सांप के काटने से 2 लोगों की मौत, परिजनों ने गांव के बैगा से करवाया इलाज
छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रक्षाबंधन के दिन दो अलग-अलग घटनाओं में सांप काटने से एक युवक और एक नाबालिग छात्रा की मौत हो गई। दोनों को रात में सोते समय सांप ने डसा था, जिसके बाद हड़कंप मच गया। उत्तरकाशी आपदा मानवजनित गलती का नतीजा : वैज्ञानिक ने जताई चिंता पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गीदम थाना क्षेत्र में 36 साल के एक युवक और 17 साल की एक छात्रा को सांप ने काट लिया। दोनों ही घटनाओं में पीड़ितों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। छात्रा के मामले में, परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने की बजाय गांव के सिरहा गुनिया (बैगा) के पास ले जाकर झाड़-फूंक करवाई, लेकिन इससे उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उसकी मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और आज उनके शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इन मौतों ने इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।
दर्री थाना क्षेत्र में अवैध शराब-गांजा की खुलेआम बिक्री, ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र के अयोध्या नगरी, राजेंद्र नगर और प्रेम नगर के विभिन्न इलाकों में अवैध शराब एवं गांजा की खुलेआम बिक्री का धंधा तेज़ी से फैल रहा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानों पर यह कारोबार दिनदहाड़े चल रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नशे के इस अवैध कारोबार से आपराधिक गतिविधियों में भी इज़ाफा हो रहा है। उन्होंने जिला पुलिस प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र को नशे के जाल से मुक्त कराया जा सके।
नोनबिर्रा में रक्षाबंधन पर दिखा उत्सव का माहौल
दीपका क्षेत्र के नोनबिर्रा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सावन मास के अंतिम दिन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में तैयारी शुरू हो गई थी। सभी बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर पूजा-अर्चना की, उन्हें मिठाई खिलाई और भगवान से उनके दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व सभी बहनों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसका वे पूरे वर्ष इंतजार करती हैं। गांव में दिनभर हंसी-खुशी और भाई-बहन के स्नेह से भरा माहौल बना रहा।
जहर देकर मारा या आत्महत्या? मां-बेटी की लाश मिलने से फैली सनसनी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मां और बेटी की लाश मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जहर देकर मारा गया है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। भैरमगढ़ को मिला 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, जांगला का आयुष्मान केंद्र बनेगा मॉडल हेल्थ सेंटर। घटना का विवरण बताया जा रहा है कि महिला अपनी बेटी के साथ अपने भाई को राखी बांधने आई थी। घटना वाले दिन सुबह से ही घर में किसी बात को लेकर लगातार लड़ाई हो रही थी। मृतक महिला के बेटे ने तड़पते हुए अपनी मां और बहन को देखा, जिसके बाद उसने तत्काल इसकी जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस को आशंका है कि यह आपसी विवाद का नतीजा हो सकता है, जिसके बाद किसी ने उन्हें जहर दे दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और सबूत जुटा रही है। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
विश्व आदिवासी दिवस पर इंद्रावती सभाकक्ष में जिले का गौरवमयी आयोजन, पात्रों को मिले वनाधिकार पत्र।
बीजापुर – विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को इंद्रावती सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और विकास को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथ्यूस कुजूर, सांसद प्रतिनिधि श्री जिलाराम राना तथा सहायक आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह की उपस्थिति में चारों विकासखंडों से आए पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर कुल 20 लाभार्थियों को वनाधिकार मान्यता पत्र सौंपे गए। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 390 वनाधिकार पत्र तैयार हो चुके हैं और आगामी समय में सभी विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के गणमान्यजन, चारों विकासखंडों के अधिकारी-कर्मचारी और लाभार्थी परिवार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि वनाधिकार पत्र न केवल भूमि पर अधिकार देता है, बल्कि आदिवासी समुदाय को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का भी माध्यम है।
