
सुशील जायसवाल
एसडीएम पहुंचे धरना स्थल, नहीं बनी सहमति; ग्रामीण बोले—मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी
रानी अटारी, बीजा डांड (पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक/पसान तहसील)।
ग्राम बीजा डांड में रुंगटा माइंस के विरोध में तिरिया जंगल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 45वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम मनोज कुमार बंजारे और पसान तहसीलदार वीरेंद्र कुमार श्याम पहुंचे तथा प्रभावित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी।
धरना स्थल पर जनपद सदस्य संतोष मरावी, सरपंच पुटी पखना चंद्र प्रताप सिंह, मनोज मरावी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जब तक हमारी मुख्य मांगें पूरी नहीं होंगी, रुंगटा कंपनी को खदान नहीं खोलने देंगे और आंदोलन जारी रहेगा।”
क्या हैं ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में भूमिगत खनन गतिविधियां पिछले लगभग 25 वर्षों से संचालित हैं, लेकिन प्रभावित गांवों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकीं। उनका कहना है कि—
सड़क, पेयजल, बिजली और स्थानीय रोजगार की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं हुई।
खदान क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाओं से जान-माल का खतरा बना रहता है।
मवेशियों की मौत के मामलों में क्षतिपूर्ति नहीं दी गई।
गांव में कोयले की धूल (डस्ट) से प्रदूषण बढ़ रहा है, जबकि शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि “सिर्फ कोयले का डस्ट मिला है, विकास नहीं।”
प्रशासन का आश्वासन
एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निराकरण का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टों का सर्वे कराया जा रहा है और किसी भी भू-स्वामी की संपत्ति, मकान या कृषि भूमि को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, खनन से संभावित प्रभावों पर लिखित आश्वासन देने की बात भी कही।
उन्होंने दोनों पक्षों से समन्वय बनाकर समाधान निकालने और प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
आगे की रणनीति तय होगी
धरना जारी रहने के बीच तिरिया जंगल बचाओ संघर्ष समिति, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और मतीन दाई ठेका श्रमिक संघ समिति के पदाधिकारियों तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक शनिवार 28 फरवरी को धरना स्थल बीजा डांड में बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम करेंगे।
सूत्रों के अनुसार बैठक में रुंगटा कंपनी के खिलाफ आगामी उग्र आंदोलन की रणनीति और एसईसीएल रानी अटारी प्रबंधन के साथ प्रस्तावित चर्चा में रखी जाने वाली मांगों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
फिलहाल, आंदोलनकारी अपने रुख पर अडिग हैं और प्रशासन-प्रबंधन के साथ टकराव की स्थिति बनी हुई है।






