसोइया समूह के सदस्य जांच में शामिल नहीं हुए हैं. एसडीएम दीपक निकुंज ने बताया कि कुत्ते द्वारा जूठा भोजन को बच्चों को परोसने का मामला सामने आया है. घटना की जांच कर रहे हैं. फिलहाल, सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं. स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों ने की समूह को हटाने की मांग ग्रामीणों ने रसोइया समूह को हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. डॉक्टर ने बताई एंटी-रेबीज लगाने की वजह लछनपुर स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. वीणा वर्मा ने बताया कि अभिभावकों और ग्रामीणों के दबाव में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एंटी-रेबीज का टीका लगाया गया. उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एहतियातन यह कदम उठाया गया.  

दर्जन गांवों को जोड़ने वाली पी. डब्ल्यू .डी . के कच्चे मार्ग की हालत दयनीय

कोरबी चोटिया:- देश को आजाद हुए सालों बीत गए और छत्तीसगढ़ अपना 25 वां वर्ष के कार्यकाल में गुजरने को है लेकिन आज भी छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले अंतर्गत ऐसे कई गांवों में मुलभूत सुविधा जैसे सड़क, बिजली, पानी,की मुहैया नहीं कराई गई है, एसा ही एक मामला जीता जागता सामने आया है, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्र ग्राम पंचायत सरमा, से ( सुखरीताल) लगभग 8 किलोमीटर तक पी डब्ल्यू डी विभाग के कच्चे गिट्टी युक्त सड़क में चलना राह गीरों को मुश्किल का सफर हो गया है, इस संबंध में ग्राम पंचायत सरमा के सरपंच शिव कुमार उईके, ने बताया कि पिछले कई सालों से उक्त मार्ग की मरम्मत तक नहीं कराई गई है, और सुखरीताल, प्राथमिक शाला विद्यालय के पास स्थित एक नाले में आज तक पुल का निर्माण नहीं होने से तेज बारिश के कारण ग्रामीणों को आना जाना मुश्किल हो जाता है, तथा यात्री बसों में लोग अपना जान जोखिम डालकर सफर कर रहे हैं, वहीं स्कूली बच्चे तेज बहाव वाले नाले से पार होकर स्कूल आना जाना करते हैं, सरपंच उईके, ने बताया कि उक्त मार्ग की नवीनीकरण एवं मरम्मत कराने के लिए संबंधित पी डब्ल्यू डी विभाग और उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगी, इस मार्ग के बन जाने से ग्राम सरमा,सुखरी ताल, हरदेवा, बर्रा,बैतलो, सासिन बासिन, एवं जटगा, से पेंड्रा रोड, और कटघोरा मार्ग को जोड़ता है,

बीजापुर के 18 हजार से अधिक किसानों को मिली सौगात, पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का हुआ वितरण।

बीजापुर – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के हजारों किसानों के चेहरों पर शनिवार को खुशी की लहर दौड़ गई, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना की 20वीं किस्त देशभर के पात्र कृषकों के खातों में अंतरित की गई। बीजापुर जिले के 18,409 किसानों को कुल 4.03 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर में “किसान सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर से लगभग 200 कृषक शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा मौजूद रहीं। साथ ही कृषि स्थाई समिति के सभापति श्री शंकरैया माड़वी, सदस्य श्रीमती कविता कोरम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति आरकी, श्रीमती सामंतीन कोरसा और श्री मथियस कुजूर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तेलम तथा ग्राम पंचायत इटपाल की सरपंच श्रीमती अनीता कटेम ने भी किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री प्रताप सिंह कुशरे, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्र प्रमुख श्री अरुण सकनी, सहायक संचालक कृषि श्री कृष्णा कुमार एवं श्री चुरेंद्र देवांगन, विषय विशेषज्ञ श्री भूपेंद्र ठाकुर तथा कार्यक्रम सहायक श्री अरविंद आयाम समेत कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अनेक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अतिथियों ने योजना की पारदर्शिता और किसानों को समय पर मिलने वाले वित्तीय लाभ की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।

न्याय की जीत: प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में आजीवन कारावास, कोर्ट ने एक दिन पहले ठहराया था दोषी

बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने आज पूर्व JDS सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को मेड से रेप मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने शुक्रवार को रेवन्ना को दोषी ठहराया था। सुबह-सुबह कांपी धरती: रायपुर समेत कई इलाकों में महसूस हुए झटके र्ज कराई थी। उसने रेवन्ना पर 2021 से कई बार रेप करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। रेवन्ना के खिलाफ रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उसके खिलाफ रेप के कुल 4 मामले दर्ज हैं। इनमें से यह पहला केस है, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है।

रामविचार नेताम के खिलाफ षड्यंत्र का खुलासा, फर्जी शिकायतों के मामले में दो आरोपी हिरासत में

