✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। करीब दो वर्ष पुराने चर्चित हत्या प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी वैभव भारती को उरगा पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इससे एक दिन पहले ही सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक कोरबा द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार थाना उरगा के अपराध क्रमांक 248/2024 में दर्ज मामले की विवेचना के दौरान सामने आया कि मृतक विकास अग्रवाल और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुरानी रंजिश थी। आरोपी को संदेह था कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया कि 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले मृतक को अत्यधिक शराब पिलाई। इसके बाद दुकान से चूहा मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिलाई और डिस्पोजेबल गिलास के जरिए उसे पिला दिया। कुछ देर बाद मृतक की तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया।
घटना के बाद दोनों आरोपी लगातार फरार थे। उरगा पुलिस तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर उनकी तलाश कर रही थी। 31 जुलाई 2026 को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के बाद मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर शनिवार को मुख्य आरोपी वैभव भारती को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस को दी।
पुलिस का कहना है कि लगभग दो वर्ष पुराने इस चर्चित हत्या प्रकरण में अब दोनों आरोपी कानून की गिरफ्त में हैं। यह कार्रवाई “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत की गई है, जिसके माध्यम से गंभीर एवं लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
