अवैध धान परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: तीन पिकअप जब्त, 200 बोरी धान बरामद

✍️ भागीरथी यादव   बलरामपुर, 13 नवंबर 2025: जिले में अवैध धान परिवहन पर नकेल कसते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से धान लाने वाले तीन पिकअप वाहनों को पकड़कर लगभग 200 बोरी धान जब्त किया गया है। वाहनों के चालकों से पूछताछ के दौरान किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। संयुक्त टीम की रातभर की कार्रवाई   अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वाड्रफनगर, श्री नीर निधि नंदेहा ने बताया कि विगत रात्रि संयुक्त टीम द्वारा गश्त के दौरान तीन पिकअप वाहन संदिग्ध स्थिति में पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धान को उत्तर प्रदेश से बलरामपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों या सहकारी समितियों में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था।   कानूनी कार्रवाई दर्ज   मामले में राजस्व, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासन ने सभी जब्त वाहनों को थाने में सुपुर्द कर दिया है।   प्रशासन की सख्त चेतावनी   एसडीएम श्री नंदेहा ने कहा कि धान खरीदी सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले में निगरानी और सघन जांच की कार्रवाई और अधिक तेज़ कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “राज्य में अन्य प्रदेशों से अवैध धान की आवाजाही और बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण रखा जाएगा। जो भी व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”    

बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: 6 नक्सली ढेर, ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना मारा गया — लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक वार

✍️ भागीरथी यादव बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 13 नवंबर 2025: बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज सुबह छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF)** की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है।** मुठभेड़ के दौरान 6 माओवादी मारे गए, जिनमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है — जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा और माओवादी गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा था।   🔥 जंगल में घंटों चली मुठभेड़, भारी मात्रा में हथियार बरामद   सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बलों को माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जंगल के भीतर हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। घटनास्थल से राइफल, गोला-बारूद और माओवादी साहित्य भी बरामद हुआ है।   🪖 मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा — “लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में निर्णायक कदम”   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि, “यह उपलब्धि पुलिस बलों के साहस, सटीक रणनीति और उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है।”   मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।   📍 बीजापुर में अभियान जारी   सुरक्षाबलों ने आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है। संभावना है कि मुठभेड़ स्थल से और भी नक्सली दस्तावेज़, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण बरामद हों। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन अभी जारी है और क्षेत्र को पूरी तरह सर्च किया जा रहा है।  

🌾 ग्राम पचरा में 53 हाथियों का कहर: रात में जंगल, दिन में खेतों पर धावा — एक हफ्ते से दहशत में ग्रामीण

✍️ भागीरथी यादव   ग्राम पचरा, कोरबा (छत्तीसगढ़), 13 नवंबर 2025: कोरबा जिले के ग्राम पचरा और आसपास के इलाकों में इन दिनों 53 हाथियों का झुंड कहर बरपा रहा है। दिन के समय ये हाथी जंगलों में विश्राम करते हैं, लेकिन रात होते ही खेतों में उतरकर पककर तैयार धान की फसलों को चट कर रहे हैं। लगातार एक सप्ताह से जारी इस उत्पात ने ग्रामीणों को भय और नुकसान दोनों में झोंक दिया है।   🌾 “सुबह की पहली किरण के साथ खेतों पर हमला”   ग्रामीणों ने बताया कि सुबह होते ही हाथियों का पूरा झुंड खेतों की ओर बढ़ जाता है। कुछ फसलों को रौंद देते हैं, तो कुछ उसे पूरी तरह खा जाते हैं। ग्राम पचरा के किसान रामलाल साहू ने बताया, “हम पूरी रात जागते हैं, ढोल-थाली बजाते हैं, लेकिन झुंड बार-बार लौट आता है। अब हमारी फसल आधी से ज़्यादा खत्म हो चुकी है।”   😟 ग्रामीणों में डर और प्रशासन से गुहार   गांव में अब यह डर गहराता जा रहा है कि हाथियों का यह झुंड कहीं रिहायशी इलाकों में न घुस जाए और जान-माल की हानि न हो जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत, सुरक्षा व्यवस्था और मुआवज़े की मांग की है।   🌿 वन विभाग अलर्ट पर, निगरानी जारी   वन विभाग की टीम ने बताया कि झुंड का मूवमेंट लगातार ट्रैक किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, हाथियों को उकसाएँ नहीं और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।

विहिप नेता प्रिंस गौड़ प्रकरण: पीलीभीत की ADM ऋतु पूनिया हटाई गईं, शासन ने लखनऊ मुख्यालय से जोड़ा

