भड़काऊ बयान विवाद: JCP प्रमुख अमित बघेल ने देवेन्द्र नगर थाने में किया सरेंडर

✍️ भागीरथी यादव    छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ उस समय आया, जब जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज के देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आज देवेन्द्र नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।   बघेल लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर थे, जिसके चलते उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था और ₹5,000 का इनाम भी घोषित किया गया था। विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों समाजों में भारी आक्रोश फैल गया था और उनके खिलाफ लगातार विरोध दर्ज किए जा रहे थे।   पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और वैमनस्य फैलाने के आरोपों में कई FIR दर्ज की थीं। महीनों की फरारी के बाद आज बघेल अपने वकील के साथ थाने पहुंचे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।   सरेंडर के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब बघेल को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड या न्यायिक हिरासत पर फैसला होगा।   यह घटनाक्रम बताता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए विवादित बयानों के गंभीर कानूनी परिणामों से कोई भी नहीं बच सकता।

जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 271 बोरी अवैध तंबाकू जब्त—गोवा से फरार आरोपी भी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    जशपुर में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए चल रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस ने लोदाम क्षेत्र में गुजरात से सिलीगुड़ी जा रहे एक ट्रक से 271 बोरी अवैध कच्चा तंबाकू जब्त किया, जिसकी कीमत 5 लाख से अधिक बताई जा रही है।   मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे की टीम ने ट्रक चालक अवधेश सिंह को पकड़ा। जांच में इनवॉइस और वाहन नंबर में अंतर मिलने पर तस्करी की पुष्टि हुई।   उधर, ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत नाबालिक बालिका से दुष्कर्म के मामले में महीनों से फरार आरोपी को गोवा से गिरफ्तार किया गया।   SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्यपाल को राष्ट्रीय वुशु चैम्पियनशिप का निमंत्रण

✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 05 दिसम्बर 2025।   लोकभवन में आज वुशु एसोसिएशन के महासचिव डी. कोंडैया ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर राजनांदगांव में होने वाली राष्ट्रीय वुशु चैम्पियनशिप में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही।  

तमिलनाडु में वोटर लिस्ट की सबसे बड़ी सफाई शुरू — 50 लाख तक नाम कट सकते हैं, बढ़ी चिंता और बढ़ा विवाद

✍️ भागीरथी यादव   तमिलनाडु में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। 2026 विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ और अद्यतन करने के लिए चुनाव आयोग ने अब तक के सबसे बड़े अभियान की शुरुआत की है। अनुमान है कि 40–50 लाख वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाए जा सकते हैं, जिससे पूरे राज्य में चिंता और बहस दोनों तेज हो गई है। 25.72 लाख मृत मतदाता, 39 लाख ने छोड़ा पुराना घर राज्य में कुल 6.41 करोड़ वोटर्स हैं। चुनाव आयोग की प्रारंभिक जांच में—25.72 लाख लोग मृत पाए गए, जिनके नाम हटना तय है। 39 लाख मतदाताओं ने स्थायी निवास बदला है और उनके पुराने पते पर नाम मौजूद हैं। 9 लाख मतदाताओं का कोई पता उपलब्ध नहीं, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।3.32 लाख डुप्लीकेट वोटर्स की सूची अलग से तैयार हो चुकी है। इन आंकड़ों के आधार पर कम से कम 28 लाख नाम तो निश्चित रूप से हटेंगे, वहीं जिन 9 लाख लोगों का पता नहीं मिल पाया, यदि वे 11 दिसंबर तक अपील नहीं करते, तो उनके नाम भी काट दिए जाएंगे।   वोटर्स की बढ़ती परेशानी — 41 लाख को फॉर्म भी नहीं मिला   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद भी कई मतदाता अपडेट नहीं कर पा रहे। अब तक 63.2 लाख इलेक्टोरल फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन 41 लाख लोगों को अभी तक फॉर्म नहीं मिला। इसी कारण आयोग ने अपील की अंतिम तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है। लोग फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) और फॉर्म-7 (गलत कटे नाम दोबारा जोड़ने) के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ के जरिए अपडेट करा सकते हैं।   राजनीतिक मुकाबला तेज — ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’   मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और विपक्ष के कई नेताओं ने SIR प्रक्रिया को “खतरनाक” बताते हुए कड़ा विरोध किया है। वीसीके नेता थोल थिरुमावलावन ने चेतावनी दी कि, > “अगर प्रक्रिया ऐसे ही चली तो 1 करोड़ तक नाम कट सकते हैं, यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।” उन्होंने बिहार में हुए 43 लाख नाम कटने का उदाहरण देते हुए संसद में बहस की मांग की है। राजस्व अधिकारियों ने भी बीएलओ का अतिरिक्त काम करने से इनकार कर दिया है, जिससे अभियान की रफ्तार प्रभावित हो रही है।   EC का दावा — नकली वोटिंग पर ब्रेक जरूरी चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को सटीक बनाने के लिए यह कदम अनिवार्य है। EC के अनुसार, > “नकली वोटिंग रोकने और हर मतदाता को सही पहचान देने के लिए लिस्ट की सफाई जरूरी है।” अगर किसी का नाम गलत कट जाता है तो अपील और दोबारा रजिस्ट्रेशन दोनों के विकल्प खुले हैं। लोग सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  