लघु वनोपज व ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने के निर्देश, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ली समीक्षा बैठक।
बीजापुर – छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। श्री शर्मा ने कहा कि नियद नेल्लानार समेत दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लघु वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके। बैठक में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी और स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने पर भी चर्चा हुई। नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और कौशल विकास के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने इन्हें नियमित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही। सुरक्षा कैम्पों के आसपास बसे गांवों में पढ़े-लिखे युवाओं को अटल डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित करने के लिए प्रशिक्षित करने, बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार, बैंक सखी, एटीएम और नए बैंक शाखाओं की स्थापना पर भी जोर दिया गया। युवा कैरियर एकेडमी में दूरस्थ क्षेत्रों से आए छात्रों की आवासीय सुविधाओं की जानकारी भी उपमुख्यमंत्री ने ली। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, दंतेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्ण वाय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गडकरी का बड़ा बयान: ‘दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए’, बोले- इम्पोर्ट कम करना जरूरी
नागपुर: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VNIT) के एक कार्यक्रम में शनिवार को उन्होंने कहा, “दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।” आयुष्मान भारत योजना से मुंह मोड़ते अस्पताल, मरीजों की बढ़ी चिंता सरकारी आंकड़ों ने खोली हकीकत, 2024-25 में सिर्फ 2113 अस्पताल जुड़े योजना से गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत इस समय कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी भी मुद्दे का नाम नहीं लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर भारत को ‘विश्वगुरु’ बनना है, तो हमें आयात (इंपोर्ट) कम करने और निर्यात (एक्सपोर्ट) को बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, “विश्व में हम अनेक तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।” गडकरी का यह बयान देश को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मंच पर भारत की ताकत को बढ़ाने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है। उनका मानना है कि जब तक हम आयात पर अपनी निर्भरता कम नहीं करेंगे और निर्यात को बढ़ावा नहीं देंगे, तब तक हम आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो सकते। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। गडकरी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि देश को एक मजबूत आर्थिक स्थिति में लाने के लिए नवाचार, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता पर जोर देना आवश्यक है।
‘पीएम इंटर्नशिप’ योजना फिर होगी शुरू, अब न्यूनतम उम्र 18 साल, स्टाइपेंड और अवधि भी बढ़ेगी
नई दिल्ली: युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की पीएम इंटर्नशिप योजना में कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। योजना के शुरुआती दो चरण सफल नहीं रहे, जिसके बाद सरकार ने इसका गहन अध्ययन कराया। इस अध्ययन में योजना की चार प्रमुख खामियाँ सामने आईं, जिनमें कंपनी की लोकेशन और उम्र सीमा जैसी समस्याएं शामिल थीं। इन खामियों को दूर करने के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने एक नया रोडमैप तैयार किया है। इस नए रोडमैप को अब प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपा जाएगा। इसके बाद, इस योजना को साल 2026-27 में ₹10,000 करोड़ से अधिक के बड़े बजट के साथ दोबारा लागू किया जाएगा। फिलहाल इस योजना का बजट ₹380 करोड़ है, जिसे काफी बढ़ाया जा रहा है। योजना में किए जा रहे प्रमुख बदलाव: न्यूनतम उम्र सीमा: इंटर्नशिप के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल की जाएगी। इससे अधिक से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। बढ़ेगा स्टाइपेंड: इंटर्न्स को मिलने वाले स्टाइपेंड (वजीफा) की राशि में बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें और योजना में उनकी रुचि बढ़े। अवधि में विस्तार: इंटर्नशिप की अवधि को 6 महीने से बढ़ाकर एक साल तक किया जाएगा। इससे इंटर्न्स को काम सीखने और अनुभव प्राप्त करने का पर्याप्त समय मिलेगा। अन्य खामियाँ दूर होंगी: कंपनी की लोकेशन जैसी अन्य खामियों को भी दूर किया जाएगा, ताकि युवाओं को देश की शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका मिल सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के बजट भाषण में इस योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत 5 साल में देश की टॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को पेड इंटर्नशिप देने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के लिए 15 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन भी हुए थे, लेकिन खामियों के कारण इसे रोक दिया गया था। अब इन बड़े बदलावों के साथ, सरकार को उम्मीद है कि यह योजना युवाओं के लिए अधिक प्रभावी और फायदेमंद साबित होगी।
