रायपुर स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास नाकाम, छह नाबालिग बच्चे बरामद
✍️ भागीरथी यादव रायपुर रेलवे स्टेशन पर देर रात सुरक्षा एजेंसियों ने मानव तस्करी की एक गंभीर कोशिश नाकाम कर दी। साझा ऑपरेशन में RPF, GRP, चाइल्ड हेल्पलाइन और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने हावड़ा–मुंबई एक्सप्रेस में दबिश देकर एस–3 कोच से छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। सभी बच्चे कोलकाता क्षेत्र के बताए गए हैं। ऑपरेशन में फिरोज अली मंडल नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जो बच्चों को अवैध काम के लिए मुंबई ले जा रहा था। GRP ने आरोपी पर मानव तस्करी का मामला दर्ज कर दिया है, जबकि बच्चे चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में हैं, जहाँ उनकी काउंसलिंग और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
बिलासपुर–मडगांव रूट पर शीतकालीन स्पेशल ट्रेन, छुट्टियों में यात्रियों को बड़ी राहत
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिलासपुर से मडगांव (गोवा) के बीच शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह विशेष ट्रेन 20 दिसंबर से शुरू होकर कुल चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी। छुट्टियों के दौरान गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए यह कदम बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि फिलहाल ट्रेन में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। ट्रेन संचालन का शेड्यूल बिलासपुर से मडगांव के लिए ट्रेन संख्या 08241 को 20 दिसंबर, 27 दिसंबर, 3 जनवरी और 10 जनवरी को शनिवार के दिन चलाया जाएगा। वहीं मडगांव से बिलासपुर की ओर लौटने वाली ट्रेन संख्या 08242 को 22 और 29 दिसंबर, तथा 5 और 12 जनवरी को सोमवार को रवाना किया जाएगा। प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया और नागपुर स्टेशनों में निर्धारित किया गया है। इससे मध्य भारत के यात्रियों के लिए गोवा की यात्रा और सुगम हो जाएगी। कोच संरचना शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं— 1 एसएलआरडी कोच 3 सामान्य कोच 2 स्लीपर कोच 2 एसी–III इकोनॉमी 8 एसी–III कोच 1 एसी–II कोच 1 जनरेटर कार इस कोच संरचना के माध्यम से रेलवे का उद्देश्य त्योहारों और अवकाश सीजन में अधिकतम यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। छुट्टियों में गोवा जाने वालों के लिए यह ट्रेन एक बेहतर विकल्प साबित होने की उम्मीद है।
तांत्रिक ने पैसा नहीं बलि की चाह में तीन लोगों को उतारा मौत के घाट
✍️ भागीरथी यादव कोरबा – तीन लोगों की हत्या कांड में अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। सूत्रों के अनुसार इस जघन्य वारदात के केंद्र में एक तांत्रिक की कथित ‘मानव बलि’ वाली काली सोच और तंत्र क्रिया के नाम पर रची गई खतरनाक योजना शामिल थी। सूत्रों के अनुसार तांत्रिक ने तीनों मृतकों को विशेष तंत्र-पूजा और कई गुना आर्थिक लाभ का झांसा देकर अपने जाल में फँसाया। उसने उन्हें फार्महाउस में बुलाने की पूरी योजना पहले से ही तैयार कर रखी थी। पूजा-अनुष्ठान का बहाना देकर ही तीनों को मौत के इस क्रूर जाल में धकेला गया। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई हैरतअंगेज सुराग मिले हैं, जो इस पूरे मामले की दिशा बदल सकते हैं। संदेह गहराने पर पुलिस ने संदिग्ध तांत्रिक को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत, आक्रोश और अविश्वास का माहौल है। स्थानीय लोग इस निर्मम हत्या के पीछे छिपी काली मंशाओं को देखते हुए कठोरतम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब हर उस कड़ी को खंगाल रही है, जो इस ट्रिपल मर्डर को एक संगठित और योजनाबद्ध साज़िश की ओर इशारा करती है। मामला जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही यह रहस्य और भयावह होता जा रहा है।
रिश्वतखोरी पर पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई, प्रधान आरक्षक अनिल साहू दो साल के लिए पदावनत
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार पर कड़ी लगाम कसते हुए सख्त कदम उठाया है। चालान पेश करने और जमानत आवेदन पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले में प्रधान आरक्षक अनिल साहू को दोषी पाए जाने पर पदावनत कर आरक्षक बना दिया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में हुई विभागीय जांच के बाद की गई। पूरा मामला नवंबर 2024 का है, जब पीड़ित ने अनिल साहू का रिश्वत मांगते हुए वीडियो बनाकर शिकायत की थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ, जिसमें वह वाहन को राजसात होने से बचाने और जमानत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले पैसों की मांग करते साफ नजर आ रहा था। शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच पैसों को लेकर हुई बातचीत भी वीडियो में सुनाई दी थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत विभागीय जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद एसएसपी ने अनिल साहू को दो वर्षों के लिए पदावनत करने का आदेश जारी किया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे आरोपी किसी भी पद पर क्यों न हो। भविष्य में भी ऐसी हरकतों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी।
