सर्पदंश से हुई दो मौतों पर परिजनों को 4 – 4लाख की सहायता, प्रशासन ने दी स्वीकृति।
बीजापुर – जिले में सर्पदंश की दो दर्दनाक घटनाओं में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के परिजनों को शासन द्वारा आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम गौराबेड़ा (थाना भैरमगढ़) की निवासी दिवंगत शिवबती यादव के पिता श्री जगनाथ यादव और ग्राम पेदापाल (थाना मिरतुर) के दिवंगत मोटूराम पोड़ियामी की पत्नी श्रीमती सरिता पोड़ियामी को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्राकृतिक आपदा प्रबंधन मद से स्वीकृत यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाने के निर्देश संबंधित राजस्व अधिकारियों को दिए गए हैं।
बीजापुर में स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में फैलाई जा रही जागरूकता की अलख।
बीजापुर – जिले भर में 1 से 7 अगस्त तक ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी की निगरानी में यह अभियान ग्राम स्तर तक पहुँचाया गया। जिले के सभी 46 सेक्टरों के आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेक्टर पर्यवेक्षकों और परियोजना अधिकारियों ने ग्रामों में जाकर महिलाओं, माताओं और किशोरियों को स्तनपान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि स्तनपान नवजात के लिए न केवल पोषण का सर्वोत्तम स्रोत है, बल्कि यह बच्चे के मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और कुपोषण से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने से शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है, लेकिन हाल के आँकड़ों के अनुसार यह दर चिंताजनक रूप से घट रही है, जो चिंता का विषय है। इस वर्ष का थीम “अंतर को कम करना” इस बात पर बल देता है कि सभी नवजातों को समान अवसर मिलना चाहिए, खासकर जीवन के पहले घंटे में मां का दूध प्राप्त करने का। धात्री माताओं को समझाया गया कि शिशु के पहले छह महीनों तक मां का दूध ही संपूर्ण आहार होता है, यहां तक कि ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती। माताओं को यह भी बताया गया कि स्तनपान शिशु में सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को भी बढ़ाता है। जनजागरूकता को और सशक्त बनाने के लिए बीजादूतीर स्वयंसेवकों और आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के समुदायों में स्तनपान की जानकारी दें और इस सामाजिक अभियान को जन – जन तक पहुंचाए।
अब क्या करेंगे ट्रंप? टैरिफ वार के बीच भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन
नई दिल्ली। रूस से तेल खरीदने को लेकर ट्रंप ने भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस से तेल नहीं खरीदना चाहिए। हालांकि, भारत ने साफ कहा कि राष्ट्रीय हित से कोई समझौता नहीं करेंगे। इस बीच ट्रंप को एक बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसी महीने में भारत का दौरा करने वाले हैं। इस बात की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को दी। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर जाएंगे। बताया जा रहा है कि पुतिन के दौरे को लेकर अभी तारीखों का एलान नहीं हुआ है। इसी महीने होगा पुतिन का दौरा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन का ये भारत दौरा इसी महीने के अंत में हो सकता है। बता दें कि ये दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ रहे हैं। रूस से व्यापार खासकर तेल खरीद को लेकर ट्रंप भारत पर भड़के हैं। ट्रंप ने भारत पर लगाए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क ट्रंप ने नाराजगी में बुधवार को एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के कारण भारत से आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। इसके अलावा अमेरिका ने ये भी धमकी दी है कि अगर रूस यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए सहमत नहीं होता है तो, वह रूसी तेल के खरीदारों पर अतिरिक्त शुल्क लगाएगा।
दर्री सीएसईबी प्लांट में शॉर्ट सर्किट की घटना, युवक गंभीर रूप से झुलसा अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू रायपुर रेफर
दर्री, 7 अगस्त 2025 – दर्री सीएसईबी प्लांट के स्विच गियर रूम के पास आज सुबह लगभग 10:30 बजे एक शॉर्ट सर्किट की घटना घटी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से युवक के हाथ और चेहरा जल गया। घायल युवक की पहचान अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद सुरेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए सीएसईबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर के कालरा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
भैरमगढ़ को मिला 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, जांगला का आयुष्मान केंद्र बनेगा मॉडल हेल्थ सेंटर।
