नोएडा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मां की सहेली से अवैध रिश्ता,
✍️ भागीरथी यादव ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बस में प्रेमिका का कत्ल नाले में सिर-हाथ फेंककर गुमराह करने की कोशिश, पुलिस ने 9 दिन में सुलझाई गुत्थी नोएडा, 15 नवंबर 2025। नोएडा में 6 नवंबर को नाले से बरामद महिला के सिर और हाथ काटे हुए शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मोनू सोलंकी (34) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मृतका प्रीति का प्रेमी था, जो उसकी मां की सहेली थी। ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर उसने बस के अंदर ही निर्मम हत्या कर दी थी। बस की लाइट बंद कर गुजरती गाड़ी ने खोले राज जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास से 5 नवंबर रात 8:43 बजे एक अनजान बस को बिना लाइट के गुजरते देखा। बस नंबर की जांच से पता चला कि वह एक धार्मिक संस्था की है और उसे बरौला गांव का रहने वाला मोनू चलाता है। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो मोनू फरार था, लेकिन वहां पांच बच्चे मिले, जिनमें से दो बच्चे मृतका प्रीति के थे। बच्चों ने बताया कि उनकी मां 6 नवंबर से लापता है। जब पुलिस ने बिछिया की तस्वीर दिखाई तो बच्चों ने तुरंत पहचान लिया—यह उनकी मां की ही है। गिरफ्तारी और सनसनीखेज स्वीकारोक्ति शुक्रवार को मोनू को उसके घर के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी कहानी उगल दी— उसने 5 नवंबर की शाम प्रीति को बस में बैठाया प्रीति के दोनों बच्चों को अपने घर छोड़ दिया बस में रास्ते भर दोनों के बीच कहासुनी हुई इसी दौरान उसने धारदार हथियार से प्रीति का कत्ल कर डाला शव के सिर और हाथ काटकर गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार स्थित नाले में फेंक दिया पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव के अंग, कपड़े, मैट, हथियार और बस बरामद कर ली। चार बार धोई बस, फिर भी नहीं छुपा सकी सच्चाई हत्या के बाद मोनू ने बस को चार बार धोया, लेकिन खून के धब्बे नहीं मिटे। फॉरेंसिक टीम ने रासायनिक जांच से यह साबित कर दिया कि धब्बे मानव रक्त के थे। आरोपी ने बच्चों को यह भी सिखा रखा था कि किसी के पूछने पर कहना— “मां 6 नवंबर से गायब है।” जबकि वह 5 नवंबर से ही लापता थी। कैसे बना अवैध रिश्ता और कैसे पहुंचा हत्या तक? मोनू की मां और मृतका प्रीति जींस फैक्ट्री में साथ काम करती थीं। दो वर्ष पहले फैक्ट्री बंद हुई, तो प्रीति का मोनू के घर आना-जाना बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि प्रीति की पहले दो शादियां हो चुकी थीं, और उसने मोनू को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। आरोपी के अनुसार, वह उससे पैसे मांगती थी परिवार को बदनाम करने की धमकी देती थी यहां तक कि मोनू की दो नाबालिग बेटियों को भी गलत काम में धकेलने की धमकी दी थी इन्हीं दबावों में मोनू ने हत्या की योजना बनाई। 1100 से अधिक वाहनों की जांच के बाद खुला राज एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हत्या का राज खुलने से पहले— 1100 से ज्यादा संदिग्ध वाहनों की जांच, 44 वाहन मालिकों से पूछताछ, आसपास के सीसीटीवी फुटेज की कई घंटों की समीक्षा की गई। इसके बाद बस की पहचान हुई और पूरा मामला सामने आ गया।
दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन: एनएमसी ने तीन डॉक्टरों का लाइसेंस तत्काल रद्द किया
✍️ भागीरथी यादव जांच में गंभीर संलिप्तता उजागर, मेडिकल काउंसिल ने नाम रजिस्टर से हटाए नई दिल्ली, 15 नवंबर 2025। दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके में नई कड़ियां जुड़ते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने इस मामले में संलिप्त पाए गए जम्मू-कश्मीर के तीन डॉक्टरों—डॉ. मुजफ्फर अहमद, डॉ. अदील अहमद राठर और डॉ. मुजमिल शकील—का चिकित्सा लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की सिफारिश और जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर लिया गया यह निर्णय देश की चिकित्सा प्रणाली में नैतिकता और भरोसे को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। जांच में खुलासा: नौगाम थाने में दर्ज एफआईआर से उजागर हुई संलिप्तता नौगाम, श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 162/2025 की जांच के दौरान कई संदिग्धों की भूमिका सामने आई। इसी सिलसिले में तीनों डॉक्टरों की गतिविधियों और संपर्कों