घोरामार हत्याकांड में तीन दिनों में सनसनीखेज खुलासा पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर – कोटा थाना क्षेत्र के घोरामार गांव में युवक धीरज साहू की हत्या के रहस्य से पुलिस ने मात्र तीन दिनों में पर्दा उठा दिया। 30 नवंबर की रात अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गए धीरज की अचानक हुई गुमशुदगी ने परिवार को चिंता में डाल दिया था। अगले दिन उसका मोबाइल बंद मिला और कोई सुराग हाथ नहीं लगा। 1 दिसंबर को परिजनों ने कोटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 7 दिसंबर—तालाब में मिला शव, खुला हत्या का राज लगातार खोजबीन के बीच 7 दिसंबर को घोरामार के बांधा तालाब में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में तैरता मिला, जिसकी पहचान धीरज साहू के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस ने मर्ग को हत्या में बदलकर जांच तेज कर दी। सीसीटीवी से लेकर मोबाइल डेटा तक—जांच में जुटी पुलिस जांच दल ने क्षेत्रभर के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया और धीरज के परिजनों व परिचितों से गहन पूछताछ की। इसी दौरान दो नाम लगातार संदेह के घेरे में आए—अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। एक साल पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह पुलिस के अनुसार मृतक और आरोपी अनिल साहू के बीच करीब एक वर्ष से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को खत्म करने के लिए दोनों आरोपियों ने धीरज की हत्या की योजना बनाई। ऐसे रची गई वारदात की पटकथा 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे आरोपी धीरज के पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचे। मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर उसे बाहर बुलाया और चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए शव में पत्थर बांधकर बांधा तालाब में फेंक दिया। वहीं वारदात में उपयोग किए गए चाकू, कपड़े और मोबाइल फोन को कोरी डेम में ठिकाने लगा दिया। हत्या का खुलासा, आरोपियों के सपने सलाखों के पीछे तकनीकी साक्ष्यों, फील्ड इन्वेस्टिगेशन और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने तीन दिनों के भीतर पूरा मामला सुलझा लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस तेज कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ठोस रणनीति, तकनीकी दक्षता और सतत मॉनिटरिंग किसी भी जघन्य अपराध को सुलझाने की कुंजी है।
पटना में डीएम का जनता दरबार बना ‘प्रशासनिक सर्जरी’, जमीन व राजस्व मामलों पर कसा शिकंजा
✍️ भागीरथी यादव पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम का जनता दरबार शुक्रवार को सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का केंद्र बन गया। जमीन, रसीद, अतिक्रमण और रंगदारी से जुड़ी शिकायतों पर डीएम ने मौके पर ही तीखी फटकार लगाई। बिहटा के सुनील राम की शिकायत पर डीएम ने कर्मचारियों की मनमानी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए और तत्काल जांच आदेश जारी किया। कुल 65 मामलों की सुनवाई में डीएम ने कई अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। गौरीचक और पुनपुन क्षेत्र से आए अतिक्रमण व निबंधन रोकने के मामलों पर भी सख्ती दिखाई गई। ग्रामीण एसपी ने एक थानेदार को सीधे शोकॉज कर दिया। जनता दरबार से साफ संदेश गया—जमीन विवाद, अतिक्रमण और रंगदारी पर अब ज़रा सी ढिलाई भी बर्दाश्त नहीं होगी। आज की कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
