
कोरबा/कोरबी/चोटिया | सुशील जायसवाल :–
विश्व रत्न, भारतीय संविधान के शिल्पी और महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार, 14 अप्रैल को कोरबी क्षेत्र सहित आसपास के गांवों और कस्बों में पूरे उत्साह, श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा उनके विचारों को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिले के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत घोसरा में भी जयंती समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती शाम बाई बिंझवार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समानता, न्याय और शिक्षा का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि मनोहर लाल बिंझवार, सचिन लक्ष्मण सिंह आयम, रोजगार सहायक शिवप्रसाद बालम, उपसरपंच सुंदरलाल आयाम सहित पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कोरबी में भव्य आयोजन, विधायक तुलेश्वर मरकाम हुए शामिल
कोरबी में भी बाबा साहेब की जयंती भव्य और गरिमामय तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक तुलेश्वर मरकाम शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा।”
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “तुम्हारे पैरों में जूते भले ही न हों, लेकिन हाथों में किताब जरूर होनी चाहिए। यदि तुम किताबों के सामने झुक जाओगे, तो एक दिन दुनिया तुम्हारे सामने झुकेगी।”
विधायक ने बाबा साहेब के विचारों और संविधान के मूल्यों को याद करते हुए क्षेत्रवासियों को जयंती की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आगामी बजट में पूरा करने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
समापन
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर है। समाज में समानता, शिक्षा और न्याय की स्थापना के लिए उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