की जांच की गई, जिसमें उनकी सीधी संलिप्तता के प्रमाण एजेंसियों के हाथ लगे। एनएमसी के आदेश में तीनों डॉक्टरों के पंजीकरण क्रमांक भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं— डॉ. मुजफ्फर अहमद – 14680/2017 डॉ. अदील अहमद राठर – 15892/2019 डॉ. मुजमिल शकील – 15130/2018 एनएमसी ने स्पष्ट कहा कि इनका आचरण चिकित्सा पेशे की नैतिकता, ईमानदारी और जनता के भरोसे के विपरीत है, जो भारतीय चिकित्सा परिषद विनियम 2002 के अध्याय 1 के क्लॉज 1.1.1 एवं 1.1.2 का गंभीर उल्लंघन है। जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की कार्रवाई: रजिस्टर से हटाए गए नाम जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने भी तुरंत प्रभाव से तीनों डॉक्टरों के नाम मेडिकल प्रैक्टिशनर रजिस्टर से हटाने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक— अब वे किसी भी चिकित्सा संस्थान में कार्य, नियुक्ति या मेंडिकल प्रोफेशन से जुड़ा कोई भी दायित्व नहीं निभा सकेंगे, जब तक आगे कोई नया निर्देश न आए। लाल किला मेट्रो ब्लास्ट: 10 मौतें, एनआईए की विशेष टीम जांच में जुटी 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी कार में हुए धमाके ने राजधानी को हिला दिया था। 10 लोगों की मौत, दर्जनों घायल, शहर में सुरक्षा एजेंसियों की हलचल तेज हो गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है, जिसमें 1 आईजी 2 डीआईजी 3 एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई राज्यों में हाई अलर्ट जांच एजेंसियां अब सोशल मीडिया गतिविधियों की प्रोफाइलिंग, फोन डंप डेटा की स्कैनिंग और संदिग्ध लोकेशनों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। इसी के साथ— दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। —
बीजापुर जेल में भावनात्मक मिलन: परिजनों ने कहा— “हिंसा छोड़ो, घर लौट आओ”
✍️ भागीरथी यादव मुख्यधारा में वापसी की अपील से गूंजा पुनर्वास कार्यक्रम रायपुर, 15 नवंबर 2025। बीजापुर जेल परिसर शुक्रवार को एक ऐसे दृश्य का साक्षी बना, जिसने कठोर जेल दीवारों के बीच भी मानवीय संवेदनाओं को जीवंत कर दिया। छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय और संवेदनशील पहल के तहत आयोजित विशेष मुलाक़ात कार्यक्रम में वर्षों से बिछड़े परिवार एक बार फिर आमने-सामने आए। यह केवल मुलाक़ात नहीं थी, बल्कि टूटे रिश्तों का जुड़ना, विश्वास का लौटना और हिंसा से दूर नई जिंदगी की ओर बढ़ने का संकल्प था। जेल में निरूद्ध नक्सली प्रकरण के आरोपितों से उनके पुनर्वासित परिजन मिले। आंखों में आंसू लिए, वर्षों की दूरी और दर्द भूलकर परिवारजन एक-दूसरे से गले मिले। किसी ने भाई को पहचाना, किसी ने भतीजे का चेहरा छुआ तो किसी ने वर्षों बाद बहन के आंसू पोंछे—हर पल भावनाओं से भरा और परिवर्तन की उम्मीदों से रोशन था। “अब बहुत हुआ… हिंसा नहीं, घर लौट चलो” – परिजनों की भावुक अपील पुनर्वासित माओवादी कैडर्स संतू वेक्को, मारो वेक्को, रामलाल वेक्को, संतोष कुंजाम, बदरू ओयाम, मासा तामो, लखन ओयाम, लक्ष्मण ताती, मैनु आरकी, राजेश वेट्टी और कुमारी आरकी ने जेल में बंद अपने परिजनों अर्जुन वेक्को, मनी ओयाम, भीमसेन ओयाम, भीमा मुचाकी, सायको माड़वी, सोमारू मड़कम, बुधरू आरकी और शंकर कोरसा से मुलाक़ात की। भावुक क्षणों के बीच सभी ने एक ही बात दोहराई— “हम बदले तो जिंदगी बदली… तुम भी हथियार छोड़ो, घर लौट आओ। समाज तुम्हें अपनाने के लिए तैयार है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके स्थानीय नेतृत्वकर्ता भूपति ने हथियार छोड़ने की अपील की है और खुद भी मुख्यधारा में लौट आए हैं। शासन की पहल: केवल मुलाक़ात नहीं, दिलों को जोड़ने का प्रयास कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ परिवारजन को मिलाना नहीं, बल्कि माओवादी विचारधारा से प्रभावित युवाओं का भावनात्मक पुनर्वास कर उन्हें सम्मानजनक जीवन की राह दिखाना है। इस पहल ने जेल बंदियों के मन में भी बदलाव और वापस लौटने की इच्छा को गहरा किया। “कभी बहकावे में हिंसा अपनाई थी, अब लौटने का समय”— उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, विश्वास और विकास स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा— “भटके हुए युवाओं को पुनर्वास का विकल्प दिया जा रहा है। जो कभी बहकावे में हिंसा की राह पर चल पड़े थे, उनके लिए अब सम्मानजनक जीवन और समाज में पुनः जगह पाने के द्वार खोले जा रहे हैं।”
