✍️ भागीरथी यादव
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लामबंद हुआ ऑल छत्तीसगढ़ ड्राइवर एसोसिएशन, 9 नवंबर तक लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
कोरबा। वाहन चालकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर ऑल छत्तीसगढ़ ड्राइवर एसोसिएशन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन की कोरबा इकाई ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने शासन-प्रशासन को 9 नवंबर 2026 तक मांगों पर लिखित निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय तक सकारात्मक पहल नहीं होने पर 12 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन ‘स्टीयरिंग छोड़ो अभियान’ शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
संगठन की प्रमुख मांगों में ड्राइवर आयोग का गठन, ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना तथा ड्राइवर सुरक्षा कानून लागू करना शामिल है। संगठन का कहना है कि वाहन चालक दिन-रात मेहनत कर परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनके और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ड्राइवरों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए एक प्रभावी संस्थागत व्यवस्था बनाई जानी आवश्यक है। संगठन ने ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रस्तावित आंदोलन के तहत कोरबा जिले में डुमरकछार, पाली एनएच, डोंगाकछार एनएच, हरदीबाजार से बलौदा मार्ग, मुड़ापार कार्यालय के सामने तथा दर्री-गुरसिया मार्ग सहित निर्धारित स्थानों पर शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। यहां टेंट, बैनर और पोस्टर के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन का उद्देश्य आम नागरिकों को परेशान करना नहीं, बल्कि ड्राइवर समुदाय को उनका अधिकार, सम्मान और सुरक्षा दिलाना है। संगठन ने प्रशासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर समय सीमा के भीतर लिखित निर्णय देने की अपील की है। अब सभी की नजरें प्रशासन के रुख पर टिकी हैं।



