गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में संपत्तियों की कीमतों पर व्यापक असर

✍️ भागीरथी यादव 

 

रायपुर, 8 दिसंबर 2025।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 19 नवंबर 2025 को प्रस्तावित गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संपत्तियों के मूल्यांकन संबंधी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। बाजार मूल्य, निर्माण लागत, भूमि उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिए गए इन निर्णयों का प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इन्हें 31 दिसंबर तक पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

बोर्ड के प्रमुख निर्णय:

 

1. 1400 वर्ग फीट तक के आवासीय फ्लैटों की कीमतों में राहत

 

नगर निगम क्षेत्र में फ्लैटों का मूल्यांकन अब 50% तक कम दर पर किया जाएगा।

नगर पालिका में यह राहत 37.5% और नगर पंचायत क्षेत्र में 25% तक रहेगी।

इससे affordable housing को बढ़ावा मिलेगा और खरीदारों का बोझ कम होगा।

 

2. व्यावसायिक भवनों का मूल्यांकन अब सुपर बिल्ट-अप एरिया पर

 

अब दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक इकाइयों का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा।

इससे बाजार में चल रही विसंगतियों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

 

3. रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सेटबैक पर छूट

 

पहले तल पर 10% और ऊपरी तल पर 20% तक के सेटबैक को अब मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाएगा।

इससे भवन निर्माताओं और खरीदारों दोनों को आर्थिक राहत मिलेगी।

 

4. 20 मीटर तक की आंतरिक सड़क वाले कॉम्प्लेक्स को राहत

 

ऐसे कॉम्प्लेक्स में स्थित भूखंडों का मूल्यांकन 25% कम दर पर किया जाएगा।

20 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में मूल्यांकन मुख्य मार्ग की दरों पर ही होगा।

 

5. जिला मूल्यांकन समितियों के संशोधनों को मंजूरी

 

ग्राम क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है।

जहां बढ़ोतरी अधिक पाई गई, वहां दरों को संतुलित करते हुए संशोधन किए जाएंगे।

 

6. नियम तत्काल प्रभाव से लागू

 

बोर्ड ने सभी संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू करने और 31 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जनता और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा प्रभाव

 

इन नए नियमों से आवासीय संपत्तियाँ सस्ती होने की उम्मीद है, साथ ही डेवलपर्स और निवेशकों को भी राहत मिलेगी। निर्माण कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा का संचार होगा।