उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
✍️ भागीरथी यादव मैनपुर | उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के दौरान एंटी-पोचिंग टीम ने अवैध शिकार में लिप्त तीन आरोपियों को भरमार बंदूक सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9 बजे दक्षिण उदंती (कोर क्षेत्र) के नागेश बीट में गश्त के दौरान परिसर रक्षी ने छह लोगों को अवैध रूप से भरमार बंदूक लेकर जंगल में घूमते देखा। तत्काल सूचना मिलने पर एंटी-पोचिंग टीम ने घेराबंदी कर एक आरोपी राजमन पिता कन्हैया यादव को मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी 13 से 16 जनवरी 2026 के बीच उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में अवैध शिकार के उद्देश्य से सक्रिय थे। 16 जनवरी को गोमारझरी नाला में पानी पीने आए तीन जंगली सूअरों में से एक को आरोपी गुप्ताराम ने भरमार बंदूक से गोली मारकर शिकार किया। बाद में जंगली सूअर को प्लास्टिक बोरी में भरकर कांवर के माध्यम से अपने गांव ले जाया गया और मांस का आपस में बंटवारा किया गया। 20 जनवरी 2026 को वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर गुप्ताराम को भूतबेड़ा बाजार से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके घर से भरमार बंदूक, 3.100 किलोग्राम जंगली सूअर का कच्चा मांस, भालू का पंजा, बंदूक बनाने के कलपुर्जे, लोहे के छर्रे, कुल्हाड़ी, हंसिया सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। वहीं आरोपी भादुराम के घर से खरगोश फंदा, क्लच वायर का फंदा और अन्य शिकार उपकरण बरामद किए गए। इस मामले में वन विभाग ने अज्ञात पीओआर क्रमांक 51/09 दिनांक 15.01.2026 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। विवेचना अधिकारी वनपाल एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह सोनवानी द्वारा तीनों आरोपियों— गुप्ताराम पिता फरसराम (42 वर्ष), भादुराम पिता बीकोराम (40 वर्ष) और राजमन पिता कन्हैया (30 वर्ष)—को गिरफ्तार कर 22 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को 13 दिन के न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है। प्रकरण में शामिल उड़ीसा राज्य के तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग के साथ-साथ गरियाबंद पुलिस साइबर सेल, एंटी-पोचिंग दल और क्षेत्रीय वन अमले का सराहनीय योगदान रहा। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार और घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।