सरगुजा से भटककर कटघोरा वनमंडल पहुंचे अकेले हाथी ने ली महिला की जान, वन विभाग ने जारी की थी चेतावनी
सुशील जायसवाल
कटघोरा (पतुरिया डांड)
कटघोरा वन मंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतुरिया डांड में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। जंगल में डोरी (वनोपज) बिनने गई एक वृद्ध महिला की लोनर हाथी के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं वन विभाग ने लोगों से जंगलों में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पतुरिया डांड निवासी सुखमत बाई (लगभग 70 वर्ष) मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे रोजमर्रा की तरह जंगल की ओर डोरी बिनने गई थीं। इसी दौरान क्षेत्र में विचरण कर रहे एक अकेले हाथी का सामना उनसे हो गया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हाथी ने अचानक हमला कर वृद्धा को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
दो दिन पहले ही सरगुजा वनमंडल से पहुंचा था हाथी
वन विभाग के अनुसार यह लोनर हाथी लगभग दो दिन पूर्व सरगुजा वनमंडल की ओर से कटघोरा वन मंडल के केंदई क्षेत्र में प्रवेश किया था। हाथी लगातार अकेले विचरण कर रहा था और उसकी गतिविधियों पर विभाग की निगरानी बनी हुई थी। हाथी के क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना ग्रामीणों को लगातार दी जा रही थी तथा मुनादी कर लोगों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई थी।
सुबह के समय हुआ हादसा
जानकारों का कहना है कि हाथी प्रायः सुबह और शाम के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। इसी दौरान जंगल में वनोपज संग्रह के लिए पहुंचने वाले ग्रामीणों के साथ आमना-सामना होने की आशंका बढ़ जाती है। सोमवार सुबह भी ऐसा ही हुआ और वृद्ध महिला हाथी की चपेट में आ गईं।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ वन अमला
घटना की जानकारी मिलते ही केंदई वन परिक्षेत्र का अमला मौके पर पहुंचा। वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने की पुष्टि
केंदई वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में एक लोनर हाथी पिछले दो दिनों से विचरण कर रहा था। विभाग द्वारा लगातार मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुखमत बाई की मृत्यु के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार वह मेहनतकश महिला थीं और प्रतिदिन जंगल से वनोपज संग्रह कर परिवार की आजीविका में सहयोग करती थीं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक और भय का माहौल व्याप्त है।
मानव-हाथी संघर्ष बना गंभीर चुनौती
कटघोरा वन मंडल सहित आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। फसलों को नुकसान पहुंचाने, मकानों को तोड़ने और ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ते दायरे और भोजन-पानी की तलाश में हाथियों का मानव बस्तियों की ओर रुख बढ़ने से मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में अकेले जंगल न जाएं, सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतें तथा हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने यह भी कहा है कि हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें छेड़ने या तस्वीर एवं वीडियो बनाने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
जनपद समस्या एव सरपंच के उपथित मे सहायता राशि दिया गया

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्रों से लगे गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा एवं क्षेत्र में हाथियों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
