मुख्य अतिथि भारत सिंह सिदार ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह, शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया
सुशील जायसवाल
पोड़ी उपरोड़ा (सरपता)
शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र एवं विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम सरपता स्थित प्राथमिक शाला में सोमवार 22 जून को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी बच्चों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर तथा मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों की उपस्थिति से उत्सव का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सिंह सिदार ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को तिलक लगाकर उनका स्वागत किया और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजे। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करने की सीख दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा शिक्षा के महत्व पर चर्चा की गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से नए विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति आत्मीयता और उत्साह का वातावरण निर्मित किया गया।
इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जय सिंह, जय कुमार, रबिंद कुमार, संकुल प्रभारी तेजराम चंद्रा, शिक्षक रामशरण मरकाम, भीष्म साहू, शांति कश्यप, सुनीता पुष्प सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना तथा अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नियमित अध्ययन, स्वच्छता, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में विद्यालय के प्रति आकर्षण बढ़ता है और अभिभावकों का भी शिक्षा के प्रति विश्वास मजबूत होता है। पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा तथा बच्चों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
शाला प्रवेश उत्सव के सफल आयोजन के साथ ग्राम सरपता में नए शैक्षणिक सत्र की सकारात्मक शुरुआत हुई, जिसमें शिक्षा के प्रति जागरूकता और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प की झलक देखने को मिली।