सेना प्रमुख बोले- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हम और दुश्मन दोनों खेल रहे थे शतरंज
नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ इस ऑपरेशन के दौरान सरकार ने सेना को पूरी तरह से ‘फ्री हैंड’ दिया था। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तुलना शतरंज के खेल से की, जहां न तो उन्हें और न ही दुश्मन को पता था कि अगला कदम क्या होगा। दोस्त ने मोबाइल मांगा, नहीं दिया तो चाकू घोंपकर मर्डर:दोनों दोस्त साथ में जल चढ़ाने बाबाधाम गए थे जनरल द्विवेदी ने 4 अगस्त को आईआईटी मद्रास में ‘अग्निशोध’- इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) के उद्घाटन समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर- आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक नया अध्याय’ विषय पर भी संबोधित किया। सेना प्रमुख ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने हमें फ्री हैंड दिया था। हम इस ऑपरेशन में शतरंज खेल रहे थे। न हमें पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और न ही दुश्मन को पता था कि हम क्या करने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम शतरंज की चालें चल रहे थे और वह (दुश्मन) भी शतरंज खेल रहा था। कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे तो कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी हार मान रहे थे, लेकिन यही तो जिंदगी है।” उन्होंने इस स्थिति को ‘ग्रे जोन’ बताया, जिसका मतलब है कि यह कोई पारंपरिक सैन्य ऑपरेशन नहीं था। जनरल द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक सुनियोजित और खुफिया-आधारित ऑपरेशन बताया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति में एक सैद्धांतिक बदलाव को दर्शाता है। उनका यह बयान न केवल सेना के साहस और रणनीति को दर्शाता है, बल्कि आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार और सेना के बीच समन्वय और विश्वास को भी उजागर करता है।
राखी के रंग में रचा कोरबा, मंत्री देवांगन को मिली 10 हज़ार बहनों का आशीर्वाद”
loksadan बहनों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत – मंत्री देवांगन कोरबा। रक्षाबंधन का पर्व इस बार कोरबा में विशेष उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया, जब वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री और लोकप्रिय जननेता श्री लखन लाल देवांगन ने हज़ारों बहनों के साथ यह पावन पर्व मनाया। सुबह 11 बजे से ही पंचवटी के समीप स्थित शासकीय आवास बहनों के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता से सराबोर हो गया। मंत्री श्री देवांगन ने हर बहन का मुस्कुराकर स्वागत किया, तिलक ग्रहण किया और स्नेह से राखी बंधवाई। भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कोरबा एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई ‘लाड़ली बहनों’ ने मंत्री जी को राखी बांधकर नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा— “राखी का यह धागा सिर्फ एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। बहनों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और मैं उनके सम्मान एवं सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित हूँ।” मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री हर बहन को प्रणाम कर आशीर्वाद ले रहे थे, बच्चों को दुलार रहे थे और बुजुर्ग माताओं के चरण स्पर्श कर रहे थे। उनकी कलाई पर सैकड़ों रंग-बिरंगी राखियाँ बंध चुकी थीं, जिनमें हर धागा आशीर्वाद और विश्वास का प्रतीक था। पूरे आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रही और प्रत्येक बहन को मिठाई एवं भेंट प्रदान की गई। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वैशाली रत्नपारखी, कोरबा मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, दर्री मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष राजेश राठौर, बालको मंडल अध्यक्ष दिलेंद्र यादव, सर्वमंगला मंडल अध्यक्ष मनीष मिश्रा सहित कई गणमान्य एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















