
बिलासपुर में सांकेतिक धरना प्रदर्शन जारी, मांगें पूरी नहीं होने पर कार्य बंद और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सुशील जायसवाल
कोरबा (कटघोरा)
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ, बिलासपुर संभाग द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी है। संघ ने शासन एवं प्रशासन पर वन कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार 18 मई 2026 को मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, वृत्त बिलासपुर के समक्ष भोजन अवकाश के दौरान सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में संदर्भित पत्रों के माध्यम से बिलासपुर वृत्त के वन कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, नियम विरुद्ध स्थानांतरण तथा विभागीय परेशानियों से शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद आज तक किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
वन कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार निवेदन एवं अनुरोध किया गया, लेकिन विभाग द्वारा मामले को लगातार लंबित रखा गया। इसी कारण संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ा है।
संघ द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत प्रथम चरण में 13 मई 2026 को वन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद द्वितीय चरण के तहत सोमवार को मुख्य वन संरक्षक कार्यालय बिलासपुर के समक्ष सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया।
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
संघ ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित कर दी है। तृतीय चरण में 25 मई 2026 को एक दिवसीय अवकाश लेकर संपूर्ण कार्य बंद किया जाएगा। वहीं इसके बाद भी मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में चतुर्थ चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
वन कर्मचारी संघ ने कहा है कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते निराकरण नहीं किया गया तो इसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी। संघ ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की है।
