समय से पहले बंद मिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मरीज लौटे मायूस स्टाफ नदारद, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

ज्ञान शंकर तिवारी     कोरबा। कोरबा जिले के मुड़ापार स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल सोमवार शाम उस समय खुल गई, जब निर्धारित समय के भीतर पहुंचे मरीजों को केंद्र का मुख्य द्वार बंद मिला। शाम करीब 7:00 बजे स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ था, जबकि डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ी, जो देर शाम तक केंद्र खुलने का इंतजार करते रहे। कई मरीजों ने बताया कि नियमित समय में भी स्टाफ की अनुपस्थिति अब आम बात हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार समय से पहले स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना से नाराज क्षेत्रवासियों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, केंद्र की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। अब सवाल यह है कि आम जनता के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर आखिर किसके भरोसे चल रहे हैं? यदि समय पर इलाज नहीं मिला, तो “स्वास्थ्य सुरक्षा” की मंशा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।

**छिंदपुर में लो-वोल्टेज का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

ज्ञान शंकर तिवारी    10 दिन में समाधान नहीं तो CSPDCL कार्यालय का घेराव तय** कोरबा/पाली (लोक सदन)। पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदपुर में जर्जर विद्युत व्यवस्था ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गई है। उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर प्राथमिक शाला तक महज एक सिंगल केबल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे लगातार ओवरलोड और लो-वोल्टेज की स्थिति निर्मित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी एक केबल पर वेल्डिंग मशीन जैसे भारी उपकरण चलाए जाने से वोल्टेज बार-बार गिर रहा है। नतीजतन मोटर पंप बंद हो जा रहे हैं और घंटों बिजली गुल रहती है। इससे पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद राठौर ने बताया कि करीब चार माह पूर्व CSPDCL दीपका कार्यालय में सहायक अभियंता को लिखित शिकायत सौंपी गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विभागीय उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की ओर से कार्यपालन अभियंता, CSPDCL कोरबा को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि छिंदपुर में अलग से नई विद्युत केबल लाइन बिछाई जाए, जिससे ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो ग्रामीण CSPDCL दीपका कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव को इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सके।

पाली | धवईहापारा में राज्य स्तरीय कबड्डी महाकुंभ का भव्य समापन, खेल भावना और जनउत्साह का अद्भुत संगम

ज्ञान शंकर तिवारी   पाली विकासखंड के ग्राम धवईहापारा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का समापन 18 जनवरी की देर रात लगभग 12 बजे फाइनल मुकाबले के साथ भव्य और रोमांचक अंदाज़ में हुआ। ठंड और देर रात के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरा क्षेत्र खेल उत्सव और जोश से सराबोर नजर आया। प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न गांवों से आई टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की ऊर्जा और समर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता है। प्रतियोगिता के परिणाम 🥇 प्रथम स्थान : हरनमुंडी 🥈 द्वितीय स्थान : बिंझरापारा 🥉 तृतीय स्थान : देवगांव 🏅 चतुर्थ स्थान : धवईहापारा व्यक्तिगत पुरस्कार ⭐ बेस्ट रेडर : मनीष उईके (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट केचर : संदीप मरावी (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट ऑलराउंडर : मनोज पटेल (देवगांव) फाइनल मुकाबला दर्शकों के लिए सांसें रोक देने वाला रहा। दोनों टीमों ने अंतिम क्षण तक कड़ा संघर्ष किया। तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहवर्धन के नारों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और मुकाबले को यादगार बना दिया। जनसेवा और खेल प्रोत्साहन की मिसाल बने कौशल नेटी इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 09, श्री कौशल नेटी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति निष्ठा का संदेश दिया। कार्यक्रम का सबसे सराहनीय पहलू तब सामने आया, जब श्री नेटी ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के अपनी ओर से आयोजन समिति को ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की। उनकी यह पहल उनके सरल स्वभाव, खेल प्रेम और जनसेवा की भावना को दर्शाती है। आयोजकों एवं क्षेत्रवासियों ने इस सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। जनता के विश्वास पर खरे उतरते जनप्रतिनिधि उल्लेखनीय है कि कौशल नेटी ने पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद अपने पद से इस्तीफा देकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जनता और युवाओं ने उन पर भरोसा जताया और आज वे उस विश्वास पर खरे उतरते हुए क्षेत्र में आयोजित सामाजिक, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी सहभागिता से क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरक संदेश जा रहा है। धवईहापारा की यह राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता न केवल खेल आयोजन रही, बल्कि ग्रामीण प्रतिभा, सामाजिक सहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।

