
कोरबा – कोरबा में एसईसीएल प्रबंधन की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अपनी वाजिब मांगों को लेकर भू-विस्थापितों का लगातार आंदोलन तेज होता जा रहा है। प्रबंधन की ओर से मिल रहे अधूरे और झूठे आश्वासनों से त्रस्त भू-विस्थापित महिलाओं ने अब संघर्ष को निर्णायक मोड़ देने की तैयारी कर ली है।
विरोध पर बैठी महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि अब वे पीछे हटने वाली नहीं। वर्षों से अधिकारों की लड़ाई लड़ते-लड़ते थक चुकी ये महिलाएं अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका कहना है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा, आंदोलन दिन-ब-दिन और मजबूत होता जाएगा।
लगातार प्रदर्शनों ने एसईसीएल प्रबंधन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। कोरबा में यह मुद्दा अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है, जिसकी गूंज स्थानीय प्रशासन तक पहुँच चुकी है।
भू-विस्थापितों के सवाल आज भी वही हैं—
विकास के नाम पर विस्थापन तो हो गया, लेकिन अधिकारों का इंतजार कब तक?






