मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान विवाद, हिजाब हटाने का वीडियो वायरल

✍️ भागीरथी यादव 

 

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित किया गया, जहां प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री ने 10 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान एक विवादित घटना सामने आई, जब नियुक्ति पत्र लेने आई एक मुस्लिम महिला आयुष चिकित्सक के चेहरे से मुख्यमंत्री ने अचानक हिजाब नीचे कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से इन आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। नवनियुक्त 1283 आयुष चिकित्सकों में 685 आयुर्वेदिक, 393 होमियोपैथिक और 205 यूनानी चिकित्सक शामिल हैं। इन चिकित्सकों को अभ्यर्थियों की मेधा सूची, रिक्त पदों की उपलब्धता और उनकी पसंद के जिलों के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित किया गया है।

 

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सभी नवनियुक्त चिकित्सकों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित चलंत चिकित्सा दल, आयुष चिकित्सा सेवाओं के अंतर्गत ओपीडी संचालन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अन्य योजनाओं में तैनात किया जाएगा। इससे स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार में सहायता मिलेगी।

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान घटी हिजाब से जुड़ी घटना को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • Related Posts

    बिहार में बड़ा रेल हादसा: सीमेंट से लदी मालगाड़ी बेपटरी, हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट ठप, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें डायवर्ट

      बिहार।  जमुई जिले में रविवार तड़के हावड़ा–पटना–दिल्ली मेन लाइन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। सिमुलतला स्टेशन के पास सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई, जिससे रेलवे नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि कुछ डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे। 42 डिब्बों वाली इस मालगाड़ी के केवल 23 डिब्बे ही पटरी पर रह पाए। प्रमुख रूट प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी हादसे के बाद हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट पर ट्रेनों का परिचालन अस्त-व्यस्त हो गया। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। खासतौर पर रविवार, 28 दिसंबर 2025 को यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। वंदे भारत एक्सप्रेस का बदला मार्ग पटना–हावड़ा के बीच चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस (22348/22347) का रूट भी बदल दिया गया है। सामान्य तौर पर यह ट्रेन बाढ़, मोकामा, किउल, जमुई, झाझा और जसीडीह होकर गुजरती है, लेकिन हादसे के बाद रविवार को इसे पटना–गया रूट से संचालित किया गया। रूट परिवर्तन के कारण कई स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन सेवा नहीं मिल सकी। कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें डायवर्ट रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, हादसे का असर सिर्फ वंदे भारत तक सीमित नहीं है। आज जिन प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं— 18622 हटिया–पटना–पाटलिपुत्र एक्सप्रेस 13029 हावड़ा–मोकामा एक्सप्रेस पटना–धनबाद एक्सप्रेस बक्सर–टाटानगर एक्सप्रेस इसके अलावा दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली कई सुपरफास्ट और लंबी दूरी की ट्रेनों को पटना–गया और किउल–गया रेलखंड से डायवर्ट किया गया है। समय में बदलाव की आशंका गौरतलब है कि हावड़ा जंक्शन से नई दिल्ली के बीच कुल 21 साप्ताहिक और 4 दैनिक ट्रेनें चलती हैं। इनमें सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस (1449 किमी) है। रूट डायवर्जन के चलते इन ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव संभव है। रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेटेड स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। हादसे के बाद राहत और बहाली कार्य तेजी से जारी है।

    विदेश दौरे पर तेजस्वी, इधर राजद में बगावत तेज: पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने छोड़ी पार्टी, नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

    ✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जहां विदेश दौरे पर हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है और एक के बाद एक बड़े चेहरे राजद का साथ छोड़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने राजद को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने प्रदेश राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। अशोक कुमार गुप्ता ने अपना त्यागपत्र प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को भेजा है। “राजद में कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं” इस्तीफे के बाद अशोक कुमार गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजद में कार्यकर्ताओं का कोई मान-सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा, “छोटे कार्यकर्ताओं की बात तो दूर, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करता है। अन्य राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता है, लेकिन राजद में ऐसी कोई संस्कृति नहीं दिखती।” अशोक गुप्ता ने पार्टी के ए-टू-जेड और सामाजिक न्याय के नारों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ये नारे सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं, जबकि टिकट वितरण के समय इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। नई राजनीतिक पारी के संकेत अशोक कुमार गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि वे अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत किस दल से करेंगे, इसका फैसला खरमास के बाद लिया जाएगा। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर तेज हो गया है। पहले भी झटके झेल चुकी है राजद गौरतलब है कि इससे पहले राजद के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण भी पार्टी छोड़ चुके हैं। बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके 74 वर्षीय विजय कृष्ण ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखकर दलगत और सक्रिय राजनीति से अलग होने की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। तेजस्वी विदेश में, पार्टी में संकट एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। लगातार हो रहे इस्तीफे यह संकेत दे रहे हैं कि चुनावी हार के बाद राजद में आंतरिक संकट गहराता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में राजद को और भी बड़े सियासी झटकों का सामना करना पड़ सकता है।

    अन्य खबरे

    स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न

    स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न

    उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश

    धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश

    छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले

    छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले

    खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश

    खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश

    चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित

    चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित