बाकीमोंगरा : जल्द आकर लेगा स्वतंत्र बिजली जोन

✍️ भागीरथी यादव

 

दर्री से अलग होगी बिजली व्यवस्था, पोल लगाने के लिए गड्ढों की खुदाई शुरू; जल्द आकार लेगा नया बिजली जोन

कोरबा। बांकीमोंगरा क्षेत्र में स्वतंत्र बिजली जोन बनाने की प्रक्रिया अब कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई देने लगी है। बिजली विभाग की नई व्यवस्था के तहत बांकीमोंगरा को दर्री से अलग कर स्वतंत्र बिजली जोन के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में क्षेत्र में खंभे लगाने के लिए गड्ढों की खुदाई का काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है। इससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नए जोन की मैदानी व्यवस्था तेजी से आकार ले सकती है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था के पुनर्गठन के तहत बांकीमोंगरा को स्वतंत्र जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद अब आवश्यक आधारभूत और प्रशासनिक तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।

दर्री से अलग होगी व्यवस्था

अब तक बांकीमोंगरा क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था दर्री से जुड़ी हुई थी। स्वतंत्र जोन बनने के बाद बांकीमोंगरा के लिए अलग प्रशासनिक एवं मैदानी व्यवस्था विकसित होगी। क्षेत्र में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के साथ आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पोल लगाने की तैयारी से बढ़ी उम्मीद

बांकीमोंगरा में खंभे लगाने के लिए गड्ढों की खुदाई शुरू होने से स्थानीय लोगों में भी नए बिजली जोन को लेकर उम्मीद बढ़ी है। यदि कार्य इसी गति से आगे बढ़ता है तो जल्द ही स्वतंत्र जोन की मैदानी व्यवस्था पूरी तरह दिखाई देने लगेगी।

नया जोन अस्तित्व में आने के बाद बिजली संबंधी शिकायतों, लाइन खराबी, ट्रांसफार्मर की समस्या और आपूर्ति में व्यवधान जैसी शिकायतों के निराकरण के लिए स्थानीय स्तर पर विभागीय पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

12 नए जोन के गठन की योजना

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के पुनर्गठन के तहत प्रदेश में कुल 12 नए जोन गठित किए जा रहे हैं। इनमें बांकीमोंगरा के अलावा मंगला, कोनी, सरोना, कौशल्या माता विहार, गोगांव, डोंगरगढ़, बालोद, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर और पेंड्रारोड शामिल हैं।

बांकीमोंगरा में शुरू हुई मैदानी तैयारियों के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि नया स्वतंत्र बिजली जोन कितनी जल्दी पूरी तरह कार्यशील होता है और इसका असर बिजली आपूर्ति तथा शिकायत निवारण व्यवस्था पर कितना दिखाई देता है।