बीजापुर – छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने बीजापुर जिले के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और योजनाओं की जमीनी प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने भैरमगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों की सुविधा दिए जाने की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है और इससे सुदूर ग्रामीणों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। मंत्री जायसवाल के साथ इस निरीक्षण दौरे में सीजीएमएससी चेयरमैन दीपक महस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य आयुक्त प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत की सीईओ नम्रता चौबे सहित जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि इलाज की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, और हर मरीज को समय पर, सटीक और सुलभ इलाज मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने “निक्षय मित्र योजना” के अंतर्गत टीबी से पीड़ित मरीजों को पोषणयुक्त फूड बास्केट प्रदान की। उन्होंने मरीजों से संवाद करते हुए उन्हें दवाएं नियमित रूप से लेने और इलाज बीच में न छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह प्राथमिकता है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित किसी भी मरीज को पोषण की कमी न झेलनी पड़े और इलाज के दौरान उन्हें हरसंभव सहयोग मिले। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीजापुर के जांगला से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना को गरीबों और आदिवासियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह योजना अब देश के कोने-कोने में स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी बन चुकी है। उन्होंने जांगला के आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए उसे “मॉडल हेल्थ सेंटर” के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके भवन की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए और यहां सभी मूलभूत सुविधाएं सुलभ हों। स्वास्थ्य मंत्री ने जांगला में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया, जो पर्यावरण और पारिवारिक मूल्यों को जोड़ने वाली अभिनव पहल है। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को “आयुष्मान वय वंदना कार्ड” भी वितरित किए, जिससे बुजुर्गों को मुफ्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
दर्री सीएसईबी प्लांट में शॉर्ट सर्किट की घटना, युवक गंभीर रूप से झुलसा अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू रायपुर रेफर
Lakosadan .भागीरथी यादव। दर्री, 7 अगस्त 2025 – दर्री सीएसईबी प्लांट के स्विच गियर रूम के पास आज सुबह लगभग 10:30 बजे एक शॉर्ट सर्किट की घटना घटी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से युवक के हाथ और चेहरा जल गया। घायल युवक की पहचान अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद सुरेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए सीएसईबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर के कालरा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मलेरिया मुक्त बीजापुर अभियान को मिलेगी रफ्तार, मंत्री जायसवाल ने दिए सख्त निर्देश।
बीजापुर – छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने बीजापुर प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से कई स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले भैरमगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जांगला का आयुष्मान आरोग्य मंदिर, और नैमेड़ स्थित बालिका पोटाकेबिन का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचकर वहां संचालित उमंग मातृ- शिशु संस्थान सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, दवाई की उपलब्धता और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार के संबंध में सीधा संवाद किया। निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में श्री जायसवाल ने जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल, सघन वन क्षेत्र वाले जिले में यदि मलेरिया को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन सकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि मलेरिया उन्मूलन के लिए केवल प्रचार-प्रसार से काम नहीं चलेगा, बल्कि घर-घर जाकर मलेरिया की स्क्रीनिंग, रक्त जांच, तथा धनात्मक (पॉजिटिव) पाए जाने वाले मरीजों को तत्काल पूर्ण उपचार मुहैया कराया जाना अनिवार्य है। मंत्री ने यह भी कहा कि इलाज अधूरा न रहे, यह सुनिश्चत करने के लिए स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को दवा की पूरी खुराक दिलवाएं और उसका सेवन कराएं, ताकि बीमारी की पुनरावृत्ति की संभावना समाप्त हो। केवल मलेरिया ही नहीं, मंत्री ने जिले में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों में बढ़ते कुपोषण और एनीमिया पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों को नियमित रूप से अंडा और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए, तथा गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन युक्त आहार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से दी जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पोषण और स्वच्छता के क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि समुदाय स्वयं अपनी सेहत के प्रति सजग बन सके। स्वास्थ्य मंत्री ने बीजापुर जैसे दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताया और कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं को इस उद्देश्य से और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कई गांव और आदिवासी बस्तियां ऐसी हैं जहां चारपहिया एम्बुलेंस पहुंचना मुश्किल होता है, वहां के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा, जिससे इमरजेंसी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने सभी एम्बुलेंस वाहनों की मरम्मत, ईंधन आपूर्ति और ड्राइवरों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी घोषणा की कि बीजापुर में स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत करने के उद्देश्य से बजट में स्वीकृत नवीन 220 सीटर जिला अस्पताल तथा नर्सिंग कॉलेज का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए जमीन चयन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि सभी उपस्वास्थ्य केंद्रों, पीएचसी व सीएचसी में सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें। इस व्यापक निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे सहित जिले के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि स्वास्थ्य जैसे विषय में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राहुल का आरोप- EC ने BJP के साथ चुनाव चुराया:स्क्रीन पर वोटर लिस्ट दिखाकर दावा- महाराष्ट्र में 40 लाख संदिग्ध नाम
