✍️ भागीरथी यादव
लेन-देन के विवाद में हुई थी हत्या, रक्तरंजित बाँस का डंडा और कपड़े बरामद, डिजिटल साक्ष्य के साथ पुलिस ने पेश किए आरोपी
बिलासपुर/कोटा। कोटा थाना पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बाँस का डंडा और घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर जब्त किए हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से कर डिजिटल साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की रात करीब 9:10 बजे ग्राम खुरदूर स्थित विकास किराना स्टोर के सामने सामान और पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में सिदेशी बघेल (42) पर बाँस के डंडे से जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने निखिल यादव (23), निवासी कलारतराई, बजरंग चौक, थाना कोटा तथा अंकुश रजक (22), निवासी ग्राम खुरदूर, थाना कोटा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बाँस का डंडा और खून से सने कपड़े बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचना दी तथा चिकित्सीय परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शिव कुमार साहू, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव तथा आरक्षक संजय श्याम, जलेश्वर साहू, खिलावन नेताम, कौशल बिंझवार और विनोद यादव की सराहनीय भूमिका रही।