✍️ भागीरथी यादव     पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पीलीभीत की ADM (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें देर रात आदेश जारी कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह प्रसून द्विवेदी को नया ADM (वित्त एवं राजस्व) नियुक्त किया गया है। प्रसून द्विवेदी अब तक मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में तैनात थे।   यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब विहिप (VHP) संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी को लेकर संघ परिवार और हिंदू संगठनों में भारी नाराज़गी फैल गई थी।     — 🔹 पृष्ठभूमि: मजार निर्माण को लेकर हुआ था विवाद   विहिप नेता प्रिंस गौड़ ने कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में निर्माणाधीन मजार का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ADM ऋतु पूनिया कॉलोनाइजर को संरक्षण दे रही थीं। इस मामले की शिकायत प्रिंस ने बरेली मंडलायुक्त से की थी और ADM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।   इसी विवाद के बाद ADM ऋतु पूनिया ने प्रिंस गौड़ पर रंगदारी मांगने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने 8 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।     —   🔹 हिंदू संगठनों का विरोध और शासन की सख्ती   प्रिंस गौड़ की गिरफ्तारी के बाद विहिप, बजरंग दल और संघ परिवार से जुड़े संगठनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और ADM पर कार्रवाई की मांग की गई। इसी विरोध के बीच शासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए ADM ऋतु पूनिया को हटा दिया।     —   🔹 ADM ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया झूठा   ADM ऋतु पूनिया ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि,   > “मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। न तो धारा 80 और न ही स्टांप शुल्क मेरे अधिकार क्षेत्र में आते हैं। प्रिंस गौड़ ने धमकी दी, मेरी छवि खराब करने की कोशिश की।”       उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें गिरोह से हमले का डर है और प्रशासन को सुरक्षा की मांग की थी।     —   🔹 अब नए ADM बने प्रसून द्विवेदी   ADM ऋतु पूनिया की जगह प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया ADM (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वे इससे पहले मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में OSD के रूप में कार्यरत थे।     —   इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच टकराव का माहौल पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन की इस कार्रवाई के बाद विवाद शांत होता है या नया मोड़ लेता है।  

दीदारगंज में जुआ विवाद से उपजी गोलीबारी, तीन युवक घायल – पुलिस ने शुरू की जांच

✍️ भागीरथी यादव   पटना। दीदारगंज थाना क्षेत्र के ज्ञानचक गांव में बुधवार रात जुआ खेलने को लेकर हुए पुराने विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। नशे में धुत कुछ युवकों ने पिस्टल से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।   घायलों की पहचान विकास कुमार (21 वर्ष) पिता जगन्नाथ सिंह, साहिल कुमार (20 वर्ष) पिता संजय कुमार और अंकित कुमार (20 वर्ष) पिता किशोरी सिंह के रूप में हुई है। गोलीबारी में विकास और अंकित को पैर में, जबकि साहिल को सीने में गोली लगी। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।   गोली चलने की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से निकलकर बाहर आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दीदारगंज पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की और घटनास्थल से खोखा बरामद किया है।   थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश और जुआ विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा, “घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हर पहलू पर गंभीरता से जांच चल रही है।”   ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दीपावली के दौरान जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था। दो दिन पहले भी कहासुनी के बाद अंकित के भाई दीपक की पिटाई की गई थी, जिसका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में हुआ था। उसी रंजिश के चलते बुधवार की रात यह हमला किया गया।   पुलिस ने घटनास्थल के आसपास अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। गांव में तनाव का माहौल है, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

विरार में देह व्यापार का भंडाफोड़, दो महिला दलाल गिरफ्तार — दो पीड़ित युवतियों को पुलिस ने कराया मुक्त

✍️ भागीरथी यादव   वसई-विरार। मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की महिला अत्याचार प्रतिबंधक एवं विशेष बाल संरक्षण शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विरार पश्चिम में चल रहे देह व्यापार के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से दो महिला दलालों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो पीड़ित युवतियों को उनके चंगुल से मुक्त कराया गया है।   यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल मुंढे के नेतृत्व में की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि विरार पश्चिम स्थित ओल्ड विवा कॉलेज, चेरिस बिल्डिंग नंबर 12 (ग्राउंड फ्लोर) में दो महिला दलाल ग्राहकों को लड़कियों की फोटो भेजकर देह व्यापार का नेटवर्क चला रही हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजकर जाल बिछाया और मौके पर छापेमारी की, जिसमें दोनों महिला दलाल रंगे हाथों पकड़ी गईं।   प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये महिलाएं पिछले आठ महीनों से इस धंधे में सक्रिय थीं और अपने कमरे से ही ग्राहकों से संपर्क करती थीं। फिलहाल मामले की जांच बोलींज पुलिस को सौंपी गई है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित महिलाओं ने कितनी और युवतियों को इस अवैध गतिविधि में शामिल किया और क्या इस नेटवर्क में अन्य सहयोगी भी हैं।   पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं दोनों पीड़ित युवतियों को महिला सुधारगृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।   👉 पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मानव तस्करी के हर रूप को जड़ से खत्म करने का अभियान निरंतर चलेगा।

लखनऊ में विशेष न्यायाधीश की कार पर हमला, परिवार संग मौजूद थे जज — राजधानी की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