रायपुर: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम को बदनाम करने के लिए एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। महाराष्ट्र के एक हिंदू संगठन के नाम से बनाए गए फर्जी लेटरपैड पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति और अन्य उच्च संस्थानों को करीब 80 से 90 झूठी शिकायतें भेजी गईं। इन शिकायतों में मंत्री पर भ्रष्टाचार के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए थे। कोरबा: करंट की चपेट में आने से व्यस्क हाथी की मौत, कुदमुरा रेंज के बैगामार जंगल में मिला शव   यह मामला रायपुर के राखी थाना क्षेत्र का है, जहाँ भाजपा नेता राहुल हरितवाल ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि ये सभी पत्र कोरबा के हसदेव उप डाकघर से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजे गए थे। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने दो युवकों, मोहन मिरी और कमल वर्मा, को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान डाकघर में पत्र पोस्ट करते हुए हुई थी। फर्जीवाड़े की इस साजिश में महाराष्ट्र की हिंदू जनजागृति समिति के समन्वयक सुनील घनवट का नाम और उनके जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था। जब भाजपा नेताओं को इस षड्यंत्र का शक हुआ, तो राहुल हरितवाल ने सीधे सुनील घनवट से संपर्क किया। सुनील घनवट ने इस तरह की कोई भी शिकायत भेजने से इनकार किया और पुणे पुलिस में इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत दर्ज करवाई।

NIA कोर्ट का फैसला: मानव तस्करी के आरोपी दो ननों को मिली जमानत, कांग्रेस ने बताया ‘न्याय की जीत’

रायपुर। दुर्ग रेलवे स्टेशन से मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार की गई दो ननों और एक युवक को बिलासपुर स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने शनिवार को शर्तों के साथ जमानत दे दी। मूल रूप से केरल निवासी नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस को सुखमन मंडावी नामक युवक के साथ 25 जुलाई को जीआरपी ने बजरंग दल की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था। इस मामले में कांग्रेस ने अदालत के फैसले को “सच्चाई की जीत” बताया है। मालेगांव ब्लास्ट केस: 17 साल बाद कोर्ट का फैसला, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को क्लीन चिट, नहीं मिले सबूत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बयान जारी कर कहा, “NIA कोर्ट ने जिस तरह से आज ननों और एक आदिवासी युवक अर्जुन को जमानत दी, यह साफ संकेत है कि जो कार्रवाई की गई थी, वह दुर्भावनापूर्ण थी। न्यायालय ने इस अन्याय को पहचाना और सच्चाई के पक्ष में फैसला सुनाया है।” दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, “भाजपा हमेशा धर्मांतरण का मुद्दा उठाकर ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। अपनी नाकामियों और कमजोरियों को छुपाने के लिए वह धार्मिक भावनाओं को हथियार बनाती है। इस पूरे मामले में हमने शुरू से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी माना था कि कार्रवाई में खामियां हैं। फिर भी राज्य सरकार ने बदले की भावना से गिरफ्तारी की।” “बच्चियों ने खुलकर बयान दिया, फिर भी डराने की कोशिश” बैज ने कहा कि जिन आदिवासी बच्चियों को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ, उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वे अपनी मर्जी और परिजनों की सहमति से यात्रा कर रही थीं। “सरकार ने उन्हें डराने, धमकाने और प्रताड़ित करने की पूरी कोशिश की। लेकिन वे डरी नहींं, उन्होंने खुलकर कहा कि वे जबरन नहीं ले जाई जा रहीं। फिर सरकार ने किस आधार पर धर्मांतरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए?” “भाजपा बेनकाब हो गई है” कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा इस पूरे मामले को चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहती थी। “प्रदेश की जनता अब सब समझ चुकी है। यह सरकार अब जवाब देने की स्थिति में नहीं है। कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ सिर्फ वोट बैंक और समाज को बांटने की राजनीति का हिस्सा हैं।” जानिए पूरा मामला बता दें कि 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए दो ननों और एक युवक को रोका था। आरोप था कि तीनों, नारायणपुर जिले की तीन लड़कियों को बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी करते हुए सभी को GRP के हवाले कर दिया था। GRP थाना भिलाई-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी में मामले की जांच के बाद धर्मांतरण की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। दूसरे राज्यों के सांसदों का डेलीगेशन दो बार आया रायपुर इस मामले को लेकर केरल सांसदों ने दो बार छत्तीसगढ़ का दौरा किया था। 29 जुलाई को INDI गठबंधन और भाजपा का डेलीगेशन रायपुर पहुंचा था, जिन्होंने दुर्ग जेल में बंद ननों से मुलाकात की थी। UDF के एंटो एंटनी, हिबी ईडन समेत 4 सांसद शुक्रवार को रायपुर पहुंचे थे। उन्होंने दुर्ग में ननों से मुलाकात के बाद राजधानी रायपुर में पुतला फूंका था और प्रदर्शन कर विरोध जताया था। इस विरोध प्रदर्शन में केरल सांसदों के साथ कांग्रेस सह-प्रभारी जरीता लैटफलांग समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे। केरल के भाजपा महामंत्री ने की थी गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात गौरतलब है कि इस मामले के तूल पकड़ने के बाद केरल BJP के महासचिव अनूप एंटनी जोसेफ ने CM विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की थी। वहीं केरल और ओडिशा के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में सीएम साय से भेंट की थी। सीएम साय ने कहा था कि यह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला है। इस मामले में जांच जारी है। प्रकरण न्यायालयीन है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा।

निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, सरकार कर सकेगी फीस तय; हाईकोर्ट ने अधिनियम को सही ठहराया

बिलासपुर. राज्य सरकार के गैर सरकारी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2020 और नियम, 2020 को हाईकोर्ट ने संवैधानिक ठहराया है. जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने निजी स्कूलों की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए कानून बनाने का अधिकार है. राज्य सरकार की अधिसूचना को छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन और बिलासपुर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने चुनौती दी थी. कभी केदारनाथ तो कभी गुरुद्वारे, भाजपा नेता संग खूब सैर कर रहीं सारा अली खान, प्यार में होने के पढ़े जा रहे कसीदे दरअसल, राज्य सरकार ने वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम लागू करने का निर्णय लिया था. इसके लागू होने के बाद प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों के एसोसिएशन ने वर्ष 2021 में इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी. अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 यानी समानता का अधिकार और 19(1)(g) व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अधिनियम को असंवैधानिक बताया. कहा गया कि वे गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह अधिनियम उनकी स्वायत्तता में हस्तक्षेप करता है. फीस तय करने का अधिकार केवल प्रबंधन के पास होना चाहिए, इसमें सरकारी हस्तक्षेप अनुचित है. वहीं, राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आती है. अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता और न्यायोचित शुल्क तय करना है. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी स्कूल भी इस नियम से मुक्त नहीं हो सकते. किसी की असुविधा के लिए अधिनियम को अवैध नहीं ठहरा सकते : HC मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिका खारित करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता संघ नागरिक नहीं हैं, ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर संवैधानिक अधिकारों का हवाला नहीं दिया जा सकता. फीस के लिए नियम तय करना राज्य सरकार का अधिकार है. अधिनियम का उद्देश्य केवल फीस में पारदर्शिता लाना है. कोई अधिनियम केवल इस आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी को असुविधा हो रही है.

CG NEWS : छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार ननों की जमानत मंजूर

रायपुर/बिलासपुर- धर्मांतरण और मानव तस्करी के शक दुर्ग जेल में बंद दोनों नन ने जुडी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। ननों की जमानत अर्जी को हाई कोर्ट ने मंजूर कर दिया है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत देने का फैसला किया है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में गिरफ्तार ननों के मामले में शुक्रवार को बिलासपुर NIA कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़ित पक्ष ने अपनी दलीलें दर्ज कराईं। NIA कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। NIA कोर्ट के जज सिराजुद्दीन कुरैशी आज ननों की जमानत पर फैसला सुनाया। बता दें कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है, जिसमें धोखे, लालच, जबरदस्ती या बलपूर्वक लोगों को उनके घर या देश से दूर ले जाकर उनका शोषण किया जाता है। इसमें जबरन मजदूरी कराना, यौन शोषण/वेश्यावृत्ति, अंग व्यापार और शादी के लिए तस्करी होती है। इस केस में जमानत “नॉन-बेलेबल” होती है। खासकर बच्चों या महिलाओं से जुड़े मामलों में FIR होते ही गिरफ्तारी अनिवार्य होती है। वहीं सजा की बात करें तो कोर्ट 10 साल की सजा, आजीवन कारावास और जुर्माना लग सकता है।

कोरबा हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

कोरबा, 2 अगस्त 2025। कोरबा जिले के प्रेम नगर चौक में शुक्रवार को ओवरटेक करने की कोशिश तीन युवकों पर भारी पड़ गई। दो बाइक आपस में टकरा गईं, जिससे तीनों युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दर्री थाना क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइकें एक ही दिशा में तेज रफ्तार से जा रही थीं। ओवरटेक करने के प्रयास में वे आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर करीब 15 फीट दूर जा गिरे। दुर्घटना में एक युवक सिर के बल सड़क पर घसीटता चला गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया कि तीनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिया गया है, जो दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने में मदद करेगा।

निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: बूथ लेवल अधिकारियों का पारिश्रमिक हुआ दोगुना

निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों का पारिश्रमिक दोगुना कर दिया है। BLO पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में वृ‌द्धि की गई है। साथ ही आयोग ने EROs और AEROs को मानदेय देने का भी फैसला किया। बता दें कि पिछली बार ऐसा संशोधन वर्ष 2015 में किया गया था। CG NEWS : नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी होगी शामिल, टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बैठक… पदनाम 2015 से विद्यमान अब संशोधित बूथ लेवल अधिकारी 6000 रुपये 12000 रुपये मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ को प्रोत्साहन राशि 1000 रुपये 2000 रुपये बीएलओ पर्यवेक्षक 12000 रुपये 1800 रुपये AERO शून्य 25000 रुपये ERO शून्य 30000 रुपये

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