
रिश्वतखोरी की गंध आते ही गिरी एसीबी की गाज, पटना थाना में मचा हड़कंप
कोरिया। जिले के पटना थाना परिसर में शुक्रवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रिश्वतखोरी के खेल में लिप्त एएसआई पी. टोप्पो और पुलिस मित्र राजू को ₹12,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद दोनों को एसीबी टीम ने पकड़कर बैकुंठपुर लाकर आगे की कार्यवाही प्रारंभ की है।
एसीबी डीएसपी प्रमोद कुमार खेश ने बताया कि 6 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता शाह खान ने एसीबी कार्यालय में आवेदन देकर पुलिसकर्मी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।
मामला शाह खान की बेटी रज़िया खान के सड़क हादसे से जुड़ा था। अप्रैल 2024 में ग्राम खोड़ निवासी अश्विनी कुमार उर्फ पिंटू ने मोटरसाइकिल से टक्कर मार दी थी, जिससे रज़िया का पैर टूट गया। प्रारंभ में आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने की बात कही और ₹25,000 जमा भी किए, पर बाद में बाकी रकम देने से मुकर गया।
सितंबर 2025 में शाह खान ने आरोपी के खिलाफ थाना पटना में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच की आड़ में एएसआई टोप्पो ने शाह खान से कहा कि अगर वह ₹10,000 देगा, तो मामला निपटा देगा और कोर्ट से मुआवजा भी दिलवा देगा।
शाह खान ने इसकी सूचना एसीबी को दी। शिकायत के सत्यापन के दौरान टोप्पो ने रिश्वत राशि बढ़ाकर ₹15,000 कर दी और सौदा तय किया।
एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना बनाते हुए शाह खान को रकम लेकर थाना भेजा। तय समय पर जैसे ही राजीव कुमार देवांगन (पुलिस मित्र राजू) ने शाह खान से ₹12,000 लिए, एसीबी टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से थाने में अफरातफरी मच गई। एसीबी ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
इस घटना के बाद पूरा पुलिस महकमा सकते में है। लोग कह रहे हैं—
“जो न्याय की उम्मीद लेकर थाना आया था, वहीं न्याय बिक रहा था — लेकिन इस बार बिकने से पहले पकड़ा गया।”






