तिल्दा-नेवरा: ग्राम अल्दा प्लांट विरोध प्रदर्शन के दौरान सोमवार को तिल्दा-नेवरा में उस समय हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे एक पत्रकार की चारपहिया कार को उग्र भीड़ ने घेरकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि यदि मौके पर पुलिस बल की समय पर मौजूदगी और सतर्कता नहीं होती, तो यह घटना बड़ी दुर्घटना और हिंसक रूप ले सकती थी।जानकारी के अनुसार, ग्राम अल्दा के ग्रामीण सुबह से ही बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय और बाद में एसडीएम कार्यालय के सामने चक्काजाम व धरना प्रदर्शन कर रहे थे। पत्रकार पूरे दिन घटनास्थल पर रहकर ग्रामीणों की मांग, प्रशासनिक गतिविधियों और आं
दोलन के हर पहलू की निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे थे।शाम के समय प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया। शिकायत के मुताबिक, जब पत्रकार अपनी चारपहिया कार के पास पहुंचे, तभी कुछ उग्र प्रदर्शनकारी वाहन के आसपास जमा हो गए। देखते ही देखते वाहन को चारों ओर से घेर लिया गया और जोरदार नारेबाजी, हो-हल्ला व बहस शुरू हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने पत्रकार को वाहन से बाहर निकलने के लिए कहा। पत्रकार के बाहर आते ही भीड़ का एक हिस्सा और आक्रामक हो गया, जिसके बाद कार में खरोंच, धक्का-मुक्की और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। कुछ उग्र तत्वों द्वारा वाहन में आग लगाने जैसी बातें भी कही जा रही थीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।पुलिस बनी सुरक्षा कवचपूरे घटनाक्रम में मौके पर तैनात महिला और पुरुष पुलिस बल की भूमिका सबसे अहम रही। जब-जब उग्र भीड़ कार के पास पहुंची, पुलिस जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा घेरा बनाया और पत्रकार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और तीखी बहस की स्थिति बनी, लेकिन जवानों ने संयम बनाए रखते हुए भीड़ को पीछे हटाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस बल बार-बार बीच में नहीं आता, तो कार में आगजनी या गंभीर तोड़फोड़ हो सकती थी।घटना में वाहन को हल्का नुकसान, खरोंच और कुछ हिस्सों के टूटने की जानकारी सामने आई है, लेकिन बड़ी राहत यह रही कि पुलिस की सतर्कता से संभावित बड़ा हादसा टल गया।लिखित शिकायत पर जांच शुरू पत्रकार द्वारा थाना तिल्दा-नेवरा में लिखित शिकायत देकर कार क्षतिग्रस्त करने, अभद्रता, धमकी और तोड़फोड़ के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाने शुरू कर दिए हैं।अधिकारियों का कहना है कि घटना के दौरान मौजूद लोगों की पहचान कर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।मीडिया सुरक्षा पर बड़ा सवाल इस घटना ने एक बार फिर ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय नहीं होती, तो यह घटना पत्रकार की जान और संपत्ति दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।