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की अहम बैठक: किसानों, प्रशासनिक सुधार, आवास योजनाओं और खेल विकास से जुड़े बड़े निर्णय
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों का सीधा लाभ किसानों, आवास योजनाओं के हितग्राहियों और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा। साथ ही शासन-प्रशासन में सुशासन और प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। परिषद ने कुल पाँच प्रमुख निर्णय लिए— — 1. खरीफ–रबी में दलहन–तिलहन की खरीद जारी रहेगी, पीएम-आयस्सा (PSS) योजना के तहत मंजूरी मंत्रिपरिषद ने तय किया है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम – PSS) के तहत दलहन–तिलहन की खरीद की जाएगी। खरीफ में: अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन रबी में: चना, सरसों, मसूर समर्थन मूल्य पर खरीद से बाजार में प्रतियोगिता बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलना संभव होता है। — 2. शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन—सुशासन की दिशा में बड़ा कदम मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन स्वीकृत किया है। सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में विलय किया गया। बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में संविलियन किया गया। यह निर्णय “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की सोच को मजबूत करेगा। — 3. धान खरीदी के लिए 15,000 करोड़ की गारंटी का पुनर्वेधीकरण, 11,200 करोड़ अतिरिक्त मंजूर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2024–25 में स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपए की शासकीय प्रत्याभूति को 2025–26 के लिए पुनर्वेधित किया गया। विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सरकारी गारंटी भी दी गई। इससे धान खरीदी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी। — 4. आवास योजनाओं में बड़े बदलाव—अविक्रित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अब किसी भी आय वर्ग को बेचे जा सकेंगे दीनदयाल आवास, अटल आवास, अटल विहार और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए— (अ) तीन बार विज्ञापन के बाद भी यदि ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अविक्रित रह जाते हैं, तो उन्हें किसी भी आय वर्ग के व्यक्ति को बेचा जा सकेगा। लेकिन ऐसे खरीदारों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा। (ब) अविक्रित भवनों को Bulk Purchase के रूप में भी बेचा जा सकेगा— एकल व्यक्ति, सरकारी/अर्ध-सरकारी या निजी संस्थाएँ एक से अधिक भवन खरीद सकती हैं। इन खरीदारों को भी अनुदान नहीं मिलेगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि इस प्रावधान का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि अधिक हितग्राही लाभ ले सकें। — 5. नवा रायपुर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को लीज पर मंत्रिपरिषद ने शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन व विकास कार्यों हेतु अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया। इससे— राज्य के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ मिलेंगी। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की संख्या बढ़ेगी।
बेमेतरा में देश का सबसे ऊँचा 140 फीट बैम्बू टावर समर्पित, छत्तीसगढ़ बना ‘बांस तीर्थ’—मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण
✍️ भागीरथी यादव बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज इतिहास रचा गया। “छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन” के तहत 140 फीट ऊँचे भारत के सबसे विशाल बैम्बू टावर का लोकार्पण हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और पहचान का भव्य क्षण बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।