
रतनपुर। छत्तीसगढ़ के रतनपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को शादी का प्रलोभन देकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सक्रियता से पीड़िता को पड़ोसी जिले कोरबा के पाली से सकुशल बरामद कर लिया गया है, वहीं आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
घटना की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को हुई, जब रतनपुर निवासी एक नाबालिग बालिका अचानक लापता हो गई। पीड़िता की मां ने 31 दिसंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के उच्चाधिकारियों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह और एसडीओपी (कोटा) श्रीमती नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नाबालिग को लेकर कोरबा जिले के पाली में छिपा हुआ है।
सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस की टीम ने पाली में दबिश दी। वहां घेराबंदी कर आरोपी सुमीत कुमार यादव (19 वर्ष), निवासी दोनासागर (रतनपुर) को हिरासत में लिया गया और उसके कब्जे से पीड़िता को मुक्त कराया गया।
पूछताछ में हुआ खुलासा
बरामदगी के बाद पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सुमीत कुमार यादव उसे शादी का लालच देकर जबरदस्ती भगा ले गया था और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय, सउनि दिनेश तिवारी, आरक्षक पवन ठाकुर और महिला आरक्षक अनिषा कश्यप की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।






