
बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए करीब 57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक स्थानीय निवासी को वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। आरोपी ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में फंसने और डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। डर के माहौल में आकर पीड़ित ने आरोपी के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में कुल 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और बैंक खातों से रची ठगी की साजिश
जांच में सामने आया कि ठग गिरोह फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए वारदात को अंजाम देता था। ठगी की रकम निकालने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘लेगेसी लोन’ एप का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके माध्यम से आम लोगों को लोन बांटने की आड़ में ठगी का पैसा आहरित किया जाता था।
दिल्ली-यूपी में छापेमारी के बाद दबोचा गया आरोपी
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के दिल्ली और उत्तरप्रदेश से जुड़े होने के अहम सुराग मिले। इसके बाद रेंज साइबर थाना की विशेष टीम ने दिल्ली और यूपी में दबिश दी। तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शिकारपुर, बुलंदशहर निवासी मनिंदर सिंह (54 वर्ष) को हिरासत में लिया गया।
कंपनी के खाते में मंगवाता था ठगी का पैसा
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग पार्सल जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। आरोपी कमीशन के लालच में अपनी कंपनी शिकारपुरिहा रियालिटी प्राइवेट लिमिटेड के करंट अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाता था और बाद में उसे निकाल लेता था।
फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।