गांधी मूर्ति चौराहे से छात्र का अपहरण, कोचिंग मैनेजर की सूझबूझ से 5 घंटे में सकुशल बरामद

✍️ भागीरथी यादव    मुरादाबाद में दिनदहाड़े बड़ा मामला सामने आया है। अमरोहा में कोचिंग करने वाले छात्र अरुण कुमार को बुधवार दोपहर गांधी मूर्ति चौराहे से चार युवकों ने फॉर्म भरने के बहाने अपहरण कर लिया। अपहर्ताओं ने उसे धमकाकर 3800 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए और फिरौती की डिमांड बढ़ाते-बढ़ाते 50 हजार रुपये तक पहुंच गई।   घटना की जानकारी मिलते ही कोचिंग सेंटर मैनेजर प्राची उपाध्याय ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी छात्र की तलाश में जुट गईं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों का पीछा शुरू किया। अपहर्ता अरुण को ईदगाह के पास एक मकान में छिपाकर राशि न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।   प्राची उपाध्याय ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपियों को रुपये देने के बहाने ईदगाह के पास बुलाया और मौके पर मौजूद पुलिस टीम की मदद से चारों अभियुक्तों को दबोच लिया। अरुण को सकुशल बरामद कर लिया गया।   सीओ सिटी अभिषेक यादव के अनुसार, सभी चार अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्राची उपाध्याय द्वारा की गई तत्परता और रिकॉर्डिंग ने पुलिस की कार्रवाई आसान कर दी।

जमीन रजिस्ट्री गाइडलाइन में भारी वृद्धि से मचा संग्राम सरकार पर बढ़ा दबाव, सत्ता–विपक्ष दोनों आमने-सामने

✍️ भागीरथी यादव    प्रदेश में जमीन रजिस्ट्री की कलेक्टर गाइडलाइन दरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। इसे लेकर विपक्ष तो पहले से हमलावर था, अब सत्ता पक्ष से भी इसे तत्काल रोकने की मांग तेज हो गई है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर गाइडलाइन वृद्धि को अव्यावहारिक और जनविरोधी बताते हुए तुरंत स्थगित करने की मांग की है। विपक्ष का हमला : “जनता पर आर्थिक बोझ”   विपक्षी दलों का कहना है कि गाइडलाइन में अचानक 100 से 800 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में जमीन खरीदना महंगा कर दिया है। इससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा और संपत्ति संबंधी लेन-देन ठप होने का खतरा है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बिना सामाजिक-आर्थिक आकलन के निर्णय लेने का आरोप लगाया है। सांसद अग्रवाल का पत्र : “बिना जन-परामर्श लिया गया फैसला”   अग्रवाल ने कहा है कि गाइडलाइन बढ़ोतरी बिना वास्तविक मूल्यांकन और जनभागीदारी के लागू की गई है, जिससे किसानों, छोटे व्यवसायियों, कुटीर-उद्यमियों, रियल एस्टेट सेक्टर और मध्यम वर्ग में खासा असंतोष है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को अधिक मुआवजा देने की दलील भ्रामक है, क्योंकि प्रदेश में केवल 1% भूमि ही अधिग्रहित होती है, जबकि 99% जनता पर अनावश्यक वित्तीय बोझ लाद दिया गया है। सांसद ने पंजीयन शुल्क को 4% से घटाकर पुनः 0.8% करने की भी मांग की है और 20 नवंबर से लागू नई गाइडलाइन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की अपील की है। कांग्रेस का पलटवार : “सांसद की नौटंकी” सांसद के पत्र को कांग्रेस ने “खानापूर्ति” करार देते हुए इसका प्रतीकात्मक दहन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि यदि भाजपा नेताओं को वाकई जनता की चिंता है, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें—“कांग्रेस साथ खड़ी मिलेगी।” कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि गाइडलाइन वापस नहीं ली गई तो किसान–व्यापारी संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों का दावा : “बाजार मूल्य के अनुरूप की गई बढ़ोतरी” अधिकारियों के अनुसार, कई वर्षों से गाइडलाइन अपडेट न होने के कारण जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। नई गाइडलाइन से: किसानों को भूमि अधिग्रहण में तीन गुना तक अधिक मुआवजा, संपत्ति के बदले अधिक बैंक ऋण की सुविधा, और नगरीय क्षेत्रों में रोड-वाइज, संतुलित दर निर्धारण का लाभ मिलेगा। राजनीतिक हलचल जारी — फैसला हवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धी राजनीति और व्यापक जनविरोध के बीच माना जा रहा है कि सरकार वित्त विभाग से समीक्षा करा सकती है। हालांकि नई गाइडलाइन वापस ली जाएगी या संशोधित—इस पर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। प्रदेश में इस मुद्दे ने जमीन से जुड़ी राजनीति को नया मोड़ दे दिया है, और आने वाले दिनों में इसका असर सत्ता–विपक्ष की रणनीतियों पर साफ दिखाई दे सकता है।

मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले में बड़ा खुलासा: धान उपार्जन केंद्र नागपुर में कोचिया रंगे हाथों गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    शासन को ₹3 लाख की क्षति से बचाया   मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के धान उपार्जन केंद्र नागपुर में सोमवार को अवैध धान विक्रय का संगठित रैकेट उजागर हुआ। राजस्व और प्रशासनिक अमले की तत्परता से कोचिया संदीप जायसवाल को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिससे शासन को लगभग तीन लाख रुपये की संभावित आर्थिक क्षति से बचा लिया गया। कटे टोकनों के सत्यापन के दौरान सामने आया बड़ा सुराग 1 दिसंबर को दोपहर 2 बजे पटवारी हल्का नागपुर टीम द्वारा आगामी दिवस के लिए कटे टोकनों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा था। उसी दौरान ग्राम लाई निवासी कृषक सोहन रामसिंह से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सोहन ने स्पष्ट बताया कि उसके खेत में धान की न बोवाई हुई, न रोपाई और न ही कटाई—केवल बीज का छिड़काव तक नहीं हुआ था। इसके बावजूद नागपुर निवासी संदीप जायसवाल ने उसे समिति में उपस्थित होने और धान चढ़ाने का झांसा देकर उसका बैंक पासबुक व एटीएम भी ले लिया। इससे प्रशासन को अवैध धान विक्रय के सुनियोजित नेटवर्क का शक गहरा गया। रणनीति बनाकर पकड़ा गया पूरा खेल सूचना की गंभीरता को देखते हुए 2 दिसंबर को सोहन को समझाइश देकर वैसा ही व्यवहार करने कहा गया जैसा संदीप निर्देश देगा, ताकि पूरे रैकेट को पकड़ना संभव हो सके। योजना के अनुरूप सुबह 10 बजे पहली ट्रिप में 124 बोरी (49.80 क्विंटल) धान समिति में उतारा गया। इसके बाद दोपहर 3 बजे दूसरी ट्रिप में 120 बोरी (47.20 क्विंटल) धान सोनालिका ट्रैक्टर में लाया गया, जिसे संदीप अपने नागपुर बस्ती स्थित घर से लोड करवा रहा था।   टीम के मौके पर पहुंचते ही सारा खेल खुल गया—कुल 96.80 क्विंटल धान सोहन के नाम पर अवैध रूप से बेचने की कोशिश की जा रही थी, जबकि उसके खेत से एक दाना भी उत्पादन नहीं हुआ था।   तत्काल कार्रवाई: ट्रैक्टर और धान जब्त प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए— पहली ट्रिप के 124 बोरी धान को समिति में जप्त कर प्रभारी को सौंप दिया। दूसरी ट्रिप के लगभग 120 बोरी धान और सोनालिका ट्रैक्टर को थाना सुपुर्द कर दिया गया। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी संदीप जायसवाल शासन को ₹3,00,080 की आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रहा था। पूरे मामले का विस्तृत पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों को भेज दिया गया है।   सख्त संदेश—धान खरीदी में हेराफेरी करने वालों को नहीं मिलेगी राहत   यह कार्रवाई न सिर्फ राजस्व अमले की सतर्कता का मजबूत उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि धान खरीदी प्रणाली में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को सख्ती से कुचला जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

सिवान में फिर गोलियों की गूंज—मुखिया की दिनदहाड़े हत्या, देर रात युवक को मारी गोली

✍️ भागीरथी यादव   अपराध की बढ़ती घटनाओं से दहशत में आम लोग, सड़क पर उतरे ग्रामीण   सिवान जिले में बुधवार का दिन और रात दोनों ही दहशतभरे साबित हुए। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गोपी पत्तियांव पंचायत में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब पंचायत के मुखिया रांधा साह की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। फुलवरिया मोड़ के पास हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में खौफ भर दिया। मुखिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर फरार हो गए।   घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण उग्र हो उठे। सैकड़ों की संख्या में लोग गुठनी–मांझी मुख्य पथ पर जुट गए और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रखंड के सभी मुखियाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इलाके में बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा व सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया।   इधर, रात होते-होते जिले में एक और गोलीकांड हो गया। बड़हरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पश्चिम टोला में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पल्सर बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने आग ताप रहे 28 वर्षीय नसीम अहमद को पीछे से गोली मार दी। गोली नसीम की कमर को चीरती हुई आर-पार हो गई।   ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल नसीम को तत्काल सदर अस्पताल सिवान पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। बड़हरिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक रूप से पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। अपराधियों की तलाश में पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।   पिछले एक महीने में सिवान जिले में गोलीकांड और हत्याओं की दर्जनों वारदातें हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना गहरी होती जा रही है। विपक्ष ने भी सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हमला बोला है। सम्राट चौधरी द्वारा चुनाव से पहले किए गए वादे—“अपराधी बिहार छोड़कर भाग जाएंगे”—की याद दिलाते हुए विपक्ष ने वर्तमान स्थिति को सरकार की नाकामी बताया है।   सिवान में लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता में बेचैनी गहराती जा रही है।

उत्तर प्रदेश में सड़क क्रांति: एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क ने बदली विकास की तस्वीर

✍️ भागीरथी यादव   लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कों का विशाल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क 2017 से पहले यूपी में केवल 3 एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 22 हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर का विकास तेजी से हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों में 41% योगदान पिछले दो दशकों में यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किमी से बढ़कर 12,292 किमी हो गया है। देश के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों में प्रदेश की हिस्सेदारी 7.48% से बढ़कर 41% पहुंच गई है। शहरों से गांव तक आसान कनेक्टिविटी बेहतर सड़कों से यातायात सुगम हुआ है, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। ग्रामीण सड़कों का तेज विस्तार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण मार्गों की कुल लंबाई 2017 से अब तक 77,425 किमी तक पहुंच गई है, जिससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य 2029 तक यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए “सड़कों का गोल्डन नेटवर्क” आधार साबित हो रहा है।

बिलासपुर जंगलों में सागौन तस्करी का भंडाफोड़, वन विभाग ने स्कॉर्पियो समेत कीमती लकड़ी जब्त की

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के बेलगहना जंगलों में सागौन लकड़ी की तस्करी लंबे समय से चल रही थी, जिसका खुलासा मंगलवार रात वन विभाग की पेट्रोलिंग के दौरान हुआ। गश्ती दल को देखते ही लकड़ी तस्कर जंगल की तरफ भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए।   वन विभाग की टीम को पिछले कुछ दिनों से संकेत मिल रहे थे कि कक्ष क्रमांक 1202/2470 के आसपास पेड़ों की अवैध कटाई कर सागौन की तस्करी की जा रही है। इसी सूचना पर अफसर मंगलवार रात पेट्रोलिंग टीम के साथ जंगल में सर्चिंग पर निकले थे। स्कॉर्पियो छोड़कर भागे तस्कर   मुख्य मार्ग पर खड़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी जंगल की ओर मोड़ दी। थोड़ी दूरी पर वाहन को झाड़ियों के बीच खड़ा कर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। जांच में स्कॉर्पियो से 6 नग सागौन के लट्ठे और 1 सागौन सिलपट बरामद हुए। इसके बाद टीम ने आसपास के जंगल में तलाशी ली, जहां से 3 अतिरिक्त लट्ठे और मिले। सभी लकड़ी को जब्ती पंचनामा बनाकर बेलगहना डिपो भेज दिया गया। जब्त सागौन लकड़ी की कीमत करीब 30 हजार रुपए, जबकि स्कॉर्पियो वाहन की कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है।   तस्करों की तलाश तेज वन विभाग अब स्कॉर्पियो मालिक की पहचान के लिए परिवहन विभाग से वाहन विवरण जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक के माध्यम से जल्द ही तस्करों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में हो रही अवैध कटाई और तस्करी के बड़े नेटवर्क का एक और खुलासा हुआ है।

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