कोरबा: हरदीबाजार अमगांव में भवन हटाने पर प्रशासन ने दी सफाई

✍️ भागीरथी यादव

 

 

प्रशासन का दावा- पहले शिफ्टिंग, फिर जर्जर भवनों का विध्वंस

हरदीबाजार। ग्राम अमगांव में एसईसीएल द्वारा शासकीय भवनों को हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। प्रशासन के अनुसार पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी, छात्रावास और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कार्रवाई से पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था। इसके बाद जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों को हटाया गया।

प्रशासन ने बताया कि खदान क्षेत्र के समीप स्थित कुछ शासकीय भवन लंबे समय से जर्जर थे। सुरक्षा के मद्देनजर पटवारी कार्यालय को करीब दो माह पहले तहसील कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था। वहीं छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्र भी वैकल्पिक स्थानों से संचालित किए जा रहे थे।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर प्रशासन ने बताया कि खदान क्षेत्र के नजदीक होने के कारण इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। विध्वंस की कार्रवाई से करीब दो दिन पहले पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर स्वास्थ्य सेवाओं की वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

प्रशासन का कहना है कि किसी संचालित सरकारी संस्था को बलपूर्वक नहीं हटाया गया। पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई और इसके बाद एसईसीएल ने प्रशासन के समन्वय से निष्प्रयोज्य भवनों को हटाया। वहीं ग्रामीणों की रोजगार, पुनर्वास सहित अन्य मांगों को लेकर एसईसीएल प्रबंधन के साथ समन्वय जारी रहने की बात कही गई है।