
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ने सितंबर माह में नया रिकॉर्ड बनाया है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में यूपीआई लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 31% बढ़कर 19.63 अरब हो गई। वहीं, इन लेनदेन की कुल वैल्यू 21% बढ़कर 24.90 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
मासिक आधार पर भी बढ़त दर्ज की गई। अगस्त में यह वैल्यू 24.85 लाख करोड़ रुपए रही थी, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा 24.90 लाख करोड़ तक पहुंचा। औसतन सितंबर में रोजाना 65.4 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी वैल्यू लगभग 82,991 करोड़ रुपए रही। अगस्त में यह औसत 64.5 करोड़ लेनदेन और 80,177 करोड़ रुपए था।
गौरतलब है कि अगस्त में पहली बार यूपीआई ने 20 अरब मासिक लेनदेन का आंकड़ा पार किया था। वहीं 2 अगस्त को रिकॉर्ड 70 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज हुए थे।
उच्च मूल्य लेनदेन के लिए नई सीमा
एनपीसीआई ने यूपीआई पर हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कुछ बदलाव भी किए हैं।
पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन: सीमा 10 लाख रुपए (24 घंटे) तक बढ़ाई गई।
क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान: एक लेनदेन में 5 लाख रुपए तक संभव, 24 घंटे में अधिकतम 6 लाख रुपए।
कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस पेमेंट: सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति लेनदेन, दैनिक सीमा 10 लाख रुपए।
सरकारी ई-मार्केटप्लेस: सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए।
यात्रा बुकिंग, ऋण चुकौती और ईएमआई भुगतान: सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए।
हालांकि, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन की सीमा अभी भी 1 लाख रुपए प्रति दिन ही रखी गई है।
डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत करने की दिशा में यह कदम यूपीआई को और अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बना रहा है।