दुर्ग में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: मोमोस के बहाने बुलाया, चापर से हत्या कर जला डाला… 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र के पुरई गांव में करगाडीह पऊवारा नहर के पास खेल मैदान में पुआल के ढेर से एक अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। मामला ब्लाइंड मर्डर लगने पर एसएसपी दुर्ग ने 6 विशेष टीमें बनाईं, जिन्होंने रातभर जांच कर 24 घंटे में आरोपी का पर्दाफाश कर दिया। ऐसे खुला राज मिसिंग रिपोर्ट खंगालने पर पता चला कि सुपेला थाना में उर्मिला निषाद (30) की गुमशुदगी दर्ज है और रिपोर्ट उसके प्रेमी विजय बांधे ने ही कराई थी। पूछताछ में विजय के बयान उलझते गए और आखिरकार उसने हत्या की बात कबूल ली। लव स्टोरी बनी मौत की वजह विजय केटरिंग में काम करता था और उर्मिला भी उसी के साथ काम करती थी। दोनों में प्यार हुआ, लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था। उर्मिला शादी का दबाव डाल रही थी और पैसों को लेकर भी विवाद बढ़ चुका था। योजना बनाकर हत्या रविवार शाम विजय उर्मिला को मोमोस–पकौड़े खिलाने के बहाने बाइक पर ले गया। सुनसान जगह पर बहस बढ़ी, तो उसने चापर से उर्मिला के गले व शरीर पर हमला किया और गिरते ही पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पहचान छिपाने के लिए पुआल भी डाल दिया। गुनाह छिपाने की कोशिश नाकाम वारदात के बाद विजय सीधे अपने गांव भाग गया और अगली सुबह खुद पुलिस स्टेशन पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी। लेकिन सीसीटीवी, सबूत और विरोधाभासी बयानों ने सच सामने ला दिया। पुलिस ने खून से सने कपड़े, चापर और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या की जांच अब कई एंगल से जारी है।
जमीन विवाद में हुई हत्या—सकरी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपी चढ़ाए हवालात
✍️ भागीरथी यादव सकरी (बिलासपुर)। थाना सकरी अंतर्गत चोरभटठीखुर्द गांव में जमीन विवाद के चलते हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने बेहद तत्परता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज होने के महज कुछ घंटों के भीतर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए थे। घटना का खुलासा प्रार्थी मयंक यादव (20) ने पुलिस से शिकायत की कि उसके पिता मनबोध यादव (48) का शव भैराबांधा तालाब के पास खून से लथपथ हालत में मिला। सकरी पुलिस ने तत्काल धारा 103(1), 61(2) बीएनएस के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने मिलकर लोहे के धारदार टंगली से हमला कर मनबोध यादव की निर्मम हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपी गौतमचंद साहू (33 वर्ष), पिता हरिशचंद्र साहू गुलाबचंद साहू (30 वर्ष), पिता हरिशचंद्र साहू अजय ध्रुव (22 वर्ष), पिता सुखीराम तीनों आरोपी चोरभटठीखुर्द गांव के ही निवासी हैं। इस तरह बनी गिरफ्तारी की कड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। सउनि सुरेंद्र तिवारी एवं उनकी टीम ने घटनास्थल से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को दबोच लिया। ये रही पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका निरीक्षक विजय चौधरी, सउनि सुरेंद्र तिवारी, सउनि राजकुमार वस्त्रकार, प्रआर रवि कुमार लहरे, प्रआर लक्ष्मीकांत कश्यप, आर सुमंत कश्यप, रूपेश कौशिक, आशीष शर्मा, अमित पोर्ते, कलीराम यादव, मनोज बघेल, विनोद शास्त्री और पवन बंजारे ने इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरक्षक भर्ती चयनित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा 2023-24 के तहत हाल ही में जारी चयन सूची में शामिल गरियाबंद जिले के सभी अभ्यर्थियों को 13 दिसम्बर 2025 को प्रातः 10 बजे रक्षित केन्द्र गरियाबंद में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति की अगली प्रक्रिया के लिए इस दिन अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मूल दस्तावेज एवं स्व-प्रमाणित प्रतियां साथ लाना अनिवार्य है, जिसमें — 10वीं की अंकसूची, निवास व जाति प्रमाण पत्र, भूतपूर्व सैनिक/एनसीसी/खेल प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), छह पासपोर्ट साइज फोटो, ऑनलाइन आवेदन पावती तथा फिजिकल व लिखित परीक्षा के प्रवेश पत्र शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहने से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी चयनित अभ्यर्थियों से समय पर उपस्थित होने की अपील की गई है।
गरियाबंद: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 25.50 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त
✍️ भागीरथी यादव गरियाबंद, 11 दिसंबर 2025। कलेक्टर बी.एस. उईके के निर्देश पर जिला आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए ग्राम नागाबुड़ा में बड़ी कार्रवाई की। आबकारी टीम ने दबिश देकर आरोपिया दुरपत गुप्ता (उम्र 42 वर्ष) के कब्जे से 25.50 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की। आरोपिया के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक नागेशराज श्रीवास्तव, मुख्य आरक्षक चंदलोल गायकवाड़, आरक्षक पिताम्बर चौधरी, नगर सैनिक संजय नेताम, मनीष कश्यप, महिला नगर सैनिक हेमबाई साहू, कामिनी सोनी तथा वाहन चालक शैलेन्द्र कश्यप व गोवर्धन सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