नई दिल्ली।’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों पर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रजेंटेशन दिया। राहुल ने स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा, दोनों ही राज्यों की वोटर लिस्ट में संदिग्ध वोटर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नतीजे देखने के बाद हमारा शक पुख्ता हुआ कि चुनाव में चोरी हुई है। मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट नहीं देने से हमें भरोसा हुआ कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र के चुनाव की चोरी की है। राहुल ने कहा कि हमने यहां वोट चोरी का एक मॉडल पेश किया, मुझे लगता है कि इसी मॉडल का प्रयोग देश की कई लोकसभाओं और विधानसभाओं में हुआ। कर्नाटक में एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग बूथ की वोटर लिस्ट में मौजूद है। लिस्ट में कई जगह लोगों के फोटो नहीं हैं। वहीं, कई जगह फर्जी पते लिखे गए हैं।
नेशनल-हाईवे पार करते दिखा 46 हाथियों का झुंड, VIDEO:कोरबा के 85 गांव में लगा सायरन
कोरबा जिले में बंजारी गांव के पास नेशनल हाईवे-130 पर हाथियों का झुंड सड़क पार करता नजर आया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो बुधवार (6 अगस्त) की शाम का है। वीडियो में 46 हाथी एक साथ नजर आ रहे है, इनमें बेबी ऐलीफेंट भी शामिल है। मामला कटघोरा वन मंडल क्षेत्र का है। जब हाथियों का झुंड रोड क्रॉस कर रहा था तब सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और यातायात कुछ समय के लिए रुक गया। इस झुंड को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। वहीं वन विभाग ऐप के जरिए हाथियों की निगरानी कर रहा। सायरन सिस्टम से गांव वालों को अलर्ट किया जा रहा।
टैरिफ के जाल में उलझा भारत: ट्रंप की व्यापार नीति से भारत को सबसे ज्यादा नुकसान।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति की याद दिलाई है। अपने दूसरे संभावित कार्यकाल के लिए, उन्होंने अपनी व्यापार नीति को केंद्र में रखा है, जो वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत है। इस नीति का मुख्य जोर व्यापार घाटे को कम करना और ‘मेक इन अमेरिका’ के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। ट्रंप की यह आक्रामक नीति न सिर्फ वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है, बल्कि भारत, चीन, वियतनाम और अन्य एशियाई देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। जेल से फरार तीसरा बंदी भी पकड़ा गया ट्रंप की व्यापार नीति का केंद्र: ट्रंप का मानना है कि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार में घाटे में चल रहा है, जिसका सीधा असर अमेरिकी नौकरियों और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसी सोच के तहत, उन्होंने विभिन्न देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। उनका मानना है कि इन टैरिफों से अमेरिकी कंपनियां देश में ही उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित होंगी और अमेरिकी श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। एशियाई देशों पर संभावित प्रभाव: भारत, चीन, वियतनाम और अन्य एशियाई देश अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक भागीदार हैं। इन देशों से अमेरिका में बड़े पैमाने पर सामान निर्यात होता है। ट्रंप की व्यापार नीति के तहत, इन देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लग सकता है। चीन: चीन के साथ तो ट्रंप ने पहले ही व्यापार युद्ध छेड़ रखा था। दूसरे कार्यकाल में यह और भी उग्र हो सकता है। चीन के उत्पादों पर टैरिफ बढ़ने से उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। भारत: भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ट्रंप की नीति के तहत, भारतीय उत्पादों, विशेषकर कपड़ा, चमड़े के सामान और अन्य विनिर्मित वस्तुओं पर टैरिफ लगाया जा सकता है। इससे भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है। वियतनाम और अन्य देश: वियतनाम जैसे देशों, जो तेजी से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन रहे हैं, पर भी ट्रंप की नीति का असर पड़ सकता है। वैश्विक व्यापार पर असर: ट्रंप की यह नीति सिर्फ अमेरिका और उसके व्यापारिक भागीदारों तक सीमित नहीं रहेगी। यह वैश्विक व्यापार नियमों को भी चुनौती दे सकती है। टैरिफ और प्रतिबंधों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया में कीमतें बढ़ सकती हैं और आर्थिक विकास धीमा हो सकता है। आगे की राह: ट्रंप की व्यापार नीति ने भारत और अन्य एशियाई देशों को एक चुनौती दी है। इन देशों को अपनी व्यापार नीतियों की समीक्षा करनी होगी और अमेरिका के साथ संभावित टकराव से बचने के लिए वैकल्पिक रणनीतियों पर विचार करना होगा। उन्हें अपने घरेलू बाजारों को मजबूत करने, अन्य व्यापारिक भागीदारों की तलाश करने और अपनी निर्यात टोकरी में विविधता लाने पर ध्यान देना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत और एशियाई देश ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का सामना करने के लिए एकजुट होते हैं या फिर अकेले ही इस चुनौती का सामना करते हैं।














