विशेष गहन पुनरीक्षण : देशभर में मतदाता पर्चियों की छपाई-दर 100% के करीब, वितरण में गोवा–लक्षद्वीप अव्वल

✍️ भागीरथी यादव

 

भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में मतदाता पर्चियों (EPF) की छपाई और वितरण की प्रगति का अपडेट जारी किया है। आयोग के अनुसार अधिकांश राज्यों में कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। रविवार दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, 50 करोड़ 99 लाख 72 हजार 687 मतदाताओं हेतु 50 करोड़ 97 लाख 43 हजार 180 पर्चियों की छपाई पूरी हो चुकी है, जो 99.95 प्रतिशत है। इसमें राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत छपाई का लक्ष्य हासिल किया है।

 

वितरण के मामले में गोवा और लक्षद्वीप ने शत-प्रतिशत सफलता दर्ज कर उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं केरल (93.72%) और पुडुचेरी (94.10%) सबसे निचले पायदान पर रहे। अब तक कुल 49 करोड़ 73 लाख 39 हजार 480 पर्चियों का वितरण हो चुका है, जो 97.52 प्रतिशत है।

 

राज्यवार प्रगति

 

अंडमान-निकोबार : 100% छपाई, 99.94% वितरण

 

छत्तीसगढ़ : पूर्ण छपाई, 96.60% वितरण

 

गोवा : 100% छपाई व 100% वितरण

 

गुजरात : 99.16% वितरण

 

केरल : 93.72% वितरण—सबसे कम

 

लक्षद्वीप : 100% छपाई व 100% वितरण

 

मध्य प्रदेश : 99.45% वितरण

 

राजस्थान : छपाई 99.58%, वितरण 98.15%

 

तमिलनाडु : 93.67% वितरण

 

उत्तर प्रदेश : 97.64% वितरण

 

पश्चिम बंगाल : 99.16% वितरण

 

 

यह विशेष गहन पुनरीक्षण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा, जिसमें मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और EPF वितरण शामिल है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

 

देशभर में इस समय 5,33,093 बीएलओ और 10,41,291 बीएलए तैनात हैं, जो घर–घर जाकर पर्ची वितरण और सत्यापन का कार्य संभाल रहे हैं।

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि 4 दिसंबर तक 100% वितरण सुनिश्चित करें। मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, पता और मतदान केंद्र की जानकारी दी जाती है, जो चुनाव के दिन बेहद महत्वपूर्ण होती है।

 

आयोग ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें उनकी पर्ची प्राप्त नहीं होती, तो तुरंत अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क करें, ताकि मतदान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

 

लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह पुनरीक्षण प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का अहम कदम माना जा रहा है।

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