
कोरबी (रानी अटारी)। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मंगलवार 17 मार्च को तेज बूंदाबांदी, आंधी और ओलावृष्टि ने उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी। अचानक बदले मौसम से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं भीषण गर्मी और सूखे के बीच सुलग रहे जंगलों की आग पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया गया।
बताया जा रहा है कि बारिश और ओलों के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तेज हवा और बड़े आकार के ओले गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।
जंगलों में आग पर लगा विराम, वन विभाग को राहत
कटघोरा वन मंडल के पसान और केंदई रेंज में पिछले दिनों शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा था। आग की वजह से पेड़-पौधे और वन्यजीव खतरे में थे। लेकिन मौसम के बदलाव और बारिश के चलते आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, जिससे वन विभाग ने राहत महसूस की है।
वन्यजीवों पर संकट
जंगलों में आग और मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण जंगली जानवरों—विशेषकर हाथी और भालू—के रहवास क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। उनके लिए भोजन और पानी की उपलब्धता में भी कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से विषैले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही तेज हवा और ओलों के कारण महुआ, आम और चार के फूल झड़ने लगे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यदि मौसम का यह रुख अगले कुछ दिनों तक जारी रहा, तो फसलों की पैदावार में गिरावट आ सकती है।
कुल मिलाकर, मौसम के इस अचानक बदलाव ने जहां एक ओर गर्मी और जंगल की आग से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों और ग्रामीणों के लिए नई चिंताएं भी खड़ी कर दी हैं।