  ✍️ भागीरथी यादव   लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। सीतापुर में तैनात विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) मोहम्मद सफीक की कार पर अज्ञात युवकों ने टेढ़ी पुलिया चौराहे पर हमला कर दिया, उस समय जज साहब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कार में मौजूद थे।   हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की, फिर कार के शीशे और बोनट पर जोरदार हमला किया और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान परिवार के सदस्यों में दहशत फैल गई और किसी तरह वे वहां से जान बचाकर निकले।   घटना 8 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे की बताई जा रही है। जज की पत्नी सिद्दीका ताहिरा के अनुसार, वे अपने पति और बेटों के साथ इंदिरा नगर स्थित घर लौट रही थीं। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर जब वे मर्सी हॉस्पिटल, टेढ़ी पुलिया के पास रुके, तो कुछ देर बाद उनकी कार के सामने एक स्विफ्ट डिज़ायर और काली स्कॉर्पियो आकर रुकीं। दोनों गाड़ियों में हल्की टक्कर होने के बाद स्कॉर्पियो सवार दो युवक उतरे और बिना किसी वजह के जज के परिवार पर हमला बोल दिया।   पीड़िता ने बताया कि हमलावरों ने कार का बायां शीशा तोड़ दिया, गालियां दीं और बाहर निकलने पर धमकी भरे लहजे में अभद्रता की। डर के मारे उन्होंने बेटे से कार मोड़ने को कहा और किसी तरह वहां से निकल गईं।   घटना के बाद ताहिरा कुछ दिनों के लिए प्रतापगढ़ चली गईं। 10 नवंबर को लौटकर उन्होंने विकास नगर थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।   पीड़िता ने कहा — “यह सिर्फ हमारे परिवार पर हमला नहीं, बल्कि राजधानी में कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल है। अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।”   👉 पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बीजापुर जिला अस्पताल में नेत्र ऑपरेशन के बाद जटिलता, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की

  ✍️ भागीरथी यादव   बीजापुर। जिला अस्पताल बीजापुर में नेत्र ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों में जटिलता सामने आने के मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति नेत्र ऑपरेशन में आई जटिलताओं के कारणों की गहन जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव देगी।   गठित समिति में राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि अत्रिवाल, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर संभाग डॉ. महेश साण्डिया और नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय जगदलपुर डॉ. सरिता थॉमस शामिल हैं। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को प्रस्तुत करे।   मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 9 प्रभावित मरीजों को रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उनके इलाज के लिए सभी आवश्यक उपकरण और दवाइयां तुरंत उपलब्ध कराई गईं।   डॉ. शुक्ला ने कहा कि “मरीजों का समुचित उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”   👉 स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री निवास में 13 नवंबर को जनदर्शन कार्यक्रम, सीएम विष्णु देव साय करेंगे प्रदेशवासियों से सीधा संवाद

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनसरोकारों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री निवास में 13 नवंबर, गुरुवार को जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक चलेगा।   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस दौरान जनता से सीधे संवाद करेंगे और उनकी शिकायतों, सुझावों एवं मांगों को सुनकर मौके पर ही समाधान के निर्देश देंगे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके।   राज्य सरकार के इस जनदर्शन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री साय की जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है। सरकार का मानना है कि जनता की भागीदारी और विश्वास से ही विकास के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सकता है।   👉 जनदर्शन कार्यक्रम मुख्यमंत्री साय की ‘जनता के दरबार से सीधे संवाद’ की पहल का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद है — हर नागरिक तक शासन की पहुँच और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना।

बाढ़ में शराब माफियाओं का तांडव: मद्य निषेध विभाग की टीम पर हमला, दो आरोपी छुड़ाए – चार जवान घायल, कई वाहन तोड़े

✍️ भागीरथी यादव   पटना/बाढ़, 13 नवंबर 2025। राजधानी पटना से सटे बाढ़ के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात मद्य निषेध विभाग की टीम पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। गंजपर गांव के पास हुई इस घटना में भीड़ ने न केवल पुलिस पर ईंट-पत्थर और डंडों से हमला किया, बल्कि दो गिरफ्तार शराबियों को छुड़ाकर फरार हो गई।   इस हमले में तीन महिला सिपाहियों सहित चार जवान घायल हो गए, जबकि चार सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बताया जा रहा है कि मद्य निषेध विभाग की टीम सहायक अवर निरीक्षक पिंकी कुमारी के नेतृत्व में छह वाहनों के काफिले के साथ रात्रि गश्त पर निकली थी। इसी दौरान गंजपर गांव के पास सड़क किनारे कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे।   जैसे ही पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा और ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच शुरू की, वहां मौजूद भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों की पिटाई कर पकड़े गए दोनों शराबियों को छुड़ा लिया और ब्रेथ एनालाइजर मशीन छीन ली।   घटना की सूचना मिलते ही अथमलगोला थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायल जवानों निधि प्रिया, निगम कुमारी, कविता कुमारी और सतेंद्र पासवान को उपचार के लिए अथमलगोला पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।   मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के संबंध में 14 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी सुखदेव राय को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।   उन्होंने कहा कि यह हमला कानून के खिलाफ साजिश है और अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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