— मुख्यमंत्री ने फहराया तिरंगा, कहा—”यह केवल संरचना नहीं, छत्तीसगढ़ की पहचान है” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कहा— “यह टावर छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और असीम संभावनाओं का प्रतीक है।” उन्होंने समारोह स्थल पर बनाए गए बांस उत्पाद निर्माण इकाइयों, प्रोसेसिंग सेंटरों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तथा कारीगरों से उनकी आजीविका और तकनीकों पर विस्तृत बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बांस रोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और बांस आधारित खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांस आधारित उद्योग आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक के बड़े स्तंभ बन रहे हैं। राज्य सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। — उपमुख्यमंत्री अरुण साव—“जल संकट के दौर में किसानों के लिए बांस सबसे मजबूत विकल्प” उपमुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेमेतरा जिला वर्षों से पानी की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में बांस की खेती किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का नया मार्ग खोल सकती है। उन्होंने कहा— “बांस कम पानी में तेजी से बढ़ता है, मिट्टी को संजोता है और आज बाजार में इसकी मांग कई गुना बढ़ चुकी है। किसान पारंपरिक फसलों के साथ इसे अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।” साव ने बताया कि बांस आधारित उद्योग प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहे हैं। — कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल—“धान के विकल्प के रूप में बांस बड़े पैमाने पर लाभदायक” मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बेमेतरा जैसे जलअभाव वाले क्षेत्रों में बांस की खेती समय की मांग है। “बांस जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार पैदा करता है। किसानों को बांस की खेती से आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।” उन्होंने किसानों से बांस के व्यावसायिक उपयोग और आर्थिक लाभों को समझकर इसे अपनाने का आग्रह किया। — कार्यक्रम में जनसमुदाय का उमड़ा सैलाब इस ऐतिहासिक समारोह में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू कलेक्टर रणबीर शर्मा एसएसपी रामकृष्ण साहू रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक जिलाध्यक्ष अजय साहू महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल पूर्व विधायक अवधेश चंदेल तथा बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए। — बेमेतरा का यह ‘बांस तीर्थ’ अब छत्तीसगढ़ की पहचान बनकर उभर रहा है—एक ऐसे राज्य के रूप में, जो नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए अध्याय लिख रहा है।
कोंडागांव में रेप केस का आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में पुलिस ने रेप मामले में फरार चल रहे आरोपी विदेश कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। — पीड़िता के घर में घुसकर की थी वारदात यह मामला विश्रामपुरी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने 6 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 नवंबर की रात आरोपी विदेश कुमार मरकाम उसके घर में घुसा और जबरन दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। — मामला दर्ज कर शुरू हुई जांच पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64 और 331(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और जांच तेज कर दी। शुक्रवार को पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया। — महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त रुख कोंडागांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। —
दुर्ग का दोगुना हत्याकांड सुलझा: 18 महीने बाद पुलिस ने खोला सनसनीखेज राज
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 18 महीने से रहस्य बना दादी–पोती का दोहरा हत्याकांड आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलगांव थाना क्षेत्र के गनियारी गांव में 6 मार्च 2024 की रात हुई इस वारदात में 62 वर्षीय रजवती बाई साहू और उनकी 17 वर्षीय पोती सविता साहू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। लंबे समय तक कोई ठोस सुराग न मिलने के बाद यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन तकनीकी जांच और धैर्यपूर्ण कार्रवाई ने आखिरकार पूरे षड्यंत्र से पर्दा उठा दिया। — प्रेम-प्रसंग बना खून की वजह जांच में पता चला कि सविता का गांव के युवक चुमेन्द्र से प्रेम संबंध था। इसी दौरान चुमेन्द्र की सगाई दूसरी लड़की से हो गई। जब यह बात सविता तक पहुंची तो उसने अपनी सहेलियों से कहा कि वह आरोपी और उसके परिवार को बर्बाद कर देगी। यही आशंका आरोपी के मन में घर कर गई। अफेयर उजागर होने के डर और प्रतिष्ठा खोने की भय से चुमेन्द्र ने अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी दादी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। — योजना बनाकर दोस्तों संग पहुंचा हत्या करने पुलिस के अनुसार घटना वाली रात चुमेन्द्र पहले अपने दोस्तों के साथ घुघसीडीह गया, ताकि किसी को उसके इरादों पर शक न हो। देर रात करीब 1 बजे वह गांव लौटा और भाई को फोन कर दरवाज़ा खुलवाया। भाई के सो जाने के बाद उसने अपने साथी पंकज निषाद और एक अन्य फरार आरोपी को व्हाट्सऐप कॉल कर बुलाया। तीनों स्कॉर्पियो में सवार होकर सविता के घर पहुंचे और अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता को आरोपी ने पहले शादी का झांसा दिया, लेकिन सगाई की बात सुनकर लड़की के इनकार से वह बौखला उठा। गुस्से में उसने घर में रखी टंगिया से सविता पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इतने में दादी रजवती बाई जाग गईं, तो आरोपी ने चाकू से वार कर उनकी भी हत्या कर दी। — सबूत मिटाने की कोशिश दोनों की हत्या के बाद तीनों आरोपी तालाब पहुंचे और अपने कपड़े व हथियार वहीं धोकर वापस घर लौट गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चाकू, मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी पूर्व में भी आबकारी और मारपीट के मामलों में जेल जा चुके हैं। — 62 संदिग्धों से पूछताछ—तकनीक ने खोला जाल जांच के दौरान पुलिस ने एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड की मदद ली तथा अहमदाबाद और रायपुर में कई संदिग्धों के ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी कराए। आखिरकार घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस सच्चाई तक पहुंच सकी। — एक आरोपी फरार आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि यह मामला पुलिस के धैर्य, वैज्ञानिक जांच और लगातार प्रयास का परिणाम है। पुलिस अब भी फरार तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
कस्टडी में मौत: छठवें दिन भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, दोबारा पोस्टमॉर्टम व 1 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर/सीतापुर। चोरी के आरोप में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के छठवें दिन भी परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। मृतक उमेश सिंह के परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर सीतापुर में धरना शुरू कर दिया है। पोस्टमॉर्टम दोबारा कराने की मांग पर सहमति नहीं शुक्रवार को परिजनों ने एसडीएम सीतापुर से मुलाकात कर मौत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मंगाए जाने और दोबारा मेडिकल जांच की अनुमति का आग्रह किया। अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि— पोस्टमॉर्टम न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल टीम द्वारा कराया गया था, इसलिए कोर्ट से दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं मिल सकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अब तक परिजनों को उपलब्ध नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के लिए बलरामपुर पुलिस से संपर्क किया गया है। परिजन बोले— मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक: 1️⃣ पोस्टमॉर्टम दोबारा नहीं कराया जाता, 2️⃣ और 1 करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं दिया जाता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस का दावा— युवक पहले से बीमार और आदतन अपराधी बलरामपुर पुलिस ने मृतक उमेश सिंह को आदतन बदमाश बताया है। पुलिस के अनुसार— वह कुख्यात नट गिरोह का सदस्य था, सिकल सेल से पीड़ित था, बीमारी के कारण वह 34 बार अस्पताल में भर्ती हो चुका था। पुलिस का दावा है कि सिकल सेल बीमारी बढ़ने के कारण उसकी हालत बिगड़ने से मौत हुई है। परिजनों का आरोप— पुलिस कस्टडी में पिटाई से हुई मौत उमेश सिंह को 6 नवंबर को 50 लाख रुपये की चोरी के आरोप में पकड़ा गया था। 9 नवंबर को उसकी हिरासत में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया। सोमवार को परिजन बलरामपुर थाना घेरने पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने खदेड़ दिया था। शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया शव को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्च्युरी में रखा गया है। फ्रीजर मंगवाया गया है, सुरक्षा के लिए सीएएफ जवान तैनात किए गए हैं। स्थिति अब भी तनावपूर्ण सरगुजा आईजी से चर्चा के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका है। परिजनों का धरना जारी है और प्रशासन समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।
एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025: भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने 17 साल बाद रचा इतिहास, कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण
✍️ भागीरथी यादव एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। यशदीप संजय भोगे, अतनु दास और राहुल की तिकड़ी ने फाइनल में एशियाई दिग्गज कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 5-4 से मात दी। यह 2007 के बाद पुरुष रिकर्व टीम का पहला गोल्ड मेडल है। फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और स्कोर बराबरी पर रहने के बाद मैच शूट-ऑफ तक पहुंच गया। शूट-ऑफ में भारत और कोरिया ने 29-29 अंक बनाए, लेकिन राहुल के तीर का बुल्स आई के सबसे करीब लगना भारत की ऐतिहासिक जीत का आधार बना। कोरिया इस स्पर्धा में 2013 से अजेय था। — मिश्रित रिकर्व टीम से निराशा भारत की रिकर्व मिश्रित टीम को ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। अंशिका कुमारी और यशदीप की जोड़ी को कोरिया की जंग मिन्ही और सियो मिंगी की जोड़ी ने पराजित कर पदक से दूर कर दिया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा। धीरज बोम्मादेवरा कोरिया के जंग का सामना करेंगे जबकि राहुल दूसरे कोरियाई खिलाड़ी सियो मिंगी से भिड़ेंगे। — महिला रिकर्व में ऑल-इंडिया सेमीफाइनल मुकाबला दिन के अंत में भारत की दिग्गज तीरंदाज दीपिका कुमारी और अंकिता भकत रिकर्व महिला व्यक्तिगत सेमीफाइनल में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। वहीं, भारत की संगीता को पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सुह्योन की चुनौती का सामना करना होगा। — कंपाउंड वर्ग में भारत का दमदार प्रदर्शन, ज्योति सुरेखा वेन्नम का तीसरा गोल्ड कंपाउंड तीरंदाजी में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने कुल 5 पदक अपने नाम किए। कंपाउंड महिला वर्ग में एशियन गेम्स चैंपियन ज्योति सुरेखा वेन्नम ने अपना तीसरा व्यक्तिगत एशियाई चैंपियनशिप गोल्ड जीता। इससे पहले उन्होंने 2015 और 2021 में भी स्वर्ण पदक जीते थे। वेन्नम, पृथिका और दीपशिखा की टीम ने कंपाउंड महिला टीम इवेंट में कोरिया को हराकर एक और गोल्ड अपने नाम किया। पुरुष कंपाउंड मिश्रित टीम फाइनल में अभिषेक वर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम एक अंक से कजाकिस्तान से पिछड़कर ब्रॉन्ज तक सीमित रही। वहीं, वर्मा और युवा दीपशिखा की मिश्रित टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता को किया नमन
✍️ भागीरथी यादव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को प्रचंड बहुमत मिला है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की सम्मानित जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा: “बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति अपना विश्वास जताया है। इसके लिए सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद। प्रधानमंत्री मोदी जी को उनके सहयोग के लिए कृतज्ञता प्रकट करता हूं।” उन्होंने आगे एनडीए के सहयोगी दलों—चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—को भी धन्यवाद दिया और कहा कि गठबंधन की एकजुटता ही इतनी बड़ी जीत का कारण बनी। “आप सभी के सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।” — एनडीए की जीत पर चिराग पासवान का बयान केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार की जनता ने विकास के लिए एनडीए पर भरोसा जताया है। “बिहार की जनता द्वारा दिए गए प्रचंड जनादेश के लिए मैं हृदय से धन्यवाद और बधाई देता हूं। अगले पांच साल में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को नई विकास गति देंगे।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जनादेश उन सभी सवालों का जवाब है, जो एनडीए की कार्यकुशलता, मुख्यमंत्री के नेतृत्व और बिहार की प्राथमिकता को लेकर उठाए जाते थे। — विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विजय पर दी शुभकामनाएं विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने भी एनडीए की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा: “बिहार की जनता का एनडीए को मिला ऐतिहासिक जनादेश हर्ष का विषय है। मुझे विश्वास है कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बिहार का सुशासन और विकास नई गति से आगे बढ़ेगा।”
















