
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि गांधी जयंती हमारे लिए गांधीजी के आदर्शों और मूल्यों को अपनाने का संकल्प लेने का अवसर है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि गांधीजी का संदेश शांति, सहिष्णुता और सत्य पूरी मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है और आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने याद दिलाया कि गांधीजी ने अपने जीवनभर अछूत प्रथा, निरक्षरता, नशे की लत और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया। वह समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के पक्षधर थे।
उन्होंने कहा कि गांधीजी का विचार आत्मनिर्भरता पर आधारित था और चरखा उसका प्रतीक था। चरखा उनके लिए ऐसे भारत का सपना था, जो स्वावलंबी और शिक्षित हो। साथ ही उन्होंने हर कार्य की गरिमा और श्रम के सम्मान का संदेश भी दिया।
राष्ट्रपति ने अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी नागरिक सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने, राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करने और गांधीजी के सपनों को साकार करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर एक ऐसा भारत बनाना है जो स्वच्छ, सक्षम, सशक्त और समृद्ध हो।






