
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली।
चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की शर्त के साथ मतदाता अपने मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के अलावा 12 अन्य फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर भी वोट डाल सकेंगे। आयोग ने यह व्यवस्था एक अधिसूचना के जरिए लागू की है।
चुनाव आयोग को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और ईपीआईसी जारी करने का अधिकार प्राप्त है। बिहार सहित आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के लिए लगभग सभी मतदाताओं को ईपीआईसी वितरित कर दिए गए हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर नए मतदाताओं को पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं।
हालांकि, कुछ मतदाताओं के पास ईपीआईसी उपलब्ध नहीं हो सकता, इसलिए उनकी सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जिनका नाम मतदाता सूची में है, लेकिन ईपीआईसी नहीं है, ऐसे मतदाता निम्नलिखित में से किसी एक पहचान दस्तावेज के माध्यम से वोट डाल सकेंगे —
1. आधार कार्ड
2. मनरेगा जॉब कार्ड
3. बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
4. आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
5. ड्राइविंग लाइसेंस
6. पैन कार्ड
7. एनपीआर स्मार्ट कार्ड
8. भारतीय पासपोर्ट
9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
10. केंद्र या राज्य सरकार की फोटोयुक्त सेवा आईडी
11. सांसद या विधायक का आधिकारिक पहचान पत्र
12. दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड)
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। बिना नाम के कोई भी दस्तावेज मतदान के लिए मान्य नहीं होगा।
वहीं, बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए भी आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर महिला अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी पहचान सम्मानजनक और गोपनीय तरीके से सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे निश्चिंत होकर मतदान कर सकें।