कानून के रक्षक पर दाग: कटघोरा थाने में पदस्थ एसआई पर छेड़खानी का मामला, गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव  वर्दी की आड़ में धमकी और उत्पीड़न का आरोप, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया कोरबा। जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटघोरा थाना क्षेत्र में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर शिव प्रसाद कोसरिया के खिलाफ उसी थाने में छेड़खानी का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी एसआई को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पीड़िता महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी एसआई उसके पति को अवैध शराब के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर लगातार फोन पर परेशान करता था। महिला के अनुसार, आरोपी ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उस पर दबाव बनाया और भय का माहौल पैदा किया। मामला रविवार रात और गंभीर हो गया, जब आरोप है कि एसआई शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा और जबरन छेड़खानी करने की कोशिश की। घटना से डरी महिला ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी सब-इंस्पेक्टर को तत्काल हिरासत में ले लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए। कटघोरा थाना प्रभारी डीएन तिवारी ने बताया कि प्रकरण में कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की गई है। आरोपी एसआई की गिरफ्तारी के साथ ही आगे की जांच जारी है। इस घटना से जिले भर में चर्चा का माहौल है। वर्दीधारी अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के रक्षक ही कानून तोड़ें, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला बड़ी परीक्षा बन गया है।

जनसमस्याओं पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा, कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सड़क पर उतरी जनता, समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी एमसीबी। जिले में लगातार बढ़ती जनसमस्याओं और प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पहले विशाल आम सभा के माध्यम से जनता की पीड़ा को मंच से उठाया गया, फिर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को चेताया कि अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान आक्रोश, नाराजगी और बदलाव की मांग साफ झलकती रही। आम सभा को संबोधित करते हुए कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा शासन में आम जनता की आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा को कमजोर करना, किसानों पर दबाव बनाना, गरीबों के घर उजाड़ना, दूषित पानी से हो रही मौतें और लगातार बिजली कटौती सरकार की असफल नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है और यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर कार्यालय जनता की समस्याओं को केवल कागजों तक सीमित कर रहा है। धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। कांग्रेस ने आज के घेराव के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि यदि हालात नहीं बदले, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे जिले की आवाज है। गरीब, किसान, मजदूर और कर्मचारी वर्ग लगातार शोषण का शिकार हो रहा है और कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने युवाओं की भागीदारी को आंदोलन की ताकत बताते हुए कहा कि बेरोजगारी और अवसरों की कमी से युवा निराश हैं। आज युवाओं की मौजूदगी यह संकेत है कि अब अन्याय के खिलाफ नई ऊर्जा के साथ संघर्ष होगा। विधायक प्रत्याशी रमेशचंद्र सिंह ने कहा कि दूषित पेयजल और अघोषित बिजली कटौती ने जनता का जीना दूभर कर दिया है। सरकार और प्रशासन इन मुद्दों से आंखें मूंदे हुए हैं, जिसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी। मनेंद्रगढ़ शहर ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि यह घेराव चेतावनी है, यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो आंदोलन जिले भर में फैलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक विनय जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, राजकुमार केसरवानी, मनेंद्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष रामनरेश पटेल, चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल रहे। आम सभा और कलेक्टर कार्यालय घेराव ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता अब खामोश नहीं रहेगी। जनसमस्याओं के समाधान तक कांग्रेस का संघर्ष लगातार और निर्णायक रूप से जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन को मिला नया नेतृत्व अनिल द्विवेदी बने प्रांतीय अध्यक्ष, कर्मचारियों में उत्साह

    रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी चुनाव में अनिल द्विवेदी को सर्वसम्मति से प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया है। उनके चयन के साथ ही प्रदेशभर के विद्युत कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए अनिल द्विवेदी ने साथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पद उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि कर्मचारियों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरे मन, पूर्ण ईमानदारी और अटूट संकल्प के साथ प्रत्येक कर्मचारी के हक़, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि साथियों द्वारा मिला विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत के बल पर वे संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने तथा अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेंगे। अनिल द्विवेदी के प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने को संगठन के लिए एक नई ऊर्जा और नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में यूनियन और अधिक मजबूती से कर्मचारियों के हितों की लड़ाई

