
कोरबा। वन मंडल कोरबा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला विभाग में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, विभाग में कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, जिसे प्रशासनिक नियमों और स्थानांतरण नीति के विपरीत माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि लंबे समय तक एक ही जगह पर पदस्थ रहने से कुछ ठेकेदारों के साथ नजदीकी संबंध बन गए हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
सड़क निर्माण बना विवाद का केंद्र
दुधीटांगर से पटका पहाड़ तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी सड़क और नाली निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क और नाली के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर संदेह गहराया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया।
लगातार लग रहे आरोपों से वन विभाग की छवि प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई, तो इससे न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होगा बल्कि आम जनता का विश्वास भी कमजोर पड़ेगा।






