नाबालिग से दुष्कर्म और वादाखिलाफी: कोर्ट ने दरिंदे को सुनाई 20 साल की कड़ी कैद
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती कर बीच मझधार में छोड़ने वाले आरोपी कार्तिक जायसवाल (25 वर्ष) को अदालत ने सख्त सजा सुनाई है। FTSC (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। शादी का झांसा देकर लूटी अस्मत अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। आरोपी कार्तिक जायसवाल पिछले दो साल से नाबालिग को पसंद करने और शादी करने का झांसा दे रहा था। जुलाई 2024 की एक रात उसने बहला-फुसलाकर पीड़िता को अपने पुराने घर बुलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कोरबा तक किया पीछा, पीड़िता हुई 5 माह की गर्भवती घटना के बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोरबा शिफ्ट हो गई थी, लेकिन आरोपी ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। जब पीड़िता के माता-पिता काम पर बाहर जाते, तब कार्तिक वहां पहुंचकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसी दौरान नाबालिग 5 माह की गर्भवती हो गई। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने 7 दिसंबर 2024 को खरसिया थाने में मामला दर्ज कराया। न्यायालय का कड़ा फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा से दंडित किया: सजा: 20 वर्ष का कठोर कारावास। अर्थदंड: 5 हजार रुपये का जुर्माना। अतिरिक्त सजा: जुर्माना न भरने पर 4 माह की अतिरिक्त जेल
छत्तीसगढ़ में इस्पात संयंत्र में भीषण विस्फोट, छह मजदूरों की दर्दनाक मौत, चार गंभीर
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में गुरुवार को एक इस्पात संयंत्र में हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए जोरदार ब्लास्ट में छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद संयंत्र परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यह दर्दनाक घटना भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम बकुलाही स्थित इस्पात प्लांट में हुई। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास काम कर रहे मजदूर भी दहशत में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी भावना गुप्ता, भाटापारा ग्रामीण पुलिस और बलौदाबाजार से अतिरिक्त पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पहले भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी भावना गुप्ता ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि इस घटना में छह लोगों की मौत हुई है और चार घायल हैं। फिलहाल हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही संयंत्र प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं सुरक्षा मानकों में लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 📹 देखें वीडियो –
रायपुर | आबकारी विभाग में नियुक्तियों पर ब्रेक, आदेश रद्द
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में नव नियुक्त उप निरीक्षकों को महज 24 घंटे के भीतर बड़ा झटका लगा है। विभाग द्वारा जारी नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में कार्यालय आबकारी आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि तकनीकी कारणों के चलते नियुक्ति प्रक्रिया को फिलहाल रद्द किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा–2024 की चयन सूची के आधार पर 85 अभ्यर्थियों को आबकारी उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति दी गई थी। यह आदेश 21 जनवरी 2026 को जारी किया गया था, लेकिन अगले ही दिन आबकारी आयुक्त के निर्देश पर इसे वापस ले लिया गया। अचानक लिए गए इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और निराशा का माहौल है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति निरस्तीकरण का कारण प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रकृति का है। हालांकि, आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई विस्तृत जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
एलआईसी बिलासपुर मंडल की बड़ी उपलब्धि, कोरबा के रूकेश पटेल बने एमडीआरटी एजेंट
ज्ञान शंकर तिवारी बिलासपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बिलासपुर मंडल ने बीमा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कोरबा जिले के एलआईसी एजेंट रूकेश पटेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित एमडीआरटी (मिलियन डॉलर राउंड टेबल) एजेंट के रूप में सम्मानित किया है। यह सम्मान बीमा जगत में असाधारण प्रदर्शन का प्रतीक माना जाता है, जिसे देशभर में केवल शीर्ष 1 प्रतिशत एजेंट ही हासिल कर पाते हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान रूकेश पटेल को यह गौरव उनके निरंतर उत्कृष्ट व्यवसायिक प्रदर्शन, ग्राहकों के प्रति ईमानदारी, पारदर्शिता और उच्च स्तरीय सेवा गुणवत्ता के लिए प्रदान किया गया। एमडीआरटी सम्मान विश्व स्तर पर बीमा और वित्तीय सेवा क्षेत्र में कार्यरत उन चुनिंदा पेशेवरों को दिया जाता है, जो निर्धारित कड़े मानकों पर खरे उतरते हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल कोरबा जिला, बल्कि पूरे बिलासपुर मंडल और भोपाल जोन के लिए गर्व का विषय बन गई है। सफलता के पीछे भरोसा और सेवा भावना सम्मान समारोह के दौरान रूकेश पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने क्लाइंट्स के अटूट विश्वास, अपनी समर्पित टीम के निरंतर प्रयास और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि “ग्राहकों की जरूरतों को समझकर उन्हें सही, पारदर्शी और भरोसेमंद बीमा समाधान देना ही मेरी कार्यशैली का मूल मंत्र है।” उन्होंने यह भी कहा कि बीमा केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि परिवारों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। एलआईसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ जुड़कर समाज के हर वर्ग तक बीमा सुरक्षा पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य है। अन्य एजेंटों के लिए बने प्रेरणा स्रोत इस अवसर पर बिलासपुर मंडल और भोपाल जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रूकेश पटेल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि अन्य एलआईसी एजेंटों के लिए प्रेरणादायक है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि वे आगे भी इसी लगन, निष्ठा और परिश्रम के साथ कार्य करते हुए एलआईसी की साख को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रूकेश पटेल को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की। यह सम्मान निश्चय ही उनके समर्पण, मेहनत और सेवा भावना का सशक्त प्रमाण है।
