सरगुजा से पहुंचे लोनर हाथी ने केंदई , रेंज के ठिरिआमा, में मचाया उत्पात ग्रामीणों में दहशत

 

घर को किया क्षतिग्रस्त, वन विभाग ने गांवों में कराई मुनादी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

 

सुशील जायसवाल

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा।

 

कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों के बीच अब एक लोनर (अकेला) हाथी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। सरगुजा वन मंडल की ओर से भटककर आया यह हाथी केंदई रेंज के ठिरिआमा, क्षेत्र में पहुंच गया, जहां उसने एक ग्रामीण के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

 

जानकारी के अनुसार कटघोरा वन मंडल के एतमा नगर रेंज अंतर्गत पचरा परिसर में बीती रात लगभग 15 हाथियों का दल पहुंच गया। हाथियों के अचानक आगमन से वन अमला सक्रिय हो गया और क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी गई। पचरा तथा आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी जा रही है ताकि किसी प्रकार की जनहानि की स्थिति निर्मित न हो।

 

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जटगा रेंज के वासिन क्षेत्र में पहले से 21 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इनमें से 15 हाथी मुख्य झुंड से अलग होकर जंगल के रास्ते पचरा क्षेत्र तक पहुंच गए। हालांकि अब तक इन हाथियों द्वारा किसी प्रकार की बड़ी क्षति नहीं पहुंचाई गई है, फिर भी विभाग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

 

इधर दूसरी ओर सरगुजा वन मंडल की दिशा से भटककर आया एक लोनर हाथी केंदई परिक्षेत्र के ठिरिआमा ,गांव पहुंच गया। हाथी ने गांव में घुसकर एक ग्रामीण के मकान को नुकसान पहुंचाया, जिससे परिवार को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का वातावरण व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी रात के समय अचानक गांव में पहुंचा और कुछ देर तक उत्पात मचाने के बाद जंगल की ओर लौट गया।

 

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मकान को नुकसान पहुंचाने के बाद यह लोनर हाथी मदनपुर वन परिसर के पुटा क्षेत्र की ओर बढ़ गया है और वहीं के जंगलों में विचरण कर रहा है। हाथी की गतिविधियों को देखते हुए विभाग ने विशेष निगरानी दल तैनात किया है। परिक्षेत्र सहायक मंगल सिंह नागर के नेतृत्व में वनकर्मी लगातार हाथी की लोकेशन पर नजर रखे हुए हैं।

 

वन अमले द्वारा पुटा, ठिरिआमा, मदनपुर एवं आसपास के गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सावधान किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे रात के समय जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाएं, हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने का प्रयास न करें तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

 

*क्षेत्र में हाथियों की बढ़ती मौजूदगी बनी चुनौती*

 

कटघोरा वन मंडल में पिछले कई वर्षों से हाथियों का स्थायी विचरण बना हुआ है। हर वर्ष मानसून और खरीफ सीजन के दौरान हाथियों की संख्या बढ़ने लगती है। ऐसे में फसलों, मकानों और जनजीवन पर खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में जटगा, वासिन, पचरा, मदनपुर और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियां लगातार दर्ज की जा रही हैं।

 

वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि हाथियों की निगरानी लगातार की जा रही है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम पूरी तरह तैयार है। फिलहाल क्षेत्र में लोनर हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।