
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी। नगर पंचायत जनकपुर की निवासी कुमारी दर्शना सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 283वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित होकर पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से जनकपुर सहित पूरे चांग-भखार क्षेत्र में खुशी की लहर है।
दर्शना सिंह, अरुण सिंह और नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद श्रीमती सीमा सिंह की सुपुत्री हैं। उनकी सफलता पर क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उनके माता-पिता अरुण सिंह एवं सीमा सिंह को भी प्रतिभाशाली बेटी के सफल मार्गदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
IIT कानपुर से IPS तक का सफर
दर्शना सिंह ने देश की प्रतिष्ठित संस्था आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आकर्षक निजी नौकरियों के बजाय जनसेवा का रास्ता चुना और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी
पहले प्रयास में दर्शना सिंह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दिल्ली में रहकर और अधिक मेहनत की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 283वीं रैंक हासिल कर आईपीएस में चयन प्राप्त कर लिया।
परिवार के लिए गर्व का पल
दर्शना सिंह के पिता अरुण सिंह सोसायटी संचालक एवं राशन विक्रेता संघ के अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं। बेटी की इस सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है। उनके भाई वर्तमान में शहडोल में निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं।
चांग-भखार क्षेत्र में जश्न का माहौल
जैसे ही यूपीएससी के परिणाम में दर्शना सिंह का नाम सामने आया, जनकपुर और पूरे चांग-भखार क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। लोगों ने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी और इस उपलब्धि को क्षेत्र की बेटी की बड़ी जीत बताया।