जनता की आवाज बने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उनके हस्तक्षेप से खुला स्याहीमुड़ी–रामनगर मार्ग

✍️ भागीरथी यादव     सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में हुई बैठक, 6 फीट सड़क खोलने का निर्णय कोरबा (दर्री)। कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र अंतर्गत स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग सीएसईबी प्रबंधन द्वारा मलबा डालकर बंद कर दिया गया था। इस मनमाने निर्णय से सैकड़ों स्थानीय नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीएसईबी प्रबंधन की उदासीनता से निराश स्थानीय निवासियों ने पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ जननेता श्री जयसिंह अग्रवाल पर भरोसा जताते हुए अपनी पीड़ा उनके समक्ष रखी। सूचना मिलते ही जयसिंह अग्रवाल ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और सीएसईबी के उच्च अधिकारियों से सीधे बातचीत कर जनहित का पक्ष मजबूती से रखा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आरसीएफ सहित सीएसईबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जनहित से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के उपरांत आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया कि स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी की ओर न्यूनतम 6 फीट चौड़ी सड़क तत्काल खोली जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही पुनः सुचारू रूप से बहाल हो सके। महज औपचारिकता तक सीमित न रहकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे, स्थानीय नागरिकों के साथ खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया  निर्णय को जमीन पर उतरवाया। उनके इस जमीनी, संवेदनशील और निर्भीक नेतृत्व से क्षेत्रवासियों में नया विश्वास जगा है। स्थानीय लोगों ने एक स्वर में कहा कि जयसिंह अग्रवाल सत्ता में न होते हुए भी जनता के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चा जननेता वही होता है, जो हर परिस्थिति में आम आदमी के साथ खड़ा हो। क्षेत्रवासियों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए सीएसईबी प्रबंधन से भविष्य में बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए किसी भी जनमार्ग को अवरुद्ध न करने की मांग भी की है।

तखतपुर : कर्तव्य की राह में बुझ गया एक समर्पित प्रहरी, थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का सड़क हादसे में निधन

  तखतपुर। पुलिस विभाग से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। जरहागांव थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का शासकीय कर्तव्य निभाते हुए सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। वे एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के सिलसिले में राजस्थान गए हुए थे, तभी यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इस अचानक घटना ने उनके परिवार, पुलिस महकमे और पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। कर्तव्य के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी की मिसाल रहे नंदलाल पैकरा, अपने पीछे आंसुओं, यादों और अधूरे सपनों का सैलाब छोड़ गए। जिस वर्दी को उन्होंने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जिया, उसी वर्दी की सेवा करते हुए उनका जीवन थम गया। एक अधिकारी नहीं, इंसान थे पैकरा नंदलाल पैकरा को केवल एक थाना प्रभारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, मिलनसार और जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर अधिकारी के रूप में जाना जाता था। आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अथक प्रयास करना और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ परिवार जैसा व्यवहार करना उनकी पहचान थी। पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति उनके निधन से पुलिस विभाग ने एक अनुभवी, ईमानदार और जमीनी अधिकारी को खो दिया है। सहकर्मियों का कहना है कि पैकरा साहब हर हाल में ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे।

बीजापुर मुठभेड़: नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, 6 कुख्यात माओवादी ढेर

  बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार 17 जनवरी 2026 को चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो और वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए, जिनके पास से INSAS राइफल और .303 राइफल जब्त की गई है। इसके साथ ही अब तक इस मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन में कुल 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनमें 4 महिला नक्सली शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं, जो माओवादियों की भारी हथियारबंदी को दर्शाता है। संयुक्त बलों की निर्णायक कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसी दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने रणनीतिक बढ़त हासिल की। कुख्यात माओवादियों की हुई पहचान पहचान की कार्रवाई में मारे गए माओवादी नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात सदस्य पाए गए हैं। मृतकों में DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम, पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल हैं। वहीं, मारे गए दो अन्य माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। IG बस्तर का स्पष्ट संदेश पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ सटीक और निर्णायक अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को खत्म करने के लिए पूरी सतर्कता और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।  

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