साइबर ठगी के आरोपी दो युवकों को कोरबी पुलिस ने किया गिरफ्तार, 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला

 

सुशील जायसवाल कोरबी–पसान (कोरबा)।

कोरबा जिले के पसान थाना अंतर्गत कोरबी पुलिस चौकी ने साइबर ठगी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी,से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सुरेश चंद्र जायसवाल (52 वर्ष), निवासी कोरबी ने 3 जून 2026 को कोरबी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 29 मई 2026 की सुबह उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को परिचित बताते हुए विश्वास में लिया और कहा कि उसकी मां का निधन हो गया है तथा अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 40 हजार रुपये की आवश्यकता है।

आरोपी ने मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा और प्रार्थी से उस पर राशि ट्रांसफर करने को कहा। परिचित समझकर प्रार्थी ने 40 हजार रुपये भेज दिए। कुछ समय बाद उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने दोबारा फोन कर जानकारी ली। तब पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम से कॉल किया गया था, उसने कोई पैसे नहीं मांगे थे। इसके बाद पीड़ित ने खुद को साइबर ठगी का शिकार मानते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खाते और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की राशि आकाश यादव के एक्सिस बैंक खाते में जमा हुई थी। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खाते के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:

आकाश यादव (28 वर्ष), निवासी रोड उरदुमा, थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा

मयंक चौहान (22 वर्ष), निवासी बारेतराई, थाना उरगा, जिला कोरबा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी मिलकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों द्वारा मोबाइल नंबर और बैंक खाते का उपयोग कर लोगों को झांसे में लेकर पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।

कोरबी पुलिस ने दोनों आरोपियों को 30 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस बडी कार्यवाही से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में पुलिस के प्रति प्रशंसा की जा रही है!

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, क्यूआर कोड या तत्काल पैसे भेजने के अनुरोध पर बिना पुष्टि किए विश्वास न करें। किसी परिचित के नाम से पैसे मांगने पर पहले उससे सीधे संपर्क कर जानकारी अवश्य लें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।