
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर/कोटा। थाना कोटा पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लोहे का टांगिया और लकड़ी का फंटा भी जप्त किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला ग्राम करगीखुर्द कोरीपारा का है, जहां पुराने विवाद के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से मोहन पाण्डेय की हत्या कर दी। बताया गया कि पूर्व में मृतक और आरोपी राजाराम साहू के बीच लकड़ी चोरी को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें गाली-गलौज और मारपीट भी हुई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की साजिश रची।
दिनांक 22 मार्च 2026 को जब मोहन पाण्डेय अपने घर पहुंचे, तभी आरोपियों ने टांगिया और लाठी-डंडों से हमला कर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने शव को घसीटकर घर से आंगन में फेंक दिया।
इस वारदात का प्रत्यक्षदर्शी शरद कौशिक भी हमले का शिकार हुआ। जब उसने भागने की कोशिश की, तो आरोपी चेतराम साहू ने उस पर लाठी से वार किया, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकला।
मामले की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने सभी 6 आरोपियों—राजाराम साहू, देवीप्रसाद साहू, प्रदीप साहू, आशा बाई साहू, वृंदा बाई साहू और चेतराम साहू—को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, संजय श्याम और दीप सिंह कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और आगे की जांच जारी है।
