जर्जर मार्ग से रोजाना गुजर रहे हजारों ग्रामीण, गर्भवती महिलाओं, विद्यार्थियों और मरीजों की बढ़ी चिंता!
सड़क मरम्मत की मांग को लेकर ग्राम पंचायत सरमा ने जिला प्रशासन को भेजा पत्र
सुशील जायसवाल
पोड़ी उपरोड़ा/सरमा:-
विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत सरमा, ने वर्षों से उपेक्षित पड़े सरमा अटल चौक से कोरबी पहुंच मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। ग्राम पंचायत ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

पंचायत द्वारा भेजे गए आवेदन में कहा गया है कि सरमा से कोरबी तक का यह मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों के लिए जीवनरेखा की तरह है। यही सड़क आसपास के गांवों सहित गौरेला पेंड्रा मरवाही एवं एम पी को मुख्य मार्ग से जोड़ती है और इसी रास्ते से विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज, किसान बाजार, मरीज अस्पताल तथा ग्रामीण शासकीय कार्यालयों तक पहुंचते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का आवागमन जोखिम भरा बन गया है।
*गड्ढों में तब्दील हो गई सड़क*
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क की पहचान तक मुश्किल हो गई है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आदिवासी और हाथी प्रभावित क्षेत्र की प्रमुख सड़क
यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आदिवासी बहुल एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है। पंचायत ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण इसी सड़क पर निर्भर हैं। खराब सड़क के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं।
*गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए बढ़ी परेशानी*
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कत आपातकालीन परिस्थितियों में सामने आती है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है। मरीजों को एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध होने के बावजूद खराब सड़क के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई बार वाहन चालक भी इस मार्ग पर जाने से कतराते हैं।
*विद्यार्थियों का भविष्य भी* *प्रभावित*
बरसात के मौसम में स्कूली छात्र-छात्राओं को रोजाना जोखिम उठाकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। कई जगह सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से विद्यार्थियों को पैदल चलना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
*किसानों को आर्थिक नुकसान*
खरीफ सीजन शुरू होने के साथ किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। खाद, बीज और कृषि उपकरण लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है। कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
*पंचायत ने मांगी तत्काल* *स्वीकृति*
ग्राम पंचायत सरमा के सरपंच शिव कुमार उईके ,ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क मरम्मत के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाए। पंचायत का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
*ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश*
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। पंचायत द्वारा भेजे गए इस आवेदन से ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करेगा और सरमा -कोरबी मार्ग को फिर से सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाएगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और जर्जर सड़क से जूझ रहे हजारों लोगों को राहत कब तक मिल पाती है।
