
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा //
ऊर्जा नगरी कोरबा से प्रकाशित लोकप्रिय समाचार पत्र लोक सदन का 17वां स्थापना दिवस सोमवार 18 मई 2026 को गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार, जनहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने लोक सदन की 17 वर्षों की संघर्षपूर्ण एवं जनसेवा से प्रेरित यात्रा को याद करते हुए इसे आम जनता की आवाज बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोक सदन समाचार पत्र की निरंतर प्रगति एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज ठाकुर ने कहा कि लोक सदन की स्थापना 18 मई 2010 को संस्थापक अमित अग्रवाल द्वारा समाज के गरीब, शोषित, पीड़ित एवं उपेक्षित वर्गों की आवाज को बुलंद करने के उद्देश्य से की गई थी। साथ ही शासन एवं प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव एवं जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर इसकी शुरुआत हुई थी, जो आज भी पूरी प्रतिबद्धता एवं निष्ठा के साथ जारी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे दौर में निष्पक्ष एवं जनहितकारी पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन लोक सदन ने अपने सिद्धांतों एवं मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज यह समाचार पत्र आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हुआ है।
मनोज ठाकुर ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने का माध्यम नहीं बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त मंच भी है। लोक सदन ने अपने प्रकाशन काल में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सामाजिक न्याय, भ्रष्टाचार, ग्रामीण समस्याओं, किसानों एवं मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। यही वजह है कि जनता का विश्वास इस समाचार पत्र के प्रति लगातार बढ़ता गया है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिलाध्यक्ष विपेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि लोक सदन वास्तव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों का संवाहक बनकर उभरा है। समाचार पत्र ने सदैव सत्य, अहिंसा, सामाजिक समरसता एवं जनसेवा की भावना को अपने प्रकाशन में प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आज जब पत्रकारिता का एक बड़ा वर्ग व्यावसायिकता की ओर बढ़ रहा है, तब लोक सदन जैसे समाचार पत्र लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक दायित्वों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
वहीं संघ के सचिव जय सिंह ने कहा कि लोक सदन ने समाचार वितरण व्यवस्था एवं पाठकों के साथ विश्वास का मजबूत रिश्ता कायम किया है। समाचार पत्र की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी जमीनी खबरें एवं जनसमस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित करना है। उन्होंने कहा कि कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोक सदन की पहचान एक निर्भीक एवं निष्पक्ष समाचार पत्र के रूप में स्थापित हुई है।
लोक सदन के संस्थापक सदस्य उमेश कुमार यादव ने समाचार पत्र की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक दौर में सीमित संसाधनों एवं अनेक कठिनाइयों के बावजूद टीम ने कभी हिम्मत नहीं हारी। आर्थिक चुनौतियां, संसाधनों की कमी तथा प्रतिस्पर्धा के बावजूद लोक सदन निरंतर आगे बढ़ता रहा।
उन्होंने कहा कि समाचार पत्र ने हमेशा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया। कई बार प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार एवं जनहित से जुड़े मामलों को प्रमुखता से प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई के लिए बाध्य किया गया। यही पत्रकारिता की वास्तविक ताकत है।
उमेश कुमार यादव ने कहा कि आज डिजिटल युग में समाचारों की गति तेज हुई है, लेकिन विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण विषय बन गई है। ऐसे समय में लोक सदन ने तथ्यों पर आधारित एवं जिम्मेदार पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समाचार पत्र को और अधिक आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं समाजसेवियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष एवं सकारात्मक पत्रकारिता समाज में जागरूकता लाने के साथ-साथ शासन एवं जनता के बीच सेतु का कार्य करती है।
स्थापना दिवस समारोह में पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विक्रम यादव, पवन अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, संजय चौहान, पुष्पा चौहान, टोनी ravi सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने लोक सदन समाचार पत्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे समाजहित एवं जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में केक काटकर एवं मिष्ठान वितरण के साथ संपन्न हुआ। लोक सदन के स्थापना दिवस पर पत्रकारिता जगत एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प भी लिया गया कि समाचार पत्र भविष्य में भी निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनने का कार्य करता रहेगा।
