सशक्त’ ऐप बना वाहन चोरों का काल: सरकंडा पुलिस ने दो शातिर चोर दबोचे, चोरी की 5 बाइक-स्कूटी बरामद

✍️ भागीरथी यादव

 

 

डिजिटल तकनीक से मिली बड़ी सफलता, दो वर्षों में की गई कई वाहन चोरियों का खुलासा, दोनों आरोपी जेल भेजे गए

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस की अत्याधुनिक ‘सशक्त’ (Sashakt) मोबाइल एप वाहन चोरों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। सरकंडा पुलिस ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 5 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने वर्ष 2025 और 2026 के दौरान की गई कई वाहन चोरियों का खुलासा किया है।

मामला 14 जून 2026 का है, जब विवेकानंद नगर मोपका निवासी कमलेश चंद्राकर ने थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 जून की रात उनके दोस्त के घर के बाहर खड़ी लॉक एक्टिवा स्कूटी (CG 10 BN 1325) अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य और मोपका चौकी प्रभारी ओमप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। संदिग्धों के पास मिली एक्टिवा को ‘सशक्त’ ऐप में जांचने पर वह चोरी की निकली। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने कई अन्य वाहन चोरियों की भी स्वीकारोक्ति की।

गिरफ्तार आरोपी

सुरेन्द्र भुनेश्वर (22 वर्ष), निवासी खाल्हेपारा, मोपका।

सुजल दर्वे उर्फ रिंकू (24 वर्ष), निवासी खाल्हेपारा, मोपका।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

आरोपियों ने जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच विवेकानंद कॉलोनी, गोड़पारा और मोपका क्षेत्र से एक्टिवा, स्प्लेंडर और यामाहा सहित कई दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें बेहद कम कीमत पर बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस ने चोरी की गई मूल एक्टिवा सहित कुल 5 वाहन बरामद कर जब्त कर लिए हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी की गाड़ियों को औने-पौने दाम में बेचकर उससे मिले पैसों से अपने शौक और ऐशो-आराम पूरे करते थे। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। चोरी का माल खरीदने वाले अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी का सामान खरीदने वाले लोग भी कानून की नजर में समान रूप से अपराधी हैं। बिना वैध दस्तावेज के सस्ते दामों में वाहन या अन्य सामान खरीदने वालों के खिलाफ भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दें और ‘सशक्त’ ऐप का उपयोग कर अपराध नियंत्रण में सहयोग करें।