
“सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सुशील जायसवाल
कोरबी/चोटिया। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिलेभर में चलाए जा रहे “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पसान थाना अंतर्गत कोरबी पुलिस चौकी द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी के नेतृत्व में बाहरी राज्यों से आए लोगों का सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसमें झारखंड से आए पांच वाहन चालकों की जांच की गई।
जानकारी के अनुसार कोरबी पुलिस को भ्रमण के दौरान सूचना मिली थी कि ग्राम तनेरा क्षेत्र में बीते कई महीनों से कुछ बाहरी लोग वाहन चालक के रूप में निवास कर रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा स्थानीय पुलिस चौकी में किसी प्रकार की सूचना अथवा मुसाफिर दर्ज नहीं कराई गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान नवाज ट्रांसपोर्ट कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत झारखंड राज्य के गढ़वा जिले के ग्राम मानपुर थाना रंका निवासी महफूज अंसारी, मंजूर अंसारी, शकील अंसारी, तबराफ अंसारी एवं शमशाद अंसारी को पुलिस ने सत्यापन के लिए रोका। सभी व्यक्तियों से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो एवं अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज लेकर उनका विधिवत सत्यापन किया गया।
पुलिस द्वारा सभी बाहरी व्यक्तियों को सख्त हिदायत दी गई कि क्षेत्र में निवास अथवा कार्य करने से पहले स्थानीय थाना या चौकी में अपनी जानकारी दर्ज कराना अनिवार्य है। साथ ही कानून व्यवस्था भंग करने अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बताया जा रहा है कि पसान एवं कोरबी क्षेत्र के सासिन, बासिन, बर्रा, बेतलो और पुटीपखना सहित कई ग्रामीण इलाकों में रेलवे लाइन निर्माण कार्य तेजी से जारी है। दीपका (कोरबा) से पेंड्रारोड तक बिछाई जा रही रेलवे लाइन परियोजना में उड़ीसा, बिहार, झारखंड एवं मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर और वाहन चालक कार्यरत हैं। इनमें से कई लोगों द्वारा अब तक स्थानीय पुलिस में अपनी जानकारी दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आशंका बनी हुई है।
कोरबी पुलिस ने संबंधित कंपनियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्य में लगे सभी मजदूरों, कर्मचारियों एवं वाहन चालकों का पूरा नाम-पता, पहचान पत्र एवं मोबाइल नंबर तत्काल स्थानीय पुलिस चौकी में जमा कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना अथवा आपराधिक गतिविधि की स्थिति में त्वरित पहचान और कार्रवाई की जा सके।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाहरी लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस द्वारा सत्यापन अभियान को और तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है।