दुर्ग पुलिस की सख्त कार्रवाई, व्हाट्सऐप से चल रहे जुआ-सट्टा रैकेट पर शिकंजा
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए मोबाइल व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए अवैध सट्टा खिलाने व खेलने वालों पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन और 23 हजार रुपए नगद सट्टा राशि जब्त की है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई पुलिस को 20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना भिलाई नगर क्षेत्र के सिविक सेंटर स्थित मुन्ना जूस कार्नर के पास कुछ लोग मोबाइल व्हाट्सऐप के जरिए जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर संदेहियों को पकड़ा। मौके से रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नरेश देवांगन को पकड़ा, जिसके पास से एक मोबाइल फोन और 3,000 रुपए नगद सट्टा राशि बरामद की गई। वहीं उसके साथ मौजूद चिण्टू कुमार के पास से भी एक मोबाइल फोन और 5,000 रुपए नगद बरामद हुए। इस प्रकार मौके से कुल 8,000 रुपए नगद और 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना भिलाई नगर में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल गिरफ्तार किया। जुआ-सट्टा माफियाओं में हड़कंप पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जुआ-सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। दुर्ग पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि ऑनलाइन माध्यम से हो रहे अवैध जुआ-सट्टा पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी सूरत में ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं इस तरह की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बिलासपुर से बड़ी खबर: मिड-डे मील में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, बच्चों की सेहत सर्वोपरि — वहीं बर्खास्त शिक्षक को अंतरिम राहत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो अहम मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक ओर जहां बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षक के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्यायिक संतुलन का स्पष्ट संदेश दिया है। मिड-डे मील मामला: दूषित भोजन पर हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान बिलासपुर में मिड-डे मील खाने से 25 बच्चों के बीमार पड़ने के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब तलब किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को दूषित भोजन परोसा गया था। इस लापरवाही के चलते तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट के निर्देश पर प्रभावित 25 बच्चों के परिजनों को प्रति बच्चा 5,000 रुपये मुआवजा दिया गया, जिसका वितरण 19 जनवरी 2026 को किया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हाईकोर्ट ने सेंट्रल किचन सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि मिड-डे मील वितरण स्थल को बच्चों के अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी। फर्जी दस्तावेज मामला: बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत दूसरी ओर, बिलासपुर में ही फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में बर्खास्त किए गए शिक्षक ईश्वरी निर्मलकर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईश्वरी निर्मलकर सहित छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बर्खास्तगी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ईश्वरी निर्मलकर की नियुक्ति वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के रूप में हुई थी। 2009 में सेवा नियमित 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में एब्जॉर्प्शन 2023 में प्राइमरी स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, लेकिन उसका ट्रायल अभी लंबित है। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी द्वारा 6 जनवरी 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए यह संकेत दिया कि जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायालय का स्पष्ट संदेश इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट का रुख यह दर्शाता है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है वहीं शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है किसी भी निर्णय में उचित प्रक्रिया और संवैधानिक संतुलन अनिवार्य है हाईकोर्ट की यह सक्रियता न केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि लापरवाही और मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोविड मृत्यु बीमा दावा खारिज करना पड़ा महंगा, मैक्स लाइफ को 1 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। कोविड-19 से हुई मृत्यु के एक मामले में बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनियों के लिए नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को मृतका के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का निर्देश दिया है। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में 2 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का आदेश भी दिया गया है। उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना मानते हुए लगाया जुर्माना आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि बीमा दावा खारिज करना न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पीड़ित परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा भी पहुंची। आयोग ने माना कि कंपनी का यह रवैया बीमा नियमों के खिलाफ है और इसी आधार पर हर्जाना लगाया गया। पॉलिसी जारी होने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं मृतका मामले के अनुसार बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने अपनी पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का ‘प्लैटिनम वेल्थ प्लान’ लिया था। पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी द्वारा कराई गई मेडिकल जांच में शैल कौशिक को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया था। कोविड संक्रमण के बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से संक्रमित हुईं। इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और 11 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हो गया। इसके बाद पति द्वारा नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया गया। ‘पहले से बीमारी’ का दावा आयोग ने किया खारिज बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा अस्वीकार कर दिया था कि पॉलिसीधारक पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं। आयोग ने इस दलील को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कंपनी की अपनी मेडिकल रिपोर्ट में महिला को स्वस्थ बताया गया था, ऐसे में दावा खारिज करना अनुचित है। तुरंत भुगतान करने के निर्देश उपभोक्ता आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को निर्देश दिए हैं कि मृतका के परिजनों को— 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि उस पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 2 लाख रुपये मानसिक पीड़ा व वाद व्यय का भुगतान तत्काल किया जाए। आयोग के इस फैसले को कोविड से जुड़े बीमा दावों में उपभोक्ताओं के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन में आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, प्रशासनिक आदेश जारी
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यदायित्वों में परिवर्तन करते हुए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आयुक्त स्तर पर पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार में बदलाव किया गया है। आदेश के तहत वर्ष 2009 बैच की आईएएस अधिकारी किरण कौशल को आगामी आदेश तक आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि समग्र शिक्षा का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से यह पद भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान के समकक्ष माना जाएगा। इसी क्रम में वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण, जो वर्तमान में आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के पद पर कार्यरत हैं तथा गृह निर्माण मंडल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, को रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे यह जिम्मेदारी अपने वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त रूप से निभाएंगे। वहीं प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश छिकारा को जिला बस्तर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे अब तक आवास एवं पर्यावरण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे और साथ ही रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। शासन के इस आदेश को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रायपुर–ओडिशा रेल रूट पर बड़ा असर: यार्ड रीमॉडलिंग के चलते 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द
✍️ भागीरथी यादव रायपुर | छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रेल से सफर करने वालों के लिए अहम खबर है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर मंडल में आरंगमहानदी स्टेशन और टीटलागढ़–लखोली सेक्शन पर यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के चलते रायपुर से चलने वाली चार महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक 31 जनवरी से 4 फरवरी 2026 के बीच रायपुर–विशाखापट्टनम पैसेंजर (58527) विशाखापट्टनम–रायपुर पैसेंजर (58528) रायपुर–जूनागढ़ रोड पैसेंजर (58207) रद्द रहेंगी। वहीं जूनागढ़ रोड–रायपुर पैसेंजर (58208) 1 फरवरी से 5 फरवरी 2026 तक संचालित नहीं होगी। रेलवे ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताते हुए अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी पूछताछ केंद्र से जरूर प्राप्त
जांजगीर-चांपा: ट्रक ड्राइवर से लूटपाट, आदतन अपराधी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव अकलतरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 49 पर घटी वारदात, आरोपी का आधार कार्ड से हुआ पर्दाफाश जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट कर लूटपाट करने के मामले में पुलिस ने आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित ड्राइवर से 3 हजार रुपये लूटे थे। 18 जनवरी की रात करीब 10 बजे, तरौद चौक से आगे स्थित नेशनल हाईवे पर ट्रक ड्राइवर प्रहलाद महंत पर एक हमले का प्रयास हुआ। आरोपी गजेंद्र केवट (27 वर्ष) ने खड़े ट्रक के कैबिन में घुसकर चालक के साथ बेल्ट और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपी ने ड्राइवर की जेब से 3 हजार रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान आरोपी का आधार कार्ड बरामद किया, जिससे उसकी पहचान गजेंद्र केवट के रूप में हुई, जो बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र का निवासी है। आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गजेंद्र केवट ने लूटपाट की वारदात को कबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई राशि में से 1,500 रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई चमड़े की बेल्ट बरामद की। पुलिस के अनुसार, गजेंद्र केवट एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह घटना जिले में अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रियता और तत्परता को उजागर करती है, जिसमें एक ही दिन में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और लूटी गई रकम का हिस्सा भी बरामद कर लिया गया।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















