
सरगुजा।
सरगुजा पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अवैध सट्टा कारोबार के कुख्यात सरगना आयुष उर्फ दीप सिन्हा को पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर सरगुजा लाया है। आरोपी बीते एक साल से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर तथा सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर पुणे के नेहरू वार्ड, शिव मंदिर रोड में दबिश देकर 32 वर्षीय आरोपी को धर दबोचा।
पैनल चलाकर खिलाता था सट्टा, कई फर्जी खाते खुलवाने की कबूलनामा
दो दिन की ट्रांजिट रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए।
आयुष उर्फ दीप सिन्हा ने ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टा खिलाने, अपने नाम व अन्य लोगों के नाम से कई बैंक खाते खुलवाकर उन्हें सट्टे के लेन-देन में उपयोग करने की बात स्वीकार की है।
बंद घर का ताला टूटा, लाखों कैश और जेवर बरामद
सरगुजा पुलिस ने आरोपी की अवैध कमाई की जांच तेज कर दी है।
आरोपी के बंद पड़े घर का ताला तोड़कर तलाशी ली गई, जहां से पुलिस ने—
₹6 लाख 45 हजार नगद
सोने-चांदी के आभूषण
7 एटीएम कार्ड
1 बैंक पासबुक
जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज
बरामद किए हैं।
इसके अलावा आरोपी की अन्य अघोषित संपत्तियों की भी पुष्टि हुई है, जिसकी जानकारी राजस्व विभाग से जुटाई जा रही है। आने वाले समय में कुर्की की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
पूरे नेटवर्क का खुलासा, 20 से ज्यादा नाम उजागर
रिमांड के दौरान आरोपी ने अपने सट्टा गिरोह से जुड़े कई लोगों के नाम उजागर किए हैं।
इनमें सुधीर गुप्ता, राहुल अग्रवाल, सोम गुप्ता, अम्मी गिरी, सौरभ यादव, साहिल गुप्ता, अमन करारिया, श्रीकांत अग्रवाल, राहुल कुमार सोनी, अर्जुन गुप्ता, ऋतिक मंदिलवार, नितिन यादव, अमित मिश्रा, ध्रुविल पटेल, मुकेश त्रिपाठी, सौरभ गुप्ता, अंकित गुप्ता, प्रतिक कश्यप, सत्यम केशरी और सूरज खटीक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ आरोपी पहले ही गिरफ्त में हैं, जबकि शेष के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस का बयान सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि
“आरोपी से भारी मात्रा में नकद और आभूषण बरामद किए गए हैं। उसकी अन्य संपत्तियों और जिन लोगों के नाम उसने लिए हैं, उनकी गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
सरगुजा में सट्टा कारोबार पर बड़ी चोट
इस गिरफ्तारी को सरगुजा में अवैध सट्टा नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि फरार अपराधी चाहे जहां छिपें, कